गुरुग्राम के व्यस्त गोल्फ कोर्स रोड पर एक हैरान करने वाला रोड रेज और हिट एंड रन का मामला सामने आया है, जिसने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार में चल रही एक कार ने महिला बाइकर सिया को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद बाइक करीब 100 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर कल्याण सिंह बैंसला को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। गनीमत यह रही कि पीड़ित बाइकर सिया इस भयावह हादसे के बाद सुरक्षित और ठीक हैं। हालांकि, इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारी आम लोगों को ड्राइविंग के दौरान बेहद सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
सड़क पर विवाद के समय शांत रहें और सुरक्षित दूरी बनाएं
सड़क पर किसी भी तरह की कहासुनी होने पर सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम खुद को शांत रखना है। जब भी ड्राइविंग के दौरान किसी दूसरे वाहन चालक से विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तो उससे नजरें मिलाने या हाथ के इशारे करने से बचें। आक्रामक व्यवहार या गाली-गलौज मामले को और ज्यादा बिगाड़ सकती है। अपनी सांसों पर नियंत्रण रखें और किसी भी उकसावे में न आएं। अगर संभव हो तो अपनी लेन बदल लें, गाड़ी की रफ्तार धीमी करें या वाहन को सड़क के किनारे रोक लें ताकि दूसरा चालक आगे निकल जाए। बाइक चलाते समय हमेशा ट्रैफिक से निकलकर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का प्रयास करें। वहीं अगर आप कार में हैं, तो खिड़कियां बंद रखें और सभी दरवाजे तुरंत लॉक कर लें।
गाड़ी रोककर बाहर निकलने की गलती कभी न करें
बहस शुरू होने के बाद सबसे खतरनाक कदम सड़क के बीच में वाहन खड़ा करके बाहर निकलना होता है। आंकड़े और पुरानी घटनाएं बताती हैं कि ज्यादातर मामलों में शारीरिक हिंसा और मारपीट तभी होती है जब चालक अपने वाहन से बाहर उतर आता है। इसलिए बहस होने के बावजूद गाड़ी के अंदर ही बने रहें। यदि सामने वाला व्यक्ति कार से उतरकर आपकी तरफ आक्रामक तरीके से आता भी है, तो उससे उलझने के बजाय अपने वाहन के दरवाजे बंद रखें और सुरक्षित रूप से वहां से निकल जाने का रास्ता खोजें। सड़क पर खड़े होकर तर्क-वितर्क करना आपकी जान को जोखिम में डाल सकता है।
नम्रता दिखाएं और स्थिति को शांत करने का प्रयास करें
किसी भी बड़े झगड़े या हादसे को टालने का सबसे कारगर तरीका अपनी ओर से शांति बनाए रखना है। यदि सामने वाले चालक ने कोई गलती की भी है, तो उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाना ही समझदारी है। अगर आपको लगता है कि आपकी तरफ से कोई चूक हुई है या सामने वाला व्यक्ति ज्यादा उत्तेजित हो रहा है, तो बिना संकोच के हल्के शब्दों में माफी मांग लें। ऐसा करने से आपकी प्रतिष्ठा कम नहीं होगी, बल्कि एक बड़ा हादसा होने से टल सकता है। हमेशा शांत और विनम्र आवाज में बात करें, क्योंकि अक्सर धीमी आवाज और संयमित भाषा सामने वाले के गुस्से को ठंडा कर देती है। जैसे को तैसा वाला रवैया कभी न अपनाएं।
सुरक्षित तरीके से सबूत और वाहन की जानकारी जुटाएं
अगर स्थिति आपके शांत रहने के बाद भी बिगड़ती जा रही है और सामने वाला व्यक्ति ज्यादा आक्रामक हो रहा है, तो अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साक्ष्य जुटाना शुरू करें। अपने मोबाइल फोन से आरोपी वाहन की नंबर प्लेट, उसका चेहरा और घटना का छोटा वीडियो बनाने का प्रयास करें। हालांकि, वीडियो बनाते समय कभी भी आरोपी के ठीक सामने न जाएं। कार में डैशकैम लगा होना ऐसे मामलों में बेहद फायदेमंद साबित होता है। डैशकैम में रिकॉर्ड हुई फुटेज पुलिस की कानूनी जांच में सबसे पुख्ता सबूत बनती है और आपको मजबूत पक्ष प्रदान करती है।
तत्काल 112 पर कॉल करें और पुलिस की मदद लें
जब हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होने लगें, तो खुद से कोई कदम उठाने के बजाय तुरंत आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर संपर्क करें। यदि आप अपने वाहन को चला पाने की स्थिति में हैं, तो सीधे किसी नजदीकी पुलिस स्टेशन या किसी भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान की ओर बढ़ें। पुलिस को फोन करते समय अपनी सटीक लोकेशन, समय, आरोपी वाहन का नंबर और घटना का संक्षिप्त ब्योरा स्पष्ट रूप से दें। जब तक पुलिस बल मौके पर न पहुंचे, तब तक ट्रैफिक में रुकावट न डालें और शांत बने रहें। कभी भी ऐसा कोई कदम न उठाएं जो आपको सीधे खतरे में डाल दे।



















