त्योहारों का मौसम शुरू होते ही लोगों के हाथों में मेहंदी सजाने का उत्साह बढ़ जाता है। त्योहारों की रौनक और उल्लास बढ़ाने में मेहंदी का अहम स्थान माना जाता है। हालांकि जब हाथों में मेहंदी रची हो और उसी दौरान रसोई में खाना बनाने या खाने-पीने का काम करना पड़े, तो कुछ विशेष सावधानियां अपनाना बहुत आवश्यक हो जाता है। मुख्य सवाल यह उठता है कि यदि मेहंदी का पेस्ट या उसका रंग अनजाने में खाने के संपर्क में आ जाए, तो क्या इससे स्वास्थ्य को कोई हानि हो सकती है।
बाजार में मिलने वाली केमिकल वाली मेहंदी से रहें सतर्क
फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट रितिका शर्मा का कहना है कि जब हाथों में मेहंदी लगी हो और आपको रसोई में जाकर खाना तैयार करना हो, तो सबसे पहले यह परखना जरूरी है कि आप किस किस्म की मेहंदी का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्राकृतिक तौर पर घर पर तैयार किया गया मेहंदी का पेस्ट या शुद्ध पत्तियों का उपयोग अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। इसके विपरीत, बाजार में बिकने वाले कई उत्पादों में विभिन्न प्रकार के रसायन मिलाए जाते हैं। इसलिए किसी भी उत्पाद को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच करना बेहद जरूरी है।
पुरानी मेहंदी का डिब्बा या पैकेट खरीदने से पहले करें जांच
बाजार से मेहंदी का कोई भी पैकेट घर लाने से पहले यह भली-भांति देख लेना चाहिए कि वह सामान कहां से बनकर आया है और उसकी सील तथा पैकिंग सही स्थिति में है या नहीं। उत्पाद कितना पुराना है, इस बात की जानकारी रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि कोई मेहंदी बहुत समय से दुकान पर रखी हुई है, तो उसके उपयोग से बचना समझदारी होगी। पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट को हमेशा जांच लें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खुली पैकिंग वाले सामान को खरीदने से पूरी तरह परहेज करें।
हाथों की उचित सफाई है सबसे महत्वपूर्ण कदम
मेहंदी सूखने के बाद हाथों पर उसका रंग छूट जाता है और कई बार नाखूनों के आसपास भी पेस्ट के छोटे-छोटे कण चिपके रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में बिना ठीक से हाथ धोए सीधे रोटियां बनाना या भोजन ग्रहण करना हानिकारक हो सकता है। खाना बनाने से पहले पानी और साबुन का उपयोग करके हाथों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। नाखूनों के कोनों में जमा मेहंदी के अंशों को भी पूरी तरह निकाल देना चाहिए। भोजन तैयार करने या बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाने से पहले हाथों को दो से तीन बार अच्छी तरह धोना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
पारंपरिक रूप से घर पर ही तैयार होती थी शुद्ध मेहंदी
पुराने समय में लोगों का तरीका बिल्कुल अलग था। उस दौर में लोग सीधे मेहंदी के पौधे से हरी पत्तियां तोड़कर लाते थे और उन्हें घर पर ही सिलबट्टे पर पीसते थे। इसके बाद उस पेस्ट में पानी मिलाकर हाथों पर लगाया जाता था। उस वक्त पूरी प्रक्रिया घर के भीतर ही प्राकृतिक रूप से संपन्न होती थी। आज के भागदौड़ भरे जीवन में लोगों के पास समय की कमी है, जिसके कारण बाजार में मिलने वाले तैयार पाउडर और बने-बनाए कोन का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है।
पैकेट खरीदते समय इन खास बातों पर रखें पैनी नजर
यदि आप घर पर मेहंदी का घोल तैयार करने के लिए बाजार से पाउडर खरीद रहे हैं, तो पैकेट पर छपी सारी जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा, डिब्बे की बाहरी स्थिति, उसके निर्माण की तिथि और समाप्ति तिथि यानी एक्सपायरी डेट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि मेहंदी का पैकेट कहीं से खुला हुआ है या उस पर उत्पाद से जुड़ी जानकारियां स्पष्ट रूप से नहीं लिखी गई हैं, तो उसे खरीदने से बचना ही बेहतर है।
काली मेहंदी देखते ही तुरंत उपयोग करने की भूल न करें
पहले के समय में मेहंदी रचने के बाद हाथों पर हल्का नारंगी, लाल या गहरा भूरा रंग उभरकर आता था। लेकिन आज बाजार में ऐसी सामग्रियां भी उपलब्ध हैं जो लगाने के बेहद कम समय में ही बहुत गहरा या काला रंग प्रदान करती हैं। इस प्रकार की ब्लैक मेहंदी में कई बार अत्यंत तीव्र रसायन मौजूद होते हैं, जो त्वचा के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए केवल कम समय में गहरा रंग मिलने के लालच में आकर किसी भी मेहंदी को अच्छा मान लेना गलत है।
त्वचा पर जलन या लालिमा दिखे तो तुरंत हटा दें मेहंदी
यदि मेहंदी लगाने के तुरंत बाद हाथों में किसी भी प्रकार की जलन, खुजली, लालीपन या अन्य असहजता महसूस हो, तो इसे एक आम बात मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किसी खास घटक से होने वाली एलर्जी या स्किन रिएक्शन का साफ संकेत हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में मेहंदी को तुरंत पानी से धोकर साफ कर देना चाहिए। भविष्य में दोबारा किसी उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना भी बहुत जरूरी साबित हो सकता है।
पहली बार उपयोग करने से पहले जरूर करें पैच टेस्ट
बाजार की नई मेहंदी को सीधे पूरे हाथों पर लगाने के बजाय, उसकी थोड़ी सी मात्रा त्वचा के एक छोटे से हिस्से पर लगाकर परीक्षण किया जा सकता है। कुछ समय तक यह देखना चाहिए कि उस स्थान पर किसी भी तरह की जलन, खुजली या लाल निशान तो नहीं उभर रहे हैं। यदि किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस हो, तो उस उत्पाद का प्रयोग फौरन बंद कर देना चाहिए। त्योहारों के इस उल्लासपूर्ण माहौल में अपनी खूबसूरती का ध्यान रखने के साथ-साथ त्वचा की सुरक्षा और खाने-पीने की साफ-सफाई का ख्याल रखना भी अत्यंत आवश्यक है।



















