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यूपी पुलिस के विशेष अभियान में पांच जिलों से 307 वारंटी अपराधी गिरफ्तारउत्तर प्रदेश
5 सित॰ 2026, 8:09 pm (2 घंटे पहले)· 4

यूपी पुलिस के विशेष अभियान में पांच जिलों से 307 वारंटी अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ रेंज के लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली में पुलिस ने वारंटी आरोपियों के खिलाफ चलाए अभियान में 307 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 632 वारंटियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेंज में पुलिस ने गैर-जमानती वारंट वाले आरोपियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चलाया है। लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, रायबरेली और उन्नाव, इन पांच जिलों को मिलाकर पुलिस ने कुल 307 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 632 वारंटी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। जानिए हर जिले में पुलिस ने किस तरह यह अभियान चलाया और किन अधिकारियों की अगुवाई में यह कार्रवाई हुई।

लखीमपुर खीरी में 61 वारंटी गिरफ्तार, 16 ने किया सरेंडर

एसएसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग की अगुवाई में गठित पुलिस टीमों ने कोर्ट से जारी गैर-जमानती वारंटों का पूरी तरह निपटारा करने के मकसद से तेज कार्रवाई की। इस अभियान के तहत 61 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि 16 आरोपी खुद अदालत में पेश हो गए। इसके साथ ही पुलिस ने 141 वारंटियों के घर तक समन पहुंचाया, ताकि वे तय समय पर अदालत में हाजिर हो सकें। इस तरह खीरी जिले में कुल 218 वारंटी आरोपियों के खिलाफ किसी न किसी रूप में कार्रवाई पूरी की गई।

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सीतापुर में 70 गिरफ्तारियां, 15 वारंटियों की मौत का खुलासा

पुलिस अधीक्षक सीतापुर के नेतृत्व में वांछित और वारंटी आरोपियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने 70 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 21 आरोपी खुद अदालत में हाजिर हुए और 61 वारंटियों को समन तामील कराया गया। पड़ताल के दौरान पुलिस को 15 ऐसे मामले भी मिले, जिनमें वारंट जारी होने के बाद संबंधित आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी थी। इन मामलों को रिकॉर्ड में दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

हरदोई में 60 गिरफ्तार, 13 वारंटियों की मौत सामने आई

हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की अगुवाई में चले विशेष अभियान में पुलिस ने 60 वारंटी आरोपियों को पकड़ा। इस दौरान 28 आरोपी खुद अदालत में पेश हुए, जबकि 4 वारंटियों को समन तामील कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि 13 वारंटियों की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके चलते उनके खिलाफ जारी वारंट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उन्नाव में 53 और रायबरेली में 63 वारंटी दबोचे गए

उन्नाव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व में चले अभियान में पुलिस ने 53 वांछित और वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 21 आरोपी खुद अदालत में हाजिर हुए या उन्होंने सरेंडर कर दिया। वहीं रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार की अगुवाई में चले अभियान में पुलिस ने 63 वारंटियों को गिरफ्तार किया। यहां 1 आरोपी खुद अदालत पहुंचा, जबकि जांच में 4 वारंटियों की मौत होने का मामला भी सामने आया।

कानपुर में भी हाल में हुई थी सख्त कार्रवाई

इससे पहले कानपुर में पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लेखपाल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था।

अभियान के पीछे का मकसद

लखनऊ रेंज के इन पांचों जिलों में पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभियान अदालतों में लंबित गैर-जमानती वारंटों के शत-प्रतिशत निस्तारण के लक्ष्य के तहत चलाया जा रहा है, ताकि वांछित आरोपी लंबे समय तक कानून से बचकर न घूम सकें और अदालती कार्यवाही में देरी न हो।

सवाल-जवाब

यह अभियान किन जिलों में चलाया गया?
लखनऊ रेंज के लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली जिलों में यह अभियान चलाया गया।
कुल कितने वारंटी आरोपी गिरफ्तार हुए?
पांचों जिलों में मिलाकर कुल 307 वारंटी आरोपी गिरफ्तार किए गए।
कितने वारंटी आरोपियों के खिलाफ कुल कानूनी कार्रवाई हुई?
632 वारंटी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।
किस जिले में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी हुई?
सीतापुर में सबसे ज्यादा 70 वारंटी आरोपी गिरफ्तार हुए।
लखीमपुर खीरी में अभियान की अगुवाई किसने की?
एसएसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग की अगुवाई में यह अभियान चलाया गया।
हरदोई में कितने वारंटियों की मौत के मामले सामने आए?
हरदोई में 13 वारंटियों की पहले ही मौत हो चुकी होने के मामले सामने आए।
उन्नाव में अभियान की अगुवाई किसने की?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने उन्नाव में अभियान की अगुवाई की।
रायबरेली में कितने वारंटी गिरफ्तार हुए?
रायबरेली में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के नेतृत्व में 63 वारंटी आरोपी गिरफ्तार किए गए।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·59 मिनट पहले

लखनऊ रेंज में वारंटियों के खिलाफ चलाया गया यह विशेष अभियान राज्य में कानून के राज को मजबूत करने और अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक अहम कदम है। इस कार्रवाई के दौरान मृत व्यक्तियों के नाम पर जारी वारंटों का सामने आना पुलिस डेटाबेस और स्थानीय खुफिया तंत्र के आधुनिकीकरण की गहरी आवश्यकता को रेखांकित करता है। आगामी चुनावों और कानून-व्यवस्था के लिहाज से ऐसे अभियानों का निरंतर जारी रहना प्रशासनिक कसावट के लिए बेहद जरूरी होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·58 मिनट पहले

यह अभियान सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि इससे प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय संसाधनों के अनुकूलन पर भी सीधा असर पड़ता है। अदालतों में सालों से लंबित मामलों का निपटारा और मृत वारंटियों की पहचान होने से न्यायिक प्रणाली का कीमती समय और सरकारी तंत्र की ऊर्जा बचेगी। भविष्य में ऐसे डेटा-संचालित अभियानों को डिजिटलीकरण से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

लखनऊ रेंज में चलाया गया यह विशेष अभियान अदालतों में लंबित गैर-जमानती वारंटों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक अहम कदम है। इस कार्रवाई के दौरान मृत आरोपियों के मामलों का सामने आना पुलिस सत्यापन प्रणाली की कमियों को उजागर करता है, जिससे भविष्य में रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और अपडेट रखने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह अभियान आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता को तो दर्शाता ही है, साथ ही यह भी उजागर करता है कि अदालतों और थानों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। जब तक पुलिस डेटाबेस और अदालत के अभिलेखों का वास्तविक समय में मिलान नहीं होगा, तब तक मृत व्यक्तियों के नाम पर वारंट जारी होने जैसी विसंगतियाँ व्यवस्था पर सवाल उठाती रहेंगी। भविष्य में ऐसे विशेष अभियानों को केवल धरपकड़ तक सीमित न रखकर, वारंट निस्तारण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की सख्त जरूरत है ताकि न्यायिक समय की बचत हो सके।

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