हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक रिहायशी हाईराइज सोसाइटी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीस वर्षीय एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी अट्ठाईस वर्षीय पत्नी की हत्या करने के बाद खुद भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह भयावह कदम उठाने से ठीक पहले इंजीनियर ने अपने दफ्तर के सहकर्मियों को एक विस्तृत ईमेल भेजा था, जिसमें उसने लिखा था कि इस दुनिया में यह उसका आखिरी दिन है। जब तक सहकर्मी और मकान मालिक हरकत में आते, तब तक फ्लैट के अंदर दोनों की मौत हो चुकी थी।
सहकर्मियों को सुबह मिला चौंकाने वाला ईमेल
गुरुवार की सुबह करीब सात बजे संबंधित सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी कंपनी के सहयोगियों के इनबॉक्स में एक संदेश भेजा। इस ईमेल में उसने बेहद भावुक और चिंताजनक लहजे में लिखा कि आज धरती पर उसकी जिंदगी का अंतिम दिन है। इसके साथ ही उसने अपनी गंभीर मानसिक परेशानी और भारी तनाव का भी पत्र में उल्लेख किया। युवक ने ईमेल में अपने पिता, दो नजदीकी रिश्तेदारों तथा अपने मकान मालिक के फोन नंबर साझा किए थे। उसने अपने साथियों से अनुरोध किया था कि वे इन नंबरों पर संपर्क करके उसके परिजनों को इस बारे में सूचित कर दें। कार्यालय के सहयोगियों ने जैसे ही यह संदेश देखा, उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत उन नंबरों पर फोन मिलाना शुरू कर दिया।
मकान मालिक की सूचना पर एम3एम मरीना पहुंची पुलिस
ईमेल की जानकारी मिलते ही मकान मालिक को भी इस अनहोनी की भनक लगी। इसके तुरंत बाद, सुबह लगभग आठ बजे मकान मालिक ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना पाकर पुलिस दल सेक्टर अड़सठ में स्थित एम3एम मरीना सोसाइटी पहुंचा। यहां टावर नंबर सात के फ्लैट नंबर एक सौ तीन का दरवाजा बंद था, जिसके मालिक राघव नामक व्यक्ति हैं। पुलिस अधिकारियों ने सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों और इंजीनियर के कुछ सहकर्मियों की मौजूदगी में फ्लैट का दरवाजा खोला। अंदर बेडरूम का दृश्य बेहद खौफनाक था। इंजीनियर का शव कमरे में लगे पंखे से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी का निष्प्राण शरीर फर्श पर पड़ा था। महिला के शव के पास ही एक मजबूत रस्सी भी बरामद की गई।
बेंगलुरु से गुरुग्राम शिफ्ट हुआ था दंपती
जांच में सामने आया कि मृतक युवक की पहचान मोहम्मद असलम के रूप में हुई है, जबकि उसकी मृत पत्नी का नाम फरहाना था। दोनों मूल रूप से केरल के रहने वाले थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। असलम इंडोनेशिया की एक जानी-मानी टेक्नोलॉजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था, जिसका कॉर्पोरेट कार्यालय गुरुग्राम के सेक्टर अट्ठावन में स्थित है। वहीं फरहाना एक गृहिणी थीं। यह दंपती पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में रहता था और असलम वहीं नौकरी करता था। करीब तीन महीने पहले ही उनका तबादला हुआ था और वे बेंगलुरु से गुरुग्राम आए थे। इसके बाद अगस्त के महीने में उन्होंने एम3एम मरीना सोसाइटी के इस फ्लैट को किराए पर लिया था। बताया गया है कि मंगलवार को असलम अपने दफ्तर गया था, जबकि फरहाना घर पर ही थीं।
जहर और गला घोंटने के पहलुओं की गहन जांच
घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या महिला का रस्सी से गला घोंटने से पहले उसे कोई जहरीला पदार्थ दिया गया था। सच्चाई का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने फ्लैट की बारीकी से जांच की है और मौके से मोबाइल फोन तथा लैपटॉप को जब्त कर तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है। केरल में मौजूद दोनों परिवारों को इस दुखद घटना से अवगत करा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















