शारीरिक वजन को नियंत्रित करना केवल भोजन की मात्रा घटाने के बारे में नहीं है, बल्कि सही और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का चयन करने से जुड़ा है। बढ़ते मोटापे से राहत पाने और शरीर को स्वस्थ आकार में लाने में दैनिक आहार की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कंटेंट क्रिएटर दीप्ति ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंसटाग्राम पर अपनी परिवर्तनकारी यात्रा साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे अपने आहार से 5 विशिष्ट चीजों को पूरी तरह से हटाकर और जीवनशैली में कुछ बुनियादी बदलाव करके उन्होंने अपना वजन 92 किलोग्राम से घटाकर 60 किलोग्राम कर लिया। बिना किसी अत्यधिक सख्त उपवास के, केवल सही आदतों को अपनाकर उन्होंने कुल 32 किलोग्राम वजन कम करने में सफलता प्राप्त की।
कैलोरी डेफिसिट और सही खानपान की भूमिका
वजन कम करने की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत कैलोरी डेफिसिट यानी शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली कैलोरी से कम कैलोरी का सेवन करना है। दीप्ति ने इस बात पर विशेष बल दिया कि केवल भोजन छोड़ देना वजन घटाने का सही तरीका नहीं है। मुख्य बात यह समझना है कि आप जो भी खा रहे हैं, उसमें कितनी कैलोरी छिपी हुई है। जब आप अपने दैनिक आहार से अत्यधिक कैलोरी वाले और कम पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों को बाहर कर देते हैं, तो शरीर अपने आप जमा हुए वसा को ऊर्जा के रूप में उपयोग करना शुरू कर देता है। इस संतुलन को बनाने के लिए उन्होंने अपनी आदतों में सुधार किया और अस्वास्थ्यकर विकल्पों को पौष्टिक विकल्पों से बदल दिया।
खानपान से बाहर की गईं 5 प्रमुख चीजें
दीप्ति ने अपनी वजन घटाने की यात्रा के दौरान 5 मुख्य चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर दिया था, जिनके विकल्प और दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं
- मीठे पेय पदार्थ: चीनी से भरपूर कोल्ड ड्रिंक्स, डिब्बाबंद जूस और मीठे पेय शरीर में वसा जमा करने के साथ-साथ वाटर रिटेंशन यानी पानी के ठहराव का कारण बनते हैं। इससे चेहरे पर सूजन दिखाई देने लगती है और वजन तेजी से बढ़ता है। दीप्ति ने इन्हें पूरी तरह छोड़कर नींबू पानी, नारियल पानी और ग्रीन टी जैसे प्राकृतिक ड्रिंक्स अपनाए।
- सफेद ब्रेड और मैदा: रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर सफेद ब्रेड और मैदे के उत्पाद शरीर में इंसुलिन के स्तर को अचानक बढ़ा देते हैं। इंसुलिन का उच्च स्तर वसा के संचय को बढ़ावा देता है। इसकी जगह उन्होंने साबुत गेहूं की रोटी, मल्टीग्रेन ब्रेड, होल व्हीट ब्रेड, सॉरडो और ओट्स ब्रेड का विकल्प चुना।
- पैकेटबंद स्नैक्स: नमकीन चिप्स और डिब्बाबंद स्नैक्स में सोडियम यानी नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। अत्यधिक नमक शरीर में सूजन लाता है और बेवजह खाने की इच्छा को बढ़ाता है। इनके स्थान पर उन्होंने भुने हुए चने, मेवे और मखाने को अपने दैनिक नाश्ते में शामिल किया।
- तला हुआ फास्ट फूड: तले हुए बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और तैलीय पकवानों में अत्यधिक वसा और कैलोरी होती है। इन्हें खाने के बाद शरीर में सुस्ती महसूस होती है और पाचन धीमा हो जाता है। उन्होंने ऐसे फास्ट फूड को छोड़कर घर में बने रैप्स, पनीर टिक्का, चिकन टिक्का और साधारण घर का खाना खाना शुरू किया।
- देर रात भोजन: रात को देर से खाना खाने की आदत वजन बढ़ाने के प्रमुख कारणों में से एक है। सोने से ठीक पहले स्नैक्स खाने से अनजाने में दैनिक कैलोरी का कोटा बढ़ जाता है और पाचन प्रक्रिया बाधित होती है। दीप्ति ने देर रात खाने की आदत पूरी तरह बंद कर दी और रात का भोजन जल्दी और हल्का करने का नियम बनाया।
जीवनशैली के अन्य आवश्यक नियम
केवल खानपान में बदलाव ही नहीं, बल्कि दैनिक दिनचर्या के अन्य नियम भी इस 32 किलोग्राम वजन घटाने की यात्रा में सहायक सिद्ध हुए। शरीर के मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने के लिए रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पीना अनिवार्य है। पर्याप्त जल स्तर शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा, रात में कम से कम 7 घंटे की गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से तनाव हार्मोन बढ़ते हैं जो वजन घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। साथ ही, रोजाना नियमित रूप से टहलने और व्यायाम करने की आदत ने उनके शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखा।



















