व्यायाम और कार्डियो ट्रेनिंग के लिए फिटनेस सेंटरों में या घरों पर साधारण ट्रेडमिल का इस्तेमाल बेहद आम बात है, लेकिन पानी के भीतर दौड़ने की व्यवस्था आमतौर पर देखने को नहीं मिलती। देश में अब आधुनिक चिकित्सा तकनीक का विस्तार करते हुए पानी के भीतर संचालित होने वाला एक खास हीलिंग सिस्टम शुरू किया गया है। यह अनोखी तकनीक केवल सामान्य कसरत का साधन नहीं है, बल्कि गंभीर रूप से चोटिल लोगों और खिलाड़ियों के लिए एक सम्पूर्ण पुनर्वास प्रणाली के तौर पर काम करती है।
सफदरजंग अस्पताल में स्थापित हुआ विशेष हीलिंग सिस्टम
इस आधुनिक प्रणाली को अमेरिका से मंगाया गया है और इसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में स्थापित किया गया है। पूरे भारत में इस प्रकार की अंडर वॉटर ट्रेडमिल की सुविधा फिलहाल इसी एकमात्र केंद्र पर उपलब्ध है। इस सेटअप में मरीज या खिलाड़ी की शारीरिक क्षमता और जरूरत के मुताबिक कमर से लेकर गर्दन तक के हिस्से को पानी में डुबोया जाता है, जिसके बाद पानी के अंदर ही ट्रेडमिल का पट्टा चलाकर दौड़ने का अभ्यास कराया जाता है।
चोटिल खिलाड़ियों को कैसे मिलता है फायदा
स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के डायरेक्टर डॉ. दीपक जोशी के अनुसार, यह अंडर वॉटर ट्रेडमिल मुख्य रूप से खेलकूद के दौरान घायल होने वाले खिलाड़ियों के उपचार और पुनर्वास के उद्देश्य से लाई गई है। शरीर के निचले हिस्से यानी लोअर लिंब में चोट लगने की स्थिति में इस तकनीक की मदद से रिकवरी की रफ्तार काफी बढ़ जाती है। पानी के अंदर शरीर का भार कम महसूस होने के कारण कसरत करते समय ऊर्जा की खपत भी बहुत कम होती है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
दर्द में राहत और सर्जरी के बाद का विशेष अभ्यास
डॉ. दीपक जोशी ने बताया कि इस प्रणाली पर दौड़ने से मरीजों को दर्द में तुरंत आराम महसूस होता है। फुटबॉल, हॉकी, जूडो, वुशू और कबड्डी जैसे अत्यधिक शारीरिक संपर्क वाले खेलों में घायल होने वाले खिलाड़ी यहां अपनी सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। पूरी तरह फिट होने के लिए खिलाड़ी इस मशीन पर प्रतिदिन 15 से 20 मिनट तक अभ्यास करते हैं। इस उपकरण की कार्यप्रणाली बेहद लचीली है, जिसमें जरूरत के अनुसार ठंडा या गर्म पानी भरा जा सकता है और पानी के तापमान के साथ-साथ ट्रेडमिल की गति को भी पूरी तरह नियंत्रित किया जाता है।



















