जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की गई है। पीड़िता को गर्भावस्था समाप्त करने से संबंधित चिकित्सीय उपचार के लिए जिला अस्पताल किश्तवाड़ से डोडा स्थित अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। हालांकि, डोडा ले जाए जाने के दौरान रास्ते में ही नाबालिग की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इस संवेदनशील मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जबकि शिक्षा विभाग ने त्वरित विभागीय कार्रवाई करते हुए आरोपी को पद से निलंबित कर दिया है।
किश्तवाड़ से डोडा ले जाते समय हुई नाबालिग की मौत
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पीड़िता किश्तवाड़ जिले के चटरू क्षेत्र की रहने वाली थी। वह कथित रूप से गर्भवती थी और उसे मेडिकल केयर व प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन की प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल किश्तवाड़ में भर्ती कराया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे डोडा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डोडा के रास्ते में ही छात्रा की मौत हो जाने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
आरोपी शिक्षक खालिद हुसैन शेख गिरफ्तार और निलंबित
मृत्यु की पुष्टि होने के तुरंत बाद किश्तवाड़ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मुख्य आरोपी खालिद हुसैन शेख को गिरफ्तार कर लिया, जो एक सरकारी शिक्षक है। इस बीच, प्रशासनिक मोर्चे पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। किश्तवाड़ के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया। खालिद हुसैन शेख इंदरवाल जोन के अंतर्गत आने वाले बामलपोरा स्थित मिडिल स्कूल में टीचर ग्रेड-2 के पद पर तैनात था। निलंबन अवधि के दौरान उसके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।
पुलिस पूछताछ से खुलेगा यौन शोषण का राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए शिक्षक से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और उसे किस परिस्थिति में गर्भवती होना पड़ा। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डोडा में पूर्व में सामने आया था मौलवी की गिरफ्तारी का मामला
जम्मू-कश्मीर के इस क्षेत्र में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले डोडा जिले में भी एक मदरसे के मौलवी पर नाबालिग से दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा था। उस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के महज 3 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की पहचान चैल्लर गांव निवासी नासिर मजीद के रूप में हुई थी, जो गंदोह क्षेत्र स्थित मदरसा दार-उल-कुरान में कार्यरत था।
सघन तलाशी अभियान और कानूनी धाराएं
उस समय वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नासिर मजीद मौके से फरार हो गया था और छिपने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर गंदोह और आसपास के इलाकों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था। कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी के ठिकाने का पता लगाकर उसे हिरासत में लिया गया था। उस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।























