इमारतों में कुछ मंजिलें पैदल चढ़ने के बाद दिल की धड़कनें तेज होना और सांस का उखड़ना कई बार बहुत सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया होती है। जब हम कोई भारी शारीरिक श्रम करते हैं या नियमित वर्कआउट नहीं करते, तब मांसपेशियों को सामान्य से कहीं अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है। इसी मांग को पूरा करने के लिए फेफड़े तेजी से काम करने लगते हैं, जिससे सांस लेने की गति अचानक बढ़ जाती है। हालांकि, यदि यह तकलीफ बिना किसी भारी श्रम के होने लगे या हाल के दिनों में बहुत तेजी से बिगड़ने लगे, तो इसे सिर्फ कमजोरी मानकर छोड़ देना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
शारीरिक सक्रियता की कमी और कमजोर फिटनेस
दैनिक जीवन में गतिहीन दिनचर्या बिताने वाले लोगों में यह परेशानी सबसे ज्यादा देखी जाती है। जिन व्यक्तियों का कार्डियोवस्कुलर स्टेमिना कमजोर होता है, उनके लिए सीढ़ियां चढ़ना अचानक आए एक भारी व्यायाम जैसा प्रभाव डालता है। अगर शरीर लंबे अरसे से निष्क्रिय रहा है, तो रक्त संचार और फेफड़ों की क्षमता अचानक बढ़े इस दबाव को तुरंत नहीं संभाल पाती। ऐसे में चढ़ाई पूरी करने के बाद भी काफी देर तक गहरी सांसें लेनी पड़ती हैं और सामान्य होने में सामान्य से अधिक वक्त लगता है।
एनीमिया और शरीर में ऑक्सीजन का असंतुलन
सांस फूलने का एक बड़ा चिकित्सकीय कारण एनीमिया भी हो सकता है। इस चिकित्सीय स्थिति में रक्त के भीतर लाल रक्त कोशिकाओं यानी रेड ब्लड सेल्स की पर्याप्त संख्या नहीं होती। चूंकि यही कोशिकाएं फेफड़ों से पूरे शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं, इसलिए इनकी कमी से ऑक्सीजन परिवहन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। जब शरीर के अंदरूनी हिस्सों तक जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, तब सामान्य चहलकदमी, घरेलू काम या कुछ पायदान ऊपर चढ़ने भर से ही अत्यधिक थकान और सांस उखड़ने की शिकायत होने लगती है।
फेफड़ों के रोग, अस्थमा और हृदय संबंधी कारण
अगर चढ़ाई करते समय सांस फूलने के अलावा सीने में भारी जकड़न, लगातार खांसी या सांस लेते समय सीटी बजने जैसी आवाज सुनाई देती है, तो इसका संबंध श्वसन तंत्र की बीमारियों से हो सकता है। शारीरिक गतिविधि कई लोगों में अस्थमा के लक्षणों को भड़का सकती है। इसके अतिरिक्त क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी और फेफड़ों से जुड़ी अन्य गंभीर व्याधियां भी मेहनत के दौरान वायुमार्ग को संकरा कर देती हैं। कई परिस्थितियों में रक्त पंप करने में असमर्थ हृदय से संबंधित बीमारियां भी शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने का कारण बनती हैं, जिससे थोड़ी सी मेहनत पर सांस फूलने लगती है।
चिकित्सीय परामर्श और आपातकालीन लक्षण
अगर जो काम आप पहले बहुत सहजता से कर लेते थे, अब उसे करते ही दम फूलने लगा है या समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, तो बिना देरी किए किसी योग्य चिकित्सक को दिखाना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ समस्या की सटीक वजह तलाशने के लिए शारीरिक परीक्षण के साथ-साथ ब्लड टेस्ट, चेस्ट एक्स-रे और स्पाइरोमेट्री जैसे फेफड़ों की कार्यक्षमता जांचने वाले परीक्षण करवा सकते हैं। इसके अलावा, अगर सांस फूलने के साथ सीने में असहनीय दर्द, बेहोशी आना, तेज चक्कर, दम घुटने का गंभीर अहसास, त्वचा अथवा होंठों का नीला पड़ना या खांसी के साथ खून निकलने जैसे लक्षण दिखें, तो यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है जिसमें तुरंत आपातकालीन इलाज की जरूरत होती है।

















