हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शांकली क्षेत्र में रविवार दोपहर आवारा श्वानों के हमले का एक बेहद रूह कंपा देने वाला वाकया सामने आया। घर के आंगन के पास मौजूद बीस महीने की मासूम बच्ची को दो खूंखार कुत्तों ने अचानक अपने जबड़ों में जकड़ लिया। हमले के दौरान कुत्ते बच्ची को घसीटते हुए करीब 20 से 30 मीटर दूर तक ले गए और उसके नाजुक शरीर को बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर दौड़े परिजनों और स्थानीय बाशिंदों ने कड़े संघर्ष के बाद पत्थरों की मदद से बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया।
कपड़े धो रही मां ने सुनी चीखें, पत्थरों से खदेड़े हमलावर कुत्ते
यह हृदयविदारक घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे घटित हुई। बच्ची की मां उस वक्त घर के भीतर कपड़े धोने में व्यस्त थीं। एकाएक आंगन की तरफ से बच्ची की असहनीय चीखें गूंजीं तो मां घबराकर बाहर की ओर भागीं। बाहर निकलते ही उन्होंने देखा कि दो आक्रामक कुत्ते उनकी दुधमुंही बच्ची को घसीटकर दूर ले जा चुके थे और उसे नोंच रहे थे। घबराई मां ने हिम्मत जुटाकर शोर मचाया और मौके पर पहुंचे पड़ोसियों के साथ मिलकर कुत्तों पर पत्थर बरसाने शुरू किए। किसी तरह कुत्तों को वहां से भगाया गया और लहूलुहान बच्ची को गोद में उठाकर संभाला गया। परिजनों का साफ कहना है कि अगर लोगों के पहुंचने में चंद पलों की भी देर हो जाती, तो बच्ची की जान बचाना नामुमकिन हो जाता।
गले और चेहरे समेत पूरे बदन पर गहरे जख्म, अस्पताल में लगे 20 टांके
हमले में मासूम के शरीर पर अनगिनत गंभीर घाव आए हैं। सिर, कान के पिछले हिस्से, गर्दन, छाती, पेट, दोनों बाजू और गले के आसपास कुत्तों के दांत गहरे धंसे थे। बच्ची के चेहरे और गले के हिस्से को कुत्तों ने बहुत बेरहमी से काटा था। लहूलुहान हालत में परिजन उसे तुरंत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला लेकर पहुंचे। आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने त्वरित उपचार शुरू किया, जहां बच्ची के गहरे जख्मों को भरने के लिए करीब 20 टांके लगाने पड़े। चिकित्सकों की देखरेख में समय पर मिले इलाज के चलते मासूम की जान खतरे से बाहर बताई गई है।
देहरादून से रोते बिलखते पहुंचे परिजन, संजौली की घटनाओं की भी याद ताजा
हादसे की खबर मिलते ही बच्ची के अन्य रिश्तेदार और परिजन देहरादून से रोते बिलखते शिमला पहुंचे। अस्पताल के बिस्तर पर पट्टियों में लिपटी बच्ची की हालत देखकर पूरा परिवार गहरे सदमे और खौफ में है। परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि रिहायशी बस्तियों से खूंखार कुत्तों को हटाने के लिए तुरंत कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह के दर्दनाक हादसे से न गुजरना पड़े। गौरतलब है कि शहर में कुत्तों के हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले संजौली इलाके में भी आवारा कुत्तों के उत्पात और राहगीरों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जिससे नागरिकों में डर का माहौल है।
प्रशासन का आश्वासन, टूटीकंडी डॉग हट्स भेजे जाएंगे खतरनाक कुत्ते
घटना की गंभीरता को देखते हुए शिमला के मेयर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है। मेयर के मुताबिक शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टूटीकंडी में विशेष तौर पर डॉग हट्स तैयार किए गए हैं, जहां ऐसे बेहद आक्रामक और खतरनाक कुत्तों को पकड़कर स्थानांतरित करने की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने दावा किया है कि नागरिकों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।



















