पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ समय से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। घंटों तक बारिश में भीगने की वजह से लोगों को त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग और जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बारिश के इस मौसम में त्वचा को सुरक्षित रखने और बीमारियों से बचने के लिए लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म एवं गुप्त रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर अमरजीत सिंह वर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारियां और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव साझा किए हैं।
मानसून में क्यों बढ़ता है फंगल इन्फेक्शन का खतरा?
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिसके कारण त्वचा पर फंगस से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलने लगती हैं। डॉक्टर अमरजीत सिंह वर्मा के अनुसार, जब लोग लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहते हैं या बारिश के पानी में भीग जाते हैं, तो त्वचा पर छोटे छोटे लाल रंग के दाद या चकत्ते बनने लगते हैं। इन चकत्तों में तेज खुजली की समस्या होती है। अक्सर मरीज खुजली होने पर प्रभावित हिस्से को खुजलाने लगते हैं, जिससे यह समस्या और अधिक फैल जाती है और स्थिति बिगड़ जाती है।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेना क्यों है जरूरी?
अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर लाल दाद, खुजली या कोई अन्य बदलाव नजर आता है, तो उसे खुद से डॉक्टर बनने के बजाय तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। मरीज लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में आकर चर्म रोग विभाग में संपर्क कर सकते हैं या किसी योग्य स्किन एक्सपर्ट से परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टर वर्मा ने चेतावनी दी है कि इस तरह की समस्याओं को नजरअंदाज करने या इलाज में देरी करने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। एक बार इन्फेक्शन बढ़ जाने पर इसका इलाज काफी लंबे समय तक चलता है, इसलिए शुरुआती स्तर पर ही सही डॉक्टरी सलाह लेना बेहद आवश्यक है।
बारिश में भीगने के बाद अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
अगर आप बारिश के पानी में भीग जाते हैं, तो घर पहुंचते ही सबसे पहले स्वच्छ और साफ पानी से स्नान करें। नहाने के बाद अपने शरीर को तौलिए से अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं और उसके बाद ही सूखे व साफ कपड़े पहनें। शरीर के किसी भी हिस्से पर नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी रहने से फंगल इन्फेक्शन पनपने की संभावना काफी बढ़ जाती है। शरीर के सभी हिस्सों को पूरी तरह सूखा रखना ही फंगस से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
मेडिकल स्टोर से खुद दवाएं खरीदने की भूल न करें
त्वचा की समस्या होने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के सीधे मेडिकल स्टोर से दवाइयां या क्रीम खरीदकर लगाने लगते हैं। डॉक्टर अमरजीत सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया है कि हर व्यक्ति की त्वचा की बनावट और संवेदनशीलता अलग होती है। ऐसे में बिना जांच के इस्तेमाल की गई गलत दवाएं त्वचा की समस्या को और अधिक विकराल बना सकती हैं। एक्सपर्ट डॉक्टर की देखरेख में सही दवा का सेवन करने से मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। वर्तमान में लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल दोनों जगह फंगल इन्फेक्शन और त्वचा रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है।



















