गुरुग्राम जिले के सोहना इलाके में बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा घटित हुआ। राजस्थान स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लौट रहे एक ही परिवार के सदस्यों की कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी एक बस से सीधे टकरा गई। इस दर्दनाक टक्कर के चलते परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी और एक मासूम बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
गुरुवार तड़के धुनेला गांव के निकट हुआ हादसा
यह भीषण सड़क हादसा गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हुआ, जब बॉम्बे एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां अपनी सामान्य रफ्तार से दौड़ रही थीं। सोहना क्षेत्र के धुनेला गांव के समीप मुख्य मार्ग पर एक बस पहले से किनारे खड़ी हुई थी। उसी दौरान राजस्थान की दिशा से आ रही कार धुनेला के पास पहुंची और अचानक अपना नियंत्रण खो बैठी। अनियंत्रित होते ही कार सीधे जाकर उस खड़ी बस के पिछले हिस्से में जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक और जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।
बालाजी मंदिर में दर्शन के बाद दिल्ली लौट रहा था परिवार
हादसे का शिकार बना यह परिवार मूल रूप से दिल्ली के रजोकरी इलाके में किराए के मकान में रहता था। परिवार के मुखिया बम बम कुमार पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे और अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह अपनी पत्नी रूपा देवी और तीनों बच्चों को साथ लेकर श्रद्धाभाव से राजस्थान में स्थित बालाजी मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर में विधिवत दर्शन और पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद सभी लोग कार में सवार होकर दिल्ली स्थित अपने घर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही यह अनहोनी घट गई।
तीन लोगों की मौके पर मौत, दो बच्चे अस्पताल में भर्ती
इस भीषण टक्कर में कार चालक बम बम कुमार, उनकी धर्मपत्नी रूपा देवी और उनकी बेटी माही की गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कार में सवार 11 वर्षीय आयुष और मात्र 1 वर्ष की एक मासूम बच्ची लहूलुहान हालत में अंदर ही फंस गए। भयानक आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और एक्सप्रेसवे पर नियमित गश्त कर रही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में तब्दील हो चुकी कार से सभी हताहतों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से पास के अस्पताल पहुंचाया गया।
आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे मासूम
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही बम बम कुमार, रूपा देवी और माही को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल 11 साल के आयुष और 1 साल की मासूम बच्ची को तत्काल गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। चिकित्सकों की देखरेख में दोनों बच्चों का सघन इलाज चल रहा है, लेकिन दोनों की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस ने शुरू की दुर्घटना के कारणों की जांच
श्रद्धा और भक्ति की पावन यात्रा से लौट रहे एक हंसते-खेलते परिवार के उजड़ जाने की खबर मिलते ही रजोकरी में उनके परिजनों और पड़ोसियों के बीच मातम पसर गया है। पुलिस प्रशासन ने तीनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की औपचारिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एक्सप्रेसवे पर कार का संतुलन अचानक कैसे बिगड़ा, क्या चालक को झपकी आई थी या फिर किसी तकनीकी खराबी के चलते यह अनियंत्रित हुई। फिलहाल मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।



















