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किडनी की पथरी में रणकल्ली की पत्तियां कितनी कारगर, डॉक्टरों ने बताई पूरी सच्चाईस्वास्थ्य
6 जुल॰ 2026, 3:49 pm (45 दिन पहले)· 3

किडनी की पथरी में रणकल्ली की पत्तियां कितनी कारगर, डॉक्टरों ने बताई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि रणकल्ली की पत्तियां खाने से किडनी की पथरी घुल जाती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस दावे के पीछे अभी तक कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है।

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर रणकल्ली नाम के पौधे को लेकर एक दावा तेजी से फैल रहा है, कि इसकी पत्तियां चबाने या खाने से किडनी की पथरी अपने आप घुलकर बाहर निकल जाती है। यह दावा इतनी बार दोहराया जा रहा है कि कई लोग बिना जांचे-परखे इसे आजमाने का मन बना रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सेहत से जुड़े ऐसे किसी भी नुस्खे पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरे से खाली नहीं है। रणकल्ली को औषधीय गुणों वाला पौधा जरूर माना जाता है, मगर किडनी स्टोन के इलाज में यह वाकई कितना कारगर है, इस पर अभी तक पर्याप्त वैज्ञानिक शोध सामने नहीं आया है।

आखिर है क्या यह रणकल्ली का पौधा

रणकल्ली को घरों में कई और नामों से भी पहचाना जाता है, जैसे पत्थरचट्टा और ब्रायोफिलम पिनेटम। कुछ लोग इसे प्यार से लाइफ प्लांट भी बुलाते हैं। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे घर में गमले में उगाना बेहद आसान है और इसकी देखभाल में भी ज्यादा मेहनत नहीं लगती, यही वजह है कि यह भारतीय घरों में इतना लोकप्रिय है।

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क्या सच में पथरी पर करता है असर

आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में रणकल्ली का इस्तेमाल वर्षों से होता आया है। कुछ शुरुआती अध्ययनों में सामने आया है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और मूत्रवर्धक यानी डाइयुरेटिक गुण मौजूद हैं। माना जाता है कि ये गुण मूत्र मार्ग यानी यूरिनरी ट्रैक्ट को स्वस्थ रखने में कुछ हद तक सहायक हो सकते हैं। मगर इसका यह मतलब कतई नहीं निकाला जा सकता कि इसकी पत्तियां खाने से किडनी की पथरी निश्चित रूप से घुल जाएगी या पूरी तरह ठीक हो जाएगी। ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण अभी मौजूद नहीं है जो इस दावे की पुष्टि करता हो।

डॉक्टर की सलाह के बिना न करें प्रयोग

अगर किसी को किडनी में पथरी की शिकायत है, तो सिर्फ घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठे रहना नुकसानदायक साबित हो सकता है। हर मरीज की पथरी का आकार, उसकी जगह और उसकी बनावट अलग-अलग होती है, और इलाज भी इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। इसलिए किसी भी जड़ी-बूटी या घरेलू पौधे को इस्तेमाल में लाने से पहले डॉक्टर या किसी अनुभवी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

घर पर कैसे उगाएं यह पौधा

रणकल्ली का पौधा धूप और हल्की छाया, दोनों ही परिस्थितियों में अच्छी तरह पनप जाता है। खास बात यह है कि इसकी सिर्फ एक पत्ती को मिट्टी पर रख देने भर से कुछ ही दिनों में नए-नए पौधे उगने लगते हैं। इसे ज्यादा पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती, हफ्ते में दो से तीन बार हल्का पानी देना ही इसके लिए काफी होता है।

सवाल-जवाब

क्या रणकल्ली की पत्तियां किडनी स्टोन को घोल सकती हैं?
अभी तक कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि रणकल्ली की पत्तियां खाने से किडनी स्टोन निश्चित रूप से घुल जाते हैं।
रणकल्ली को और किन नामों से जाना जाता है?
इसे पत्थरचट्टा, ब्रायोफिलम पिनेटम और लाइफ प्लांट के नाम से भी जाना जाता है।
रणकल्ली में कौन से गुण पाए जाते हैं?
शुरुआती रिसर्च के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और मूत्रवर्धक यानी डाइयुरेटिक गुण पाए जाते हैं।
क्या किडनी स्टोन के मरीज को बिना डॉक्टर की सलाह के रणकल्ली लेनी चाहिए?
नहीं, क्योंकि पथरी का आकार, जगह और प्रकार अलग-अलग होता है, इसलिए इस्तेमाल से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
रणकल्ली का पौधा घर पर कैसे उगाया जा सकता है?
इसकी एक पत्ती को मिट्टी पर रखने से ही कुछ दिनों में नए पौधे उग आते हैं और इसे हफ्ते में दो-तीन बार हल्का पानी देना काफी होता है।
रणकल्ली को किस तरह के वातावरण की जरूरत होती है?
यह पौधा धूप और हल्की छाया, दोनों ही स्थितियों में अच्छी तरह पनपता है।
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