हिमाचल प्रदेश स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी कर छात्रों के कमरों में हाथ साफ करने वाले एक शातिर युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया गया है. आरोपी ने संस्थान के हिमगिरि और उदयगिरि छात्रावासों को अपना निशाना बनाया था, जहां कमरों से नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी किए जा रहे थे. पकड़े गए युवक के पास से पुलिस ने 21,510 रुपये की नकदी के अलावा एक लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है.
निरीक्षण के दौरान संदिग्ध हालत में पकड़ा गया आरोपी
गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान नई दिल्ली के उत्तम नगर स्थित ओम विहार, फेज-5, ब्लॉक-ई निवासी आदित्य चौधरी के रूप में की गई है. चोरी की इस वारदात का भंडाफोड़ उस वक्त हुआ जब हिमगिरि हॉस्टल में कांगड़ा के जनयानकड़ निवासी परिचारक गुरभाग सिंह और मेस प्रबंधक तेज कुमार सामान्य निरीक्षण पर निकले हुए थे. राउंड के दौरान दोनों कर्मचारियों ने आदित्य को अचानक कमरा नंबर जी-54 से बाहर निकलते देखा. जब उससे हॉस्टल में मौजूदगी को लेकर पूछताछ की गई, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे तुरंत पकड़कर पुलिस को सूचना दी गई.
फर्जी पहचान पत्र के जरिए परिसर में बनाई थी घुसपैठ
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया और तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 21,510 रुपये नकद मिले. जांच में पता चला है कि युवक 28 सितंबर को हमीरपुर आया था और उसने एक फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एनआईटी कैंपस के अंदर प्रवेश हासिल किया था. आरोपी को हॉस्टल परिसर और वहां की दैनिक गतिविधियों की पूरी समझ थी. वह हॉस्टल कॉरिडोर में घूमकर खुले रह गए कमरों की रेकी करता था और मौका मिलते ही अंदर घुसकर नकदी, मोबाइल व लैपटॉप समेट लेता था.
आईआईटी मंडी की पढ़ाई और गेमिंग में नुकसान का खुलासा
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपी पूर्व में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में कंप्यूटर साइंस में बीएससी का छात्र रह चुका है. चूंकि वह खुद हॉस्टल में रह चुका था, इसलिए उसे छात्रावासों के माहौल और सुरक्षा की कमियों की पूरी जानकारी थी. पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह ऑनलाइन गेमिंग में भारी रकम गंवा चुका था. प्राथमिक जांच के अनुसार, गेमिंग में हुए इसी आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए उसने अपराध की राह चुनी. सदर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और यह भी खंगाला जा रहा है कि फर्जी आईडी के जरिए उसने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं. आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.























