हिमाचल प्रदेश में सरकारी बस सेवा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है. पथ परिवहन निगम (HRTC) के ड्राइवरों और कंडक्टरों ने आज रात से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश में लाखों यात्रियों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो सकता है. हालात बिगड़ते देख सुक्खू सरकार भी सख्त रुख अपना चुकी है और कर्मचारियों पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून यानी एस्मा लागू कर दिया है.
सरकार यहीं नहीं रुकी. उसने हड़ताल के असर को कम करने के लिए 600 से ज्यादा टैंपरेरी बस चालकों की भर्ती आज से शुरू करने का फैसला किया है. डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हड़ताल पर जा रहे कर्मचारियों को साफ चेतावनी देते हुए प्रोटेस्ट की कॉल वापस लेने को कहा है.
आखिर हड़ताल की वजह क्या है
दरअसल, यह टकराव अचानक नहीं हुआ. HRTC के चालकों और कंडक्टरों के मेडिकल बिल, नाइट अलाउंस समेत कई भत्ते लंबे समय से बकाया चल रहे हैं. कर्मचारी इन बकाया भुगतानों की मांग कर रहे हैं, जिनकी कुल राशि 150 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. कर्मचारियों की यूनियन के प्रधान मान सिंह का कहना है कि अब मामला उनके बस के बाहर निकल चुका है और आज रात से कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे.
कर्मचारियों की मांगों की फेहरिस्त लंबी है. इसमें नाइट अलाउंस, ओवरटाइम, महंगाई भत्ते की लंबित किस्त और मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है. इसके साथ ही यूनियन अध्यक्ष मान सिंह का ट्रांसफर रद्द करने की मांग भी जोड़ी गई है.
बैठक बेनतीजा, यूनियन ने छोड़ी मेज
हड़ताल से पहले मंगलवार को मामले को सुलझाने की कोशिश हुई थी. अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई. इस दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने एक ड्राइवर के तबादले का मुद्दा उठाया और उसे तुरंत रद्द करने पर अड़ गए. जब इस पर कोई सहमति नहीं बनी तो यूनियन के प्रतिनिधि बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए.
सरकार का सख्त कदम, छह महीने के लिए एस्मा
स्थिति को संभालने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने HRTC को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है और एस्मा लागू कर दिया है. इस कानून के तहत हड़ताल करना या उसमें हिस्सा लेना प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है. सरकार ने यह कानून छह महीने के लिए लगाया है और साथ ही कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं.
हिमाचल में HRTC के बेड़े में करीब 2800 बसें हैं और निगम के पास तकरीबन 12,000 कर्मचारी हैं. ऐसे में हड़ताल का असर बेहद व्यापक हो सकता है.
656 अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती का प्लान
हड़ताल के बीच बसें चलती रहें, इसके लिए HRTC प्रबंधन ने अस्थायी रूप से ड्राइवरों की नियुक्ति की नीति बना ली है. प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 24 जून को दोपहर 12 बजे राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू होंगे. इसमें शामिल होने के लिए अभ्यर्थी के पास कम से कम 3 साल का अनुभव और कम से कम मैट्रिक की शैक्षणिक योग्यता होनी जरूरी है. इस प्रक्रिया से करीब 656 ड्राइवरों को 31 डिपो/इकाइयों में अस्थायी तौर पर रखा जाएगा.
इतना ही नहीं, बसों के संचालन के लिए हिमाचल होम गार्ड्स के जरिए भी जरूरी स्टाफ का इंतजाम किया जा रहा है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को भी जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम ने दो टूक कहा कि HRTC के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते, क्योंकि सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है और नियमों का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
निजी बसें भरेंगी कमी
हड़ताल के दौरान यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए निजी बस ऑपरेटर संघ ने अतिरिक्त बस सेवा देने का ऐलान किया है. HRTC के अहम रूटों पर बसें चलाने के लिए निजी बस ऑपरेटर विशेष परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं.
परिवहन मंत्री की दो टूक
चक्का जाम के मुद्दे पर परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने साफ कहा कि HRTC की सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एस्मा लागू है और किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है. उनके मुताबिक, चक्का जाम से मांगों का हल नहीं निकलेगा. अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी नेताओं ने भाषा की मर्यादा भुलाकर अनावश्यक बयानबाजी की है और सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा.
मंत्री ने यह भी कहा कि HRTC प्रदेश की लाइफलाइन है. सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी, लेकिन आम जनता को परेशानी में नहीं डाला जा सकता.
सोशल मीडिया पर घिरे अग्निहोत्री
इस पूरे विवाद के बीच मुकेश अग्निहोत्री सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए हैं. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जो लोग कभी 58 साल की पक्की नौकरी देने का वादा करते थे, वे अब 1500 रुपये में अस्थायी चालक और कंडक्टर भर्ती कर रहे हैं. इसी के साथ मुकेश अग्निहोत्री के कई पुराने वीडियो भी दोबारा वायरल हो रहे हैं.













