वजन घटाने की बात आते ही आमतौर पर लोगों के मन में सबसे पहले चावल और रोटी पूरी तरह से बंद करने, बेहद सख्त डाइट अपनाने या फिर जिम में घंटों पसीना बहाने जैसे कड़े विचार आने लगते हैं। इस तरह की बातों से कई लोग वजन कम करने की शुरुआत करने से पहले ही हिम्मत हार बैठते हैं। हालांकि, हर बार मोटापा कम करने की प्रक्रिया इतनी ज्यादा मुश्किल और कष्टदायक हो ऐसा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। हाल ही में मनकीरत कौर नाम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपने वजन घटाने के सफर की पूरी कहानी साझा की है। उन्होंने बिना किसी क्रैश डाइट या अत्यधिक कठिन व्यायाम के अपना वजन 65 किलोग्राम से सफलतापूर्वक कम करके 55 किलोग्राम तक पहुंचा दिया।
खानपान में सुधार और सही आदतों पर जोर
मनकीरत कौर का मुख्य ध्यान खुद को भूखा रखने के बजाय अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने पर केंद्रित था। उन्होंने अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ बेहद छोटे लेकिन परिणाम देने वाले बदलाव किए, जिनकी सहायता से उनका वजन बिना किसी परेशानी के धीरे-धीरे कम होने लगा। उनका पक्का मानना है कि लंबे समय तक टिकने वाले और स्थाई नतीजे हासिल करने के लिए किसी भी चीज में पूर्णता या परफेक्शन की जरूरत नहीं होती, बल्कि लगातार सही नियमों का पालन करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपने इस सफर में कुछ खास आदतों को अपनाया और कुछ गलतियों से पूरी तरह तौबा की, जिसके चलते उन्हें मनचाही सफलता मिल पाई।
आराम से भोजन करना और मात्रा पर नियंत्रण
वजन कम करने के अपने इस पूरे सफर के दौरान मनकीरत कौर ने अपनी खाने की शैली में एक बड़ा बदलाव किया। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे और चैन से खाना वजन घटाने में बहुत अधिक मददगार साबित होता है। पहले वह बहुत कम समय में ही अपना खाना पूरा कर लेती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपने खाने की रफ्तार धीमी की और इसे आराम से 15 से 20 मिनट के समय में पूरा करना शुरू किया। इस तरह धीरे खाने से उनके मस्तिष्क को पेट भरने का संकेत समय पर मिलने लगा, जिससे जरूरत से ज्यादा खाने की उनकी पुरानी आदत पर अपने आप लगाम लग गई। इसके अलावा उन्होंने कभी भी अपनी डाइट से रोटी और चावल जैसी मुख्य चीजों को पूरी तरह बाहर नहीं किया, बल्कि हमेशा उनकी सही मात्रा तय करने और एक संतुलित आहार लेने पर ही पूरा जोर दिया।
लचीलापन और तनाव से दूरी
डाइट को लंबे समय तक बिना किसी बोरियत के चलाने के लिए उन्होंने 80 और 20 के विशेष नियम का सहारा लिया। इसके तहत वह अपने दैनिक जीवन में ज्यादातर समय पूरी तरह से स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन ही करती थीं, लेकिन कभी-कभार अपनी पसंद की कोई भी चीज खाने की पूरी छूट रखती थीं। इस लचीलेपन की वजह से उनके लिए इस जीवनशैली को बनाए रखना बेहद आसान हो गया। इसके साथ ही वजन घटाने की प्रक्रिया में मानसिक रूप से तनावमुक्त रहना भी बहुत जरूरी माना जाता है। जब लोग लगातार हर दिन अपना वजन तौलते हैं और उसमें कोई अंतर नहीं दिखता है, तो तनाव होना बहुत स्वाभाविक है। इस परेशानी से बचने के लिए उन्होंने अपने वजन को बार-बार नियमित रूप से तौलना ही बंद कर दिया।
कठिन कसरत और शॉर्टकट से किनारा
आमतौर पर यह माना जाता है कि बिना घंटों कार्डियो किए वजन कम करना असंभव है, लेकिन इस मामले में यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई। मनकीरत कौर ने जिम में घंटें बिताकर कार्डियो करने के बजाय पैदल चलने, अपने रोजमर्रा के कदमों की संख्या बढ़ाने और पूरे दिन सक्रिय रहने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया। इसके अलावा उन्होंने बाजार में मिलने वाले किसी भी तरह के फैट बर्नर या डिटॉक्स ड्रिंक का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया और किसी भी प्रकार के शॉर्टकट के झांसे में नहीं आईं। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा से ही पर्याप्त प्रोटीन, संतुलित भोजन और एक पौष्टिक आहार का सेवन करना ही रही।
गलतियों से सीख और नियमित भोजन
इस पूरी यात्रा के दौरान यदि कभी उनसे खानपान में कोई गलती हो गई और उन्होंने कुछ अस्वास्थ्यकर खा लिया, तो उन्होंने इसके लिए खुद को कभी दोषी नहीं ठहराया। इसके विपरीत, उन्होंने अगली बार से अपने सामान्य और सही रूटीन की दोबारा से शुरुआत कर दी। कई बार लोग कैलोरी बचाने के चक्कर में अपने भोजन का कोई न कोई हिस्सा छोड़ देते हैं, जिससे उन्हें बाद में और भी अधिक तेज भूख लगती है। इस समस्या से बचने के लिए उन्होंने कभी भी मील स्किप नहीं किया और हमेशा नियमित रूप से समय पर संतुलित भोजन किया। मोटापा कम करना कोई एक बार का काम नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।



















