ग्रह गोचर: शनि-मंगल की चाल से मेष, कन्या, मीन और तुला की चमकेगी किस्मत, मकर-सिंह-कुंभ को सूर्य ग्रहण के दौरान बरतनी होगी सावधानीफुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया उड़ान में 300 फीट की अचानक गिरावट, डोप जांच में पायलट के मारिजुआना सेवन की पुष्टिभाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने वंदे मातरम पर रामजी लाल सुमन को घेरा, आरएसएस पर पवन खेड़ा के दावे को भी खारिज कियाचुनार की डालमिया सीमेंट फैक्ट्री से पटरियों पर दौड़ेगा सीमेंट, अगस्त से शुरू हुई बड़ी ढुलाई सेवागुड़ बनाने का प्लांट लगाकर कमाई का मौका, सरकार दे रही 35 प्रतिशत तक सब्सिडी, जानें कितनी जमीन और पैसा चाहिए28 अगस्त को राखी बांधने के लिए मिलेगा पूरा दिन, सात दशक बाद बना यह दुर्लभ खगोलीय योगबारामती में पति की हत्या कर घर में दफनाने की साजिश नाकाम, पुलिस ने पत्नी पर दर्ज की एफआईआरबंगाल के नदिया में दो भारतीय किसानों के अपहरण के बाद BSF और BGB वार्ता से सुलझा सीमा तनावखगोलीय घटना का गणित: जानिए पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के संरेखण से कैसे घटती है सूर्यग्रहण की प्रक्रियामानसून के मौसम में बेहद खास है हरियाणा की मिर्च कलौंजी सब्जी, जानिए इसे बनाने का सही तरीका
कैंसर से डरने की जरूरत नहीं, जाने डॉ. सूर्य प्रकाश द्वारा बताए गए 4 शुरुआती लक्षण और बचाव के उपायस्वास्थ्य
27 जुल॰ 2026, 5:15 pm (16 दिन पहले)· 0

कैंसर से डरने की जरूरत नहीं, जाने डॉ. सूर्य प्रकाश द्वारा बताए गए 4 शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सूर्य प्रकाश के अनुसार कैंसर से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि समय रहते इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसका स्थायी उपचार पूरी तरह संभव है।

कैंसर एक ऐसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका विकास शरीर के भीतर एक अकेली कोशिका में बदलाव के साथ शुरू होता है। एक कोशिका से दूसरी और फिर क्रमिक रूप से अन्य कोशिकाओं तक इस बीमारी को फैलने में अमूमन कई साल का लंबा वक्त लग जाता है। इन तमाम वर्षों के दौरान हमारा शरीर हमें लगातार विभिन्न माध्यमों से संकेत देता है कि अब स्थिति संभालनी होगी और एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए। इसके बावजूद ज्यादातर आम लोग इन शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज करने की भूल कर बैठते हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि जब कैंसर की कोशिकाएं शरीर के एक हिस्से से निकलकर किसी दूसरे अंग तक पहुंच जाती हैं, तब इस बीमारी का परमानेंट इलाज लगभग असंभव हो जाता है। यही मुख्य वजह है कि चिकित्सक हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि थोड़ी सी भी आशंका या असामान्यता महसूस होने पर बिना देर किए अपनी जांच करवानी चाहिए। शुरुआती चरण में पकड़ी गई बीमारी अक्सर पूरी तरह से ठीक होने का मार्ग प्रशस्त करती है। इसी संदर्भ में प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सूर्य प्रकाश ने कैंसर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

डॉ. सूर्य प्रकाश ने शुरुआत में ही यह स्पष्ट किया है कि कैंसर की बात सुनते ही किसी भी व्यक्ति को मानसिक रूप से डरने या घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में आज ऐसे कई उन्नत उपचार विकल्प और तकनीकें उपलब्ध हैं जो इस बीमारी से प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में सक्षम हैं। यदि इस घातक रोग का पता इसके शुरुआती चरणों में ही चल जाता है, तो कैंसर का स्थायी उपचार होना पूरी तरह संभव है और इसके ठीक होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हम सभी अपने शरीर में उभरने वाले शुरुआती लक्षणों को बारीकी से समझें और उनके प्रति पूरी तरह सतर्क रहें।

ये भी पढ़ें

विशेषज्ञ का कहना है कि यदि शरीर में लंबे समय तक अत्यधिक थकान बनी रहे, लगातार कमजोरी महसूस होती रहे और पर्याप्त आराम करने या भरपूर नींद लेने के बाद भी यह स्थिति ठीक न हो, साथ ही वजन में भी लगातार गिरावट दर्ज हो रही हो, तो यह कैंसर का एक चेतावनी संकेत हो सकता है। सबसे ध्यान देने योग्य बात यह है कि यदि शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए दवाएं लेने के बावजूद थकान खत्म नहीं हो रही है और यह समस्या लगातार तीन महीने से अधिक समय से बनी हुई है, तो इसे किसी भी कीमत पर अनसुना नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के आपका वजन लगातार कम होता जा रहा है, तो यह भी एक बेहद नकारात्मक संकेत माना जाता है। हालांकि, इन लक्षणों का यह एकमात्र अर्थ यह नहीं है कि आपको कैंसर ही है, लेकिन ऐसी परिस्थिति उत्पन्न होने पर आपको तुरंत किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करना चाहिए।

मुंह के अंदर होने वाले छाले और भोजन निगलने में होने वाली असुविधा को भी कभी मामूली नहीं समझना चाहिए। यदि आपके मुंह में छाले निकल आए हैं और वे किसी बाहरी चोट के कारण नहीं हैं, तो यह गंभीर हो सकता है। शरीर के भीतर किसी भी प्रकार के असामान्य बदलाव कैंसर का संकेत हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि अचानक बिना किसी वजह के भूख लगना बंद हो जाए, मुंह के अंदर या बाहर अथवा गले के आसपास किसी गांठ का उभार दिखाई दे, या फिर खाना गटकने में कठिनाई महसूस हो, तो ये सभी लक्षण खतरे की घंटी हो सकते हैं। इसके साथ ही, लगातार बनी रहने वाली खांसी और आवाज में भारीपन जो आसानी से ठीक न हो, वे भी इसी श्रेणी में आते हैं। इन सभी स्थितियों में विलंब किए बिना चिकित्सक से संपर्क करना बुद्धिमानी है।

शरीर के किसी भी हिस्से या स्तन में अचानक गांठ का उभरना अथवा किसी पुराने तिल या चकत्ते के रंग, रूप और आकार में बदलाव दिखना भी बड़ी चेतावनी है। यदि शरीर में कहीं भी कोई नई सूजन या उभार नजर आए, तो सावधान हो जाएं। इसी तरह, यदि स्तन क्षेत्र में किसी प्रकार की गांठ या दाने बन गए हैं और वे दवाइयों के सेवन के बाद भी ठीक होने का नाम नहीं ले रहे हैं, तो यह कैंसर की ओर इशारा कर सकता है। इसके अलावा, शरीर पर पहले से मौजूद किसी तिल या चकत्ते के स्वरूप में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे यानी वह अपने मूल रूप से भिन्न नजर आने लगे, तो यह किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है।

शरीर के किसी भी अंग में लगातार बना रहने वाला दर्द जो समय के साथ ठीक होने के बजाय और अधिक बढ़ता जाए, या फिर बिना किसी ठोस कारण के अचानक नए दर्द की शुरुआत हो जाए, तो ये सभी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इस प्रकार का दर्द पेट में हो सकता है, सिर में महसूस हो सकता है, पेशाब करते समय या मल त्याग के दौरान तकलीफ के रूप में सामने आ सकता है। यदि यह दर्द असाध्य बना रहे, तो इसके पीछे कैंसर की मौजूदगी की संभावना हो सकती है। इसके अतिरिक्त, बिना किसी साफ वजह के शरीर से असामान्य रक्तस्राव होना, मामूली धक्कों से ही बार-बार चोट के निशान पड़ना, मल त्याग की नियमित आदतों में अचानक बदलाव आना जैसे कि लंबे समय तक कब्ज रहना, दस्त होना या मल की बनावट में परिवर्तन दिखना, मल में खून आना, मूत्र त्याग से जुड़ी परेशानियां जैसे पेशाब करते वक्त जलन या दर्द होना, पेशाब में खून आना, या सामान्य से बहुत अधिक अथवा बहुत कम बार पेशाब के लिए जाना, ये तमाम बातें कैंसर के लक्षणों में शामिल हैं। इसके साथ ही, बार-बार बुखार आना या रात के समय शरीर से अत्यधिक पसीना छूटना भी इसी बीमारी की तरफ इशारा कर सकता है।

विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरी नहीं है कि ये सारे लक्षण केवल कैंसर के कारण ही पैदा हों, बल्कि कई अन्य साधारण बीमारियां भी ऐसी स्थितियां उत्पन्न कर सकती हैं। परंतु, यदि इनमें से कोई भी असामान्यता लगातार दो से तीन सप्ताह या उससे अधिक समय तक बनी रहे, बार-बार उभरकर सामने आए या निरंतर बढ़ती चली जाए, तो किसी अच्छे डॉक्टर से पूरी मेडिकल जांच करवाना अनिवार्य हो जाता है। हर बार इसका मतलब कैंसर ही हो, ऐसा आवश्यक नहीं है, इसलिए डरने के बजाय समय पर चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे बेहतर उपाय है।

डॉ. सूर्य प्रकाश ने चेतावनी देते हुए बताया कि बाजार में बिकने वाले अनहेल्दी जंक फूड का अत्यधिक सेवन करना, विभिन्न प्रकार के तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करना और शराब पीने की आदतें कैंसर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने इस आम धारणा को भी खारिज किया कि कैंसर हमेशा वंशानुगत होता है, और स्पष्ट किया कि ऐसे मामले वास्तव में बहुत कम प्रतिशत में ही देखने को मिलते हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि माता-पिता या दादा-दादी से मिलने वाले कुछ विशेष जींस के कारण इस बीमारी का खतरा थोड़ा बहुत अवश्य बढ़ता है, लेकिन अधिकांश मामले अनियंत्रित जीवनशैली, शराब, सिगरेट, गुटखा, खैनी और प्रोसेस्ड खान-पान की वजह से सामने आते हैं। इसलिए इन सभी हानिकारक आदतों को तुरंत प्रभाव से छोड़ देना चाहिए। इसके स्थान पर प्रतिदिन घर का बना ताज़ा भोजन, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फलों को अपनी डाइट में शामिल करें। समय-समय पर सूखे मेवे और बीजों का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें, पूरी नींद लें और मानसिक तनाव को अपने जीवन से कोसों दूर रखें। एक सरल और सादा जीवनशैली अपनाकर आप इस खतरनाक बीमारी को अपने करीब आने से रोक सकते हैं। इसके साथ ही, जैसे ही शरीर में किसी भी प्रकार का हल्का सा परिवर्तन नजर आए, बिना एक पल गंवाए डॉक्टर के पास जाएं।

सवाल-जवाब

कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
लगातार थकान, बिना कारण वजन कम होना, मुंह के छाले, और शरीर या स्तन में गांठ का उभरना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
क्या कैंसर का पूरी तरह इलाज संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बीमारी का पता शुरुआती चरणों में चल जाए तो कैंसर का स्थायी उपचार और पूर्ण सुधार पूरी तरह संभव है।
किन आदतों से कैंसर का खतरा बढ़ता है?
जंक फूड का अत्यधिक सेवन, तंबाकू उत्पादों का उपयोग, शराब पीना और खराब जीवनशैली कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।
डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
यदि कोई भी असामान्य लक्षण 2 से 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR