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हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED का छापा, 248 करोड़ के रियल एस्टेट घोटाले में बड़ी कार्रवाईहरियाणा
17 सित॰ 2026, 12:33 pm (1 दिन पहले)· 0

हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED का छापा, 248 करोड़ के रियल एस्टेट घोटाले में बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के तीन ठिकानों पर छापेमारी की है, जहां 661 निवेशकों के लगभग 248 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जांच चल रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के खिलाफ गुरुग्राम में एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी की टीमें पूर्व मंत्री से जुड़े तीन अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। यह पूरी कार्रवाई एक रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में की जा रही है। आरोप है कि इस कंपनी के जरिए निवेशकों से जुटाई गई भारी-भरकम राशि का गलत इस्तेमाल किया गया है। ईडी के अधिकारी पूर्व मंत्री के आवास, उनके फार्म हाउस और व्यावसायिक कार्यालयों पर मौजूद दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।

सैकड़ों निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप

जांच के दौरान सामने आया है कि इस मामले में करीब 661 निवेशकों से कुल 248.46 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जुटाई गई थी। निवेशकों को विभिन्न कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने के लिए आकर्षित किया गया था। इस दौरान उनसे कई लुभावने वादे किए गए थे, जिसमें तय समय पर संपत्तियों का कब्जा देना, नियमित लीज रेंटल का भुगतान करना, पैसा वापस करने की गारंटी और सेल डीड निष्पादित करना शामिल था। हालांकि, भारी निवेश हासिल करने के बाद भी कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। निवेशकों को न तो संपत्तियों का कब्जा मिला और न ही उनके पैसे वापस किए गए।

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फंड ट्रांसफर और PMLA के तहत कार्रवाई

केंद्रीय जांच एजेंसी का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि निवेशकों से जुटाए गए धन का असल में क्या हुआ। शुरुआती जांच के संकेतों से पता चलता है कि होम बायर्स के इस फंड को कथित तौर पर डायवर्ट किया गया था। इस पैसे को सीधे तौर पर गोपाल कांडा से जुड़ी कई अन्य कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया था। इसी वित्तीय लेन-देन के ट्रेल और फंड ट्रांसफर के सुरागों को तलाशने के लिए ED ने PMLA की धारा 17 के तहत गुरुग्राम में यह तलाशी अभियान शुरू किया है। छापेमारी के दौरान गोपाल कांडा के गुरुग्राम कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात देखा गया, जबकि अंदर अधिकारी कागजी और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं।

गोपाल कांडा का राजनीतिक सफर

गोपाल कांडा का हरियाणा की राजनीति में एक चर्चित नाम रहा है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सिरसा सीट से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राज्य में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अपना समर्थन दिया था। हालांकि, साल 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में उन्हें सिरसा सीट पर हार का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गोकुल सेतिया ने शिकस्त दी थी। वर्तमान में जांच एजेंसियां उनके कारोबारी और राजनीतिक लेन-देन के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।

सवाल-जवाब

ED ने गोपाल कांडा के ठिकानों पर छापेमारी क्यों की?
ED ने वाटिका लिमिटेड रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े कथित 248.46 करोड़ रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले की जांच के लिए गुरुग्राम में उनके ठिकानों पर छापेमारी की।
इस कथित रियल एस्टेट घोटाले से कितने निवेशक प्रभावित हुए हैं?
इस धोखाधड़ी से लगभग 661 निवेशक प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में अपना पैसा लगाया था।
कंपनी ने निवेशकों से क्या वादे किए थे?
कंपनी ने निवेशकों को तय समय पर कब्जा देने, नियमित लीज रेंटल का भुगतान करने, पैसे की वापसी और सेल डीड निष्पादित करने का वादा किया था।
जांच एजेंसी का मुख्य आरोप क्या है?
एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों से लिए गए फंड को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय गोपाल कांडा से जुड़ी अन्य विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया था।
गोपाल कांडा का राजनीतिक इतिहास क्या है?
कांडा ने 2019 का चुनाव सिरसा से निर्दलीय जीता था और BJP को समर्थन दिया था, लेकिन वह 2024 का विधानसभा चुनाव हार गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

गोपाल कांडा के खिलाफ ED की यह कार्रवाई केवल एक वित्तीय घोटाले की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक और प्रशासनिक मायने भी हैं। 2019 में सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन देने वाले एक प्रभावशाली निर्दलीय विधायक से लेकर 2024 के चुनाव में मिली हार तक, कांडा का राजनीतिक प्रभाव बदला है। चुनाव हारने के बाद बढ़ी यह कानूनी सख्ती यह दर्शाती है कि राजनीतिक संरक्षण समाप्त होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच प्रक्रिया गति पकड़ सकती है। गुरुग्राम जैसे रियल एस्टेट हब में आम निवेशकों के 248 करोड़ रुपये के गबन का यह मामला हरियाणा की राजनीति में व्यवसायी-राजनेताओं के समीकरण और जवाबदेही के मानकों पर नए सवाल खड़े करता है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

अर्जुन की बात को आगे बढ़ाते हुए, वित्तीय बाज़ार और कॉरपोरेट गवर्नेंस के दृष्टिकोण से यह मामला केवल राजनीतिक फेरबदल तक सीमित नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में फंड डायवर्जन और निवेशकों के भरोसे के संकट को उजागर करता है। कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के नाम पर 661 निवेशकों से जुटाई गई राशि को संबद्ध कंपनियों में ट्रांसफर करना यह दर्शाता है कि किस तरह इंटर-कॉरपोरेट लेनदेन के जरिए वित्तीय पारदर्शिता को दरकिनार किया गया। PMLA की धारा 17 के तहत ED की यह सघन कार्रवाई आने वाले समय में रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए फंड्स के सही इस्तेमाल और कॉरपोरेट जवाबदेही को लेकर एक कड़ा वित्तीय मानक तय करेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

इस मामले में PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही छापेमारी केवल दस्तावेज जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपत्तियों की कुर्की की दिशा में पहला ठोस कानूनी कदम है। रियल एस्टेट घोटालों में फंड डायवर्जन का वित्तीय ट्रेल साबित करना सबसे मुख्य चुनौती होती है। यदि जांच एजेंसी यह स्थापित कर पाती है कि निवेशकों की राशि अन्य व्यावसायिक इकाइयों में स्थानांतरित की गई थी, तो अदालत के माध्यम से उन परिसंपत्तियों को जब्त कर पीड़ितों के पैसे की रिकवरी का रास्ता साफ हो सकता है। आने वाले दिनों में डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच इस केस का भविष्य तय करेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

करण के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला दिखाता है कि कैसे क्षेत्रीय रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में आम निवेशकों के भरोसे का दुरुपयोग किया जाता है। कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के नाम पर 248 करोड़ रुपये से अधिक का फंड डायवर्जन केवल एक वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि नियामक निगरानी की कमियों को भी उजागर करता है। 2024 के चुनाव में मिली हार के बाद कांडा के राजनीतिक समीकरण बदले हैं, जिससे जांच पर राजनीतिक प्रभाव की गुंजाइश कम होती है। अब सारा दारोमदार इस बात पर है कि ईडी फॉरेंसिक साक्ष्यों से फंड ट्रेल को कितनी मजबूती से साबित करती है, ताकि पीड़ित निवेशकों को राहत मिल सके।

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