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जालौर के नीतेश भटनागर: एक फोन कॉल पर पहुंचाते हैं खून, अब तक 40 से ज्यादा बार कर चुके हैं रक्तदानस्वास्थ्य
15 जून 2026, 5:32 am (45 दिन पहले)· 1

जालौर के नीतेश भटनागर: एक फोन कॉल पर पहुंचाते हैं खून, अब तक 40 से ज्यादा बार कर चुके हैं रक्तदान

जालौर के नीतेश भटनागर खुद 40 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं और जरूरतमंद मरीजों के लिए बिल्कुल मुफ्त खून की व्यवस्था करते हैं, जिसके चलते लोग उन्हें ‘रक्तवीर’ कहकर बुलाते हैं।

राजस्थान के जालौर जिले से एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जो यह याद दिलाती है कि निस्वार्थ सेवा आज भी जिंदा है। यहां के नीतेश भटनागर अब किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे। इलाके के लोग उन्हें प्यार और सम्मान से ‘रक्तवीर’ कहकर पुकारते हैं। वजह साफ है — वे खुद अब तक 40 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं, और जब भी किसी को खून की जरूरत होती है, तो उसके लिए बिना एक रुपया लिए मुफ्त ब्लड की पुख्ता व्यवस्था करवा देते हैं। हजारों मरीजों और उनके परिवारों के लिए वे आज उम्मीद की एक बड़ी किरण बन चुके हैं।

आधी रात के फोन पर भी तुरंत हो जाते हैं सक्रिय

जालौर शहर हो या आसपास के गांव — आपातकाल में जब किसी मरीज को खून चाहिए होता है, तो लोगों के जेहन में सबसे पहला नाम नीतेश भटनागर का ही आता है। अस्पताल में भर्ती कोई गर्भवती महिला हो, सड़क हादसे का गंभीर मामला हो या किसी जटिल बीमारी से जूझता मरीज, नीतेश हर हाल में मदद के लिए खड़े मिलते हैं। दिन हो या रात, उनके पास मदद का एक फोन पहुंचते ही वे तुरंत हरकत में आ जाते हैं। उनका मकसद बस इतना है कि समय पर खून न मिलने के कारण किसी की जान न जाए — और इसके लिए वे न कोई स्वार्थ रखते हैं, न एक पैसा लेते हैं।

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भ्रांतियां तोड़कर युवाओं को जोड़ा अभियान से

नीतेश का काम सिर्फ मरीजों तक खून पहुंचाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने समाज में रक्तदान को लेकर फैले डर और गलतफहमियों पर भी सीधा वार किया है। अपने क्षेत्र के कई युवाओं को प्रेरित करके उन्होंने उन्हें इस महादान से जोड़ा है। उनकी लगातार कोशिशों का नतीजा है कि अब एक छोटा लेकिन मजबूत नौजवानों का नेटवर्क तैयार हो चुका है, जो हर वक्त जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहता है। उनकी यह मुहिम जालौर जिले में रक्तदान को एक जन आंदोलन का रूप दे रही है। सोशल मीडिया पर भी उनकी सेवा भावना खूब चर्चा बटोरती है, जहां लोग उन्हें ‘ऑन-कॉल ब्लड हीरो’ के तौर पर पहचानते हैं।

कौन कर सकता है रक्तदान? नीतेश ने बताए नियम

TrendKia से बातचीत में नीतेश भटनागर ने बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति आसानी से रक्तदान कर सकता है। इसके लिए शर्त बस इतनी है कि व्यक्ति का वजन 45 किलो से अधिक हो और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर 12 ग्राम से ऊपर हो। उनका साफ कहना है कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे डोनर को भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएं तेजी से बनती हैं और सेहत पहले से बेहतर रहती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक स्वस्थ और फिट व्यक्ति हर 3 से 4 महीने के अंतराल पर सुरक्षित रूप से एक बार रक्तदान कर सकता है।

समाज के लिए एक बड़ा योगदान

नीतेश का दृढ़ विश्वास है कि रक्तदान महज एक जरूरतमंद की जान बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक अहम योगदान है। उनका तर्क सीधा है — खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, इसे सिर्फ एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है। इसलिए हर सक्षम और स्वस्थ व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आगे आना चाहिए। आपका दिया थोड़ा सा खून किसी मरते हुए इंसान के लिए नई जिंदगी का सहारा बन सकता है। आज के दौर में नीतेश का यह जज्बा हम सबके लिए एक बड़ी सीख है।

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