गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-3 इलाके में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां रविवार को एक पुराने मकान की दूसरी मंजिल का छज्जा अचानक ढह गया। इस दुर्घटना की चपेट में आने से नीचे की मंजिलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और निर्माण कार्य में जुटे लोग मलबे के नीचे दब गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए राहत कार्यों का जायजा लिया है।
मकान मालिक और ठेकेदार को आई गंभीर चोटें
इस हादसे में मकान मालिक कन्हैया यादव और मरम्मत का काम संभाल रहे एक निजी ठेकेदार को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिस बी-1 ब्लॉक में यह घटना हुई है, वहां के आवासीय भवन लगभग तीन दशक पुराने हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दूसरी मंजिल के उस छज्जे में पहले से ही गहरी दरारें विकसित हो चुकी थीं, जिसके कारण वह कमजोर हो गया था।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
हादसे के समय कन्हैया यादव ने भवन की मरम्मत के लिए एक निजी ठेकेदार को बुलाया था और मौके पर काम चल रहा था। काम के दौरान ही अचानक छज्जा भरभराकर नीचे आ गिरा और दोनों लोग मलबे की चपेट में आ गए। घायल अवस्था में दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि इस क्षेत्र के पुराने और जर्जर छज्जों की खस्ता हालत को लेकर पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
सीलन और पानी जमा होना बना बड़ी वजह
अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, छतों पर लगातार पानी जमा होने और दीवारों में सीलन आने के कारण पुरानी इमारतों की संरचनात्मक मजबूती लगातार कमजोर हो रही है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने पुराने मकानों की समय-समय पर तकनीकी जांच करवाएं और किसी भी बड़े हादसे से बचने के लिए समय रहते जरूरी मरम्मत का काम पूरा करवा लें।





















