डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें खानपान की थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। मरीज जो कुछ भी खाते या पीते हैं, उसका सीधा असर उनके रक्त शर्करा स्तर पर पड़ता है। इसी वजह से शुगर से पीड़ित लोगों के मन में हमेशा यह दुविधा बनी रहती है कि किन चीजों को अपनी दैनिक थाली में शामिल करना सुरक्षित है और किन चीजों से दूरी बना लेना ही बेहतर फैसला होगा। इस उलझन को सुलझाने के लिए डॉक्टर सलीम ज़ैदी ने सामान्य तौर पर खाए जाने वाले विभिन्न फूड्स की उपयोगिता का मूल्यांकन किया है और उन्हें दस में से रेटिंग देकर स्पष्ट किया है कि कौन से विकल्प फायदेमंद हैं और किनसे परहेज करना आवश्यक है।
पूर्ण स्कोर हासिल करने वाले खाद्य पदार्थ: अंडा और पनीर
डॉक्टर सलीम ज़ैदी के इस विश्लेषण में अंडा और पनीर सबसे शीर्ष स्थान पर रहे हैं। डॉक्टर ने इन दोनों ही खाद्य पदार्थों को दस में से दस का पूरा स्कोर दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अंडा और पनीर दोनों ही प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर होते हैं, जबकि इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा न के बराबर होती है। इन्हें खाने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बिल्कुल भी नहीं बढ़ता है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए नाश्ते या भोजन में अंडा और पनीर शामिल करना बेहद सुरक्षित और पौष्टिक माना गया है।
दही और ओट्स की उपयोगिता
डेयरी उत्पादों में दही को भी एक बेहतरीन विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है। डॉक्टर सलीम ने दही को दस में से आठ नंबर दिए हैं। उनका कहना है कि दही में मौजूद प्रोटीन और फैट भोजन से शुगर के अवशोषण की गति को धीमा कर देते हैं, जिससे अचानक शुगर बढ़ने का खतरा नहीं रहता है। वहीं अनाजों की बात करें तो ओट्स को भी डायबिटीज में काफी लाभकारी माना जाता है। हालांकि डॉक्टर ज़ैदी ने आगाह किया है कि बाजार में मिलने वाले इंस्टेंट या फ्लेवर वाले ओट्स का सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे ओट्स में अतिरिक्त तत्व हो सकते हैं जो नुकसानदेह होते हैं, इसलिए उन्होंने अधिकतम लाभ के लिए केवल सादा यानी प्लेन ओट्स खाने की ही सलाह दी है।
औसत श्रेणी: केला और गेहूं की रोटी
कई ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जिन्हें आमतौर पर सेहतमंद माना जाता है, लेकिन शुगर के मरीजों के लिए वे पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। उदाहरण के लिए, केला एक पौष्टिक फल माना जाता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए इसका अधिक सेवन अच्छा नहीं है क्योंकि यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को तेजी से बढ़ा सकता है। इसी तरह गेहूं की रोटी को चावल की तुलना में बेहतर विकल्प तो माना जाता है, परंतु यह भी शुगर के स्तर को ऊपर ले जाने की क्षमता रखती है। इन दोनों ही चीजों के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टर सलीम ने केला और गेहूं की रोटी दोनों को दस में से पांच नंबर की औसत रेटिंग दी है।
कम रेटिंग वाले विकल्प: ब्राउन ब्रेड, तरबूज, सफेद चावल और आम
बाजार में मिलने वाले ब्राउन ब्रेड को लेकर लोगों में अक्सर यह भ्रम रहता है कि यह बहुत सेहतमंद है। डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार, अधिकतर ब्राउन ब्रेड वास्तव में रिफाइंड आटे यानी मैदे से ही तैयार किए जाते हैं और उन्हें भूरा दिखाने के लिए उनमें कृत्रिम रंग मिलाया जाता है। यह ब्रेड खून में शुगर को बहुत तेजी से स्पाइक कर सकती है, इसलिए इसे दस में से केवल चार नंबर दिए गए हैं। फलों में तरबूज को भी डॉक्टर ने दस में से चार अंक ही दिए हैं, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी अधिक होता है जो मरीजों को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि तरबूज में पानी की प्रचुरता होने के कारण कभी-कभार बेहद सीमित मात्रा में इसका थोड़ा बहुत सेवन किया जा सकता है। वहीं सफेद चावल और आम को लेकर डॉक्टर ने सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि शुगर के मरीजों को इनसे पूरी तरह बचना चाहिए, जिसके चलते इन्हें बेहद निराशाजनक रेटिंग में रखा गया है।



















