हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक नई नवेली पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान लेने की ऐसी सफाई से साजिश रची कि पुलिस भी शुरुआत में चकमा खा गई। शव को नहर में फेंककर पूरे मामले को हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के निर्देशन में रेवाड़ी पुलिस ने गहन जांच के बाद इस ब्लाइंड मर्डर केस की परतें खोल दीं और मृतक की पत्नी तथा उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूटी लेकर निकला मोनू, फिर वापस नहीं लौटा
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने शुक्रवार को हुई प्रेस वार्ता में इस केस की पूरी कहानी सामने रखी। उन्होंने बताया कि गांव जड़थल के रहने वाले रतनलाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका 21 वर्षीय बेटा मोनू 8 जून की रात करीब 10 बजे इलेक्ट्रिक स्कूटी पर दवाई लेने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा, जिससे परिवार में चिंता फैल गई।
नहर में मिला शव, शुरुआत में लगा डूबने का मामला
पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। इसी दौरान 10 जून को गांव की नहर में एक युवक का शव मिला, जिसकी पहचान मोनू के रूप में हुई। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम को मृतक के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखे। उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी भी नहर के पास से ही बरामद हुई। इन हालात को देखकर शुरू में यही लगा कि मोनू नहर में डूबकर मर गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप भी दिया।
परिजनों के शक ने खोल दी साजिश की परतें
लेकिन परिजनों को शुरू से ही यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या लगी। उनकी आशंका पर पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ीं और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोबारा गहन जांच शुरू की। इस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी तन्नु और एक युवक हरिओम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तन्नु का सोनू नामक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और यही रिश्ता पूरे मर्डर प्लान की जड़ बना।
कैसे रची गई पति मोनू की हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक पति मोनू को रास्ते से हटाने के लिए तन्नु ने अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। इस वारदात में सोनू के दो साथी हरिओम और अमन भी शामिल थे। योजना के तहत तन्नु ने फोन करके मोनू को गांव कसोली बुलाया। वहां पहले से मौजूद हरिओम और अमन ने मोनू को दबोच लिया और उसका मुंह तथा नाक दबाकर उसे बेसुध कर दिया। इसके बाद सबूत मिटाने और घटना को हादसा दिखाने के मकसद से उसे आसलवास नहर में फेंक दिया गया।
आगे क्या, फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अभी एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह साफ होगा कि मोनू की मौत दम घुटने से हुई या पानी में डूबने से। गिरफ्तार तन्नु और हरिओम को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी सोनू और उसके साथी अमन की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













