महिलाओं की सेहत को दुरुस्त रखने और शरीर में पोषण की कमी को दूर करने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। इसी सिलसिले में एक्सपर्ट्स हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। हाल ही में हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़े मामलों पर बात करते हुए वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने यूट्यूब वीडियो के जरिए महिलाओं के लिए सोया साग के अनगिनत फायदों के बारे में खुलकर चर्चा की है। उनका कहना है कि सोया साग में मौजूद पोषक तत्व 11 साल की छोटी उम्र की लड़की से लेकर 70 साल की बुजुर्ग महिला तक सभी के लिए बेहद गुणकारी साबित होते हैं।
पीरियड्स के दौरान खून की कमी और कमजोरी दूर करने में मददगार
महिलाओं को अक्सर अपने मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान कमजोरी और थकान का सामना करना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह शरीर में खून की कमी होना है। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार सोया साग में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी मात्रा 6.6 तक होती है। यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने और खून की कमी को दूर करने में बहुत मददगार है। पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर से बल्ड लॉस होता है जिससे शरीर में आयरन तेजी से गिर सकता है। ऐसे समय में सोया साग खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और कमजोरी दूर होती है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज और पीसीओएस में राहत
आजकल महिलाओं में डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस और पीसीओएस जैसी समस्याएं काफी आम हो चुकी हैं। इन बीमारियों से जूझ रही महिलाओं के लिए सोया साग का सेवन किसी औषधि से कम नहीं है। इसमें क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में इंसुलिन के सिग्नल और मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का काम करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर का शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और हार्मोनल असंतुलन से निपटने में भी मदद मिलती है।
मासिक धर्म के दौरान होने वाले असहनीय दर्द से राहत
कई महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में पेट के निचले हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द और ऐंठन की समस्या होती है, जिससे उनका रोजमर्रा का काम प्रभावित होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए डाइट में सोया साग या इसके बीजों को शामिल किया जा सकता है। आप इसकी चटनी बनाकर खा सकती हैं या फिर इसके पत्तों से तैयार चाय का सेवन भी कर सकती हैं। इसमें प्राकृतिक एंटीस्पास्मोडिक कंपाउंड होते हैं जो मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हैं और ऐंठन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
प्रेगनेंसी की प्लानिंग और पोस्टपार्टम रिकवरी में फायदेमंद
जो महिलाएं मां बनने की योजना बना रही हैं या जो महिलाएं हाल ही में मां बनी हैं, उनके लिए भी सोया साग का सेवन करना बेहद फायदेमंद माना गया है। इसमें आयरन के अलावा फोलिक एसिड भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो शरीर को अंदर से स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद करता है। डिलीवरी के बाद के समय में यानी पोस्टपार्टम पीरियड में नए मां बनने वाली महिलाओं की पोषण संबंधी कई तरह की जरूरतें होती हैं, जिन्हें यह साग आसानी से पूरा करने में सहायता करता है।
मेनोपॉज के लक्षणों और हड्डियों की कमजोरी में असरदार
बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के जीवन में एक ऐसा दौर आता है जिसे मेनोपॉज कहा जाता है। इस फेज से गुजर रही महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। सोया साग का सेवन मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए भी बहुत गुणकारी है क्योंकि यह शरीर में एस्ट्रोजन लेवल को सपोर्ट करता है और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।

















