पाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीनाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्टअमृतसर के चीते कलां में आम आदमी पार्टी सरपंच के बेटे की गोली मारकर हत्या, साथी जख्मी
आहार में फाइबर की कमी से शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, डॉक्टर सौरभ सेठी ने बताए बचने के उपायस्वास्थ्य
26 सित॰ 2026, 11:00 pm (31 दिन पहले)· 4

आहार में फाइबर की कमी से शरीर में दिखते हैं ये लक्षण, डॉक्टर सौरभ सेठी ने बताए बचने के उपाय

कैलिफ़ोर्निया के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने आहार में फाइबर की कमी से शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया है। फाइबर की कमी होने पर जल्दी भूख लगने, ब्लड शुगर बढ़ने और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

फाइबर हमारे दैनिक आहार और समग्र स्वास्थ्य के लिए एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने, पेट की सेहत को बेहतर बनाने और मल त्याग की प्रक्रिया को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, व्यस्त जीवनशैली और गलत खानपान के कारण लोग अक्सर अपने भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर शामिल करना भूल जाते हैं। कैलिफ़ोर्निया में रहने वाले जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने उन प्रमुख संकेतों के बारे में विस्तार से बताया है, जो यह दर्शाते हैं कि आपके शरीर में फाइबर की कमी हो गई है और इसे समय रहते पूरा किया जाना बेहद जरूरी है।

फाइबर की कमी होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये मुख्य संकेत

  • खाना खाने के बाद जल्दी भूख लगना: डॉक्टर सेठी के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को भरपेट भोजन करने के तुरंत बाद दोबारा भूख का अहसास होने लगे, तो इसकी एक बड़ी वजह उस भोजन में फाइबर की कमी हो सकती है। फाइबर पचने में समय लेता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है।

ये भी पढ़ें
  • खाना खाने के बाद ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ना: घुलनशील फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करने का काम करता है। भोजन के तुरंत बाद ग्लूकोज़ के स्तर में होने वाली अचानक तेज़ी को नियंत्रित करने में भी यह बेहद मददगार साबित होता है।

  • बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना: आहार में फाइबर की पर्याप्त मात्रा न होने पर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भविष्य में दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की संभावना को काफी हद तक बढ़ा देता है।

  • मल का सख्त होना: मल का कठोर हो जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपकी आंतों को पर्याप्त फाइबर नहीं मिल रहा है। डॉक्टर सेठी ने बताया कि फाइबर मल में वॉल्यूम यानी मात्रा को बढ़ाता है और पानी को बांधकर रखता है, जिससे मल त्याग की प्रक्रिया बहुत आसान हो जाती है।

  • मल का ढीला होना: फाइबर केवल कब्ज की समस्या दूर करने के लिए नहीं है, बल्कि यह दस्त या ढीले मल की स्थिति में भी फायदेमंद है। घुलनशील और जेल का निर्माण करने वाला फाइबर अतिरिक्त पानी को सोख सकता है और ढीले मल को सामान्य व सख्त करने में मदद करता है।

  • कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद थकान: यदि आपको कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन करने के फौरन बाद भारी थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो यह शुगर क्रैश का लक्षण हो सकता है। यह स्थिति भी अक्सर भोजन में फाइबर की कमी की वजह से उत्पन्न होती है।

  • नियमित रूप से मल त्याग नहीं होना: दैनिक आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाने से कब्ज से पीड़ित लोगों में मल त्याग की नियमितता में काफी सुधार देखा जा सकता है। डॉक्टर सेठी ने बताया कि कब्ज के कारण पेट की सफाई ठीक से नहीं हो पाती है, जिसे सही फाइबर इंटेक से ठीक किया जा सकता है।

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फाइबर की दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए अपने रोजाना के खानपान में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और सूखे मेवे प्रचुर मात्रा में शामिल करने चाहिए। डॉक्टर सेठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी लोगों को इन लक्षणों के प्रति आगाह किया है ताकि समय रहते खानपान में जरूरी बदलाव किए जा सकें।

    सवाल-जवाब

    फाइबर की कमी के मुख्य लक्षण क्या हैं?
    फाइबर की कमी से जल्दी भूख लगना, ब्लड शुगर बढ़ना, बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, मल का सख्त या ढीला होना और थकान महसूस होना शामिल हैं।
    डॉक्टर सौरभ सेठी कौन हैं?
    डॉक्टर सौरभ सेठी कैलिफ़ोर्निया में रहने वाले एक जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट हैं जिन्होंने फाइबर की कमी के संकेतों की जानकारी दी है।
    फाइबर ब्लड शुगर को कैसे प्रभावित करता है?
    घुलनशील फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करता है जिससे खाने के बाद ग्लूकोज़ का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है।
    क्या फाइबर की कमी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?
    हाँ, फाइबर की कमी होने पर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है जिससे हृदय रोग की संभावना बढ़ती है।
    मल त्याग की अनियमितता कैसे दूर होती है?
    आहार में सही प्रकार और पर्याप्त मात्रा में फाइबर शामिल करने से मल की बनावट और नियमितता में सुधार होता है।
    संपादकीय नीति सुधार नीति

    टिप्पणियाँ 5

    Ravikash Gupta@ravikash·30 दिन पहले

    कल ही मेरे एक दोस्त को खाना खाने के तुरंत बाद फिर से भूख लगने की शिकायत थी। डॉक्टर सेठी की ये बातें बिल्कुल सही लगीं, हमें सचमुच अपनी डाइट में फाइबर बढ़ाने की जरूरत है।

    Carlos Mendoza@carlos-mendoza·30 दिन पहले

    अमेरिका में रहते हुए फास्ट फूड खाना बहुत आसान है, और कुछ साल पहले जब मुझे भी अचानक थकान और पेट की दिक़्क़तें होने लगीं, तब डॉक्टर ने प्लेट में सलाद और साबुत अनाज बढ़ाने को कहा था। सचमुच, थोड़ा सा फाइबर बदलते ही दिनभर की ऊर्जा का स्तर सुधर जाता है।

    Tanvi Desai@tanvi-desai·30 दिन पहले

    कार्लोस, बिल्कुल सही कहा आपने! हॉलीवुड के लंबे शूट के बीच मेरे वैनिटी बैग में हमेशा सेब और बादाम रहते हैं, वरना सेट पर थकान और भूख से बुरा हाल हो जाता है।

    Nyra Kaif@nyra-kaif·30 दिन पहले

    लंच के तुरंत बाद दोबारा भूख लगना और थकान होना, ये दोनों तो मेरी रोज की कहानी बन गए थे। कभी सोचा ही नहीं था कि सारा चक्कर बस फाइबर की कमी का है।

    Priya Sharma@priya-sharma·30 दिन पहले

    अरे नायरा, हर छोटी बात को सीधे फाइबर की कमी मान लेना थोड़ा ज़्यादा हो जाता है। कभी-कभी काम का तनाव भी इसके पीछे होता है, सिर्फ पेट को दोष देना ठीक नहीं।

    नागरिक पत्रकारिता

    TrendKia पत्रकार बनें

    जनता की आवाज़

    अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

    अभी जुड़ें
    CH 01 लाइव
    TrendKia TV ON AIR
    Chamar no WhatsApp