देश के मौसम ने एक साथ करवट लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अगला समय बेहद नाजुक है और अगले 24 घंटे को विभाग ने सबसे अहम माना है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है तो दूसरी ओर उत्तर भारत में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन दोनों का मिला-जुला असर देश के एक बड़े हिस्से पर पड़ रहा है, जिससे तेज बारिश, बिजली गिरने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी का खतरा बढ़ गया है।
विभाग का कहना है कि इस मौसमी हलचल से कई जगहों पर खतरनाक अंधड़ चल सकता है, पेड़ गिर सकते हैं, बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है।
किन राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में मौसम का रुख तेजी से बदल रहा है। वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पहले से सक्रिय है और वहां बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 72 घंटे के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका है।
राहत की बात यह है कि बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन तेज हवाएं और तूफानी मौसम सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से IMD ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और बिना जरूरत यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मानसून और पश्चिमी विक्षोभ का दोहरा असर
इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण भारत में मजबूत स्थिति में है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश की आशंका और बढ़ गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है। महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं, जबकि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बादल जमकर बरस सकते हैं। यानी देश के बड़े हिस्से में मौसम का असर एक साथ नजर आएगा।
दिल्ली-NCR में बारिश और आंधी का दोहरा हमला
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जून को राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, लेकिन बारिश के बाद गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
यूपी में 80 किमी रफ्तार से चलेगा अंधड़
उत्तर प्रदेश में मौसम की सबसे ज्यादा मार पश्चिमी और मध्य हिस्सों पर पड़ सकती है। मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, झांसी, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने यहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। किसानों को अपनी फसल और पशुधन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में बारिश के साथ बिजली गिरने का अंदेशा
बिहार में 17 से 19 जून के बीच मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है। पटना, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। यहां तेज हवाओं की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
झारखंड में गरजेंगे बादल, होगी झमाझम बारिश
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, दुमका और बोकारो समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। यहां हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। लगातार बारिश के चलते कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, वहीं तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
राजस्थान में धूलभरी आंधी और बारिश
राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। यहां 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मरुस्थलीय इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना और कटनी समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
पंजाब-हरियाणा में तूफानी हवाओं का खतरा
पंजाब के जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा और गुरदासपुर में भारी बारिश और तेज आंधी की आशंका है। मौसम विभाग ने यहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जिससे कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
हरियाणा के अंबाला, करनाल, हिसार, रोहतक और पंचकूला समेत कई जिलों में भी मौसम खराब रह सकता है। यहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ने के आसार हैं, जहां बारिश के साथ-साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी जा रही है।













