राजस्थान के रेल नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत बनाने के मकसद से तीन नई रेल सेवाओं के संचालन को अंतिम हरी झंडी दे दी गई है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष आग्रह और केंद्र सरकार के समन्वय के बाद रेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई इस स्वीकृति से प्रदेश के विभिन्न संभागों के बीच क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, जिससे दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और दूर-दराज के तीर्थ स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस से जुड़ेगा व्यापारिक गलियारा
स्वीकृत की गई नई रेल सेवाओं में सबसे प्रमुख भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है। इस लंबी दूरी की ट्रेन का संचालन राजस्थान के कई प्रमुख और व्यस्त रेलवे स्टेशनों के रास्ते किया जाएगा। तय मार्ग के अनुसार यह रेलगाड़ी कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर अपनी दूरी तय करेगी।
इस रेल मार्ग के शुरू होने से हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान के इलाकों को गुजरात के भुज और बिहार के बरौनी औद्योगिक क्षेत्र से सीधा संपर्क हासिल होगा। इन दोनों बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों से सीधे जुड़ने के कारण स्थानीय व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों के लिए यात्रा बेहद सुगम और समय बचाने वाली साबित होगी।
हरिद्वार ओखा और हरिद्वार वेरावल एक्सप्रेस को भी स्वीकृति
धार्मिक आस्था और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए दो अन्य महत्वपूर्ण रेल सेवाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इनमें पहली हरिद्वार ओखा एक्सप्रेस और दूसरी हरिद्वार वेरावल एक्सप्रेस है। इन दोनों रेलगाड़ियों का मार्ग राजस्थान के प्रमुख सामाजिक और सांस्कृतिक शहरों को जोड़ते हुए तैयार किया गया है।
ये दोनों ट्रेनें अलवर, जयपुर, अजमेर और आबू रोड रेलवे स्टेशनों से होते हुए अपने निर्धारित गंतव्यों तक पहुंचेंगी। इस रूट के तय होने से प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक केंद्र हरिद्वार के साथ-साथ गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित पवित्र तीर्थों तक का सफर काफी सीधा और सरल हो जाएगा।
प्रमुख जिलों के यात्रियों के लिए आसान होगा सफर
राज्य के अंदरूनी हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के लिए सीधे रेल साधन मिलने से जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और अलवर जैसे बड़े जिलों के निवासियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। लंबे समय से इन मार्गों पर अतिरिक्त और सीधी रेल सेवाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नई ट्रेनों की शुरुआत से सामान्य आवागमन की गुणवत्ता में सुधार होगा और लंबी दूरी के सफर में लगने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।
परिवहन विस्तार और क्षेत्रीय विकास पर जोर
राज्य प्रशासन लगातार रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार के साथ मिलकर राज्य के लिए बेहतर यातायात विकल्पों पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच बने इसी संवाद के फलस्वरूप इन ट्रेनों को स्वीकृति मिली है। बेहतर परिवहन साधन किसी भी क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों, पर्यटन प्रवाह और शिक्षा केंद्रों तक पहुंचने की गति को तेज करते हैं। नई रेलगाड़ियों के इस फैसले से राजस्थान में यात्रा सुविधाएं और मजबूत होंगी।


















