देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, वहीं ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते ठंड का प्रकोप और अधिक गहराने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 9 नवंबर से दक्षिण भारत के तमाम राज्यों के अलावा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों में भी वर्षा की गतिविधियों में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कुछ विशेष इलाकों में गरज और चमक के साथ बेहद तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है, जहां हवा की रफ्तार बढ़कर 90KM तक पहुंच सकती है। मौसम का यह तीखा बदलाव एक साथ देश के कई बड़े क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले सकता है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय असर के चलते बारिश और भारी बर्फबारी का एक नया दौर शुरू होने के पूरे आसार बने हुए हैं।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग की ओर से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई महत्वपूर्ण राज्यों में वर्षा को लेकर सख्त चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु और उसके आसपास के तटीय तथा अंदरूनी इलाकों में आगामी कई दिनों तक लगातार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों में मौसम के पूरी तरह साफ रहने की कोई उम्मीद नहीं है। विशेष तौर पर जम्मू-कश्मीर में 10 नवंबर से मौसम के तेवर बदलने की पूरी संभावना है और इसके बाद 12 नवंबर को कश्मीर घाटी के तमाम इलाकों में भारी बारिश या फिर बर्फबारी दर्ज की जा सकती है। इसके विपरीत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बने रहने का अनुमान जताया गया है। इस प्रकार देश के अलग-अलग भौगोलिक हिस्सों में मौसम का प्रभाव बिल्कुल भिन्न रूप से दिखाई देगा और लोगों को क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार अपनी तैयारी रखनी होगी।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में 9 नवंबर को बारिश होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है। इस दौरान राजधानी का आसमान आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही से घिरा रह सकता है। हालांकि सुबह के शुरुआती घंटों में शहर के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे दृश्यता पर थोड़ा असर पड़ सकता है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, वैसे-वैसे धूप खिलने की पूरी उम्मीद है जिससे राहत महसूस होगी। मौसम विभाग के आंकलन के मुताबिक दिल्ली का न्यूनतम तापमान लगभग 14 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। इसके अगले दिन यानी 10 नवंबर को भी आसमान में हल्के बादलों का डेरा बना रह सकता है। त्योहार के सीजन में पटाखे जलाए जाने के बाद राजधानी की हवा की गुणवत्ता पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है, हालांकि वायु गुणवत्ता यानी AQI में कितनी बढ़ोतरी होगी इसका सटीक आकलन मौसम के बजाय प्रदूषण निगरानी करने वाली एजेंसियों के आंकड़ों से ही स्पष्ट हो पाएगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल
उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में रहने वाले लोगों को फिलहाल बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार 9 नवंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। आने वाले कुछ दिनों के भीतर भी राज्य में बारिश को लेकर किसी भी तरह का कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। राजधानी लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आसमान साफ रहने अथवा छिटपुट बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि सुबह और रात के वक्त पारे में हल्की गिरावट महसूस होने से सिहरन बढ़ेगी, जबकि दिन के समय खिली हुई धूप निकलने के कारण मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना रहेगा। फिलहाल प्रदेशभर में कहीं भी मूसलाधार बारिश या आंधी-तूफान जैसी खतरनाक स्थिति पैदा होने का कोई अनुमान नहीं है। वहीं दूसरी ओर बिहार राज्य में 9 नवंबर को मौसम पूरी तरह सामान्य और शांत रहने की संभावना जताई गई है और इस दिन राज्य के किसी भी कोने में बारिश होने का कोई अंदेशा नहीं है। हालांकि इसके तुरंत बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है क्योंकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 11 नवंबर को बिहार के कई जिलों में बादलों की गर्ज के साथ बारिश होने के पूरे आसार हैं। पटना और उसके आसपास के इलाकों में आसमान घने बादलों से घिर सकता है और बारिश होने की स्थिति में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में किसानों और खुले आसमान के नीचे कामकाज करने वाले लोगों को 11 नवंबर के इस विशेष पूर्वानुमान पर अपनी पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम का मिजाज
झारखंड राज्य में अगले दो दिनों के भीतर मौसम करवट लेता हुआ साफ नजर आएगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 9 नवंबर को राज्य के बड़े हिस्से में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन इसके ठीक बाद 10 और 11 नवंबर को कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की से लेकर मध्यम दर्जे तक की बारिश हो सकती है। राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और छिटपुट जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। इस हल्की बारिश के कारण दिन के तापमान में मामूली सी गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि पूरे झारखंड राज्य में एक जैसी एक समान स्थिति रहने का अनुमान बिल्कुल नहीं है और कई इलाकों में मौसम पूर्ववत सामान्य बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल राज्य में भी 9 नवंबर को कुछ खास इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की स्थिति बन सकती है। पश्चिम बंगाल के साथ-साथ सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मौसम के काफी सक्रिय रहने का अनुमान जताया गया है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी भरी हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रह सकते हैं और मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के तमाम हिस्सों में चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या फिर पेड़ों के नीचे बिल्कुल भी खड़े न होने की हिदायत दी गई है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
राजस्थान का मौसम
देश के पश्चिमी छोर पर स्थित राजस्थान राज्य में 9 नवंबर को मौसम मुख्य रूप से पूरी तरह शुष्क बने रहने की संभावना है। राजधानी जयपुर समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश को लेकर किसी भी प्रकार का कोई बड़ा या गंभीर अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दिन के समय सूरज की अच्छी धूप निकलेगी जिससे गर्मी का अहसास हो सकता है, जबकि सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा सकेगी। मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ दिनों के दौरान राज्य के तापमान में किसी भी तरह के बड़े बदलाव होने के कोई संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं, हालांकि न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट का दौर धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है।



















