झारखंड के धनबाद जिले से एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। झरिया के फुसबंगला क्षेत्र में एक व्यावसायिक संपत्ति को लेकर चल रहा पुराना विवाद उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब दो मासूम नाबालिग बच्चों पर तेजाब से हमला कर दिया गया। इस जानलेवा हमले में दोनों भाई-बहन गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह पूरी घटना एक दुकान के मालिकाना हक और अवैध कब्जे के प्रयासों से गहराई से जुड़ी हुई है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और पुलिस की शुरुआती भूमिका पर भी अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्य मंत्री ज्योति सिंह मथारू ने इस जघन्य अपराध का सीधा संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश दिए हैं।
दुकान पर कब्जे की साजिश और विवाद की जड़
यह पूरा कानूनी और हिंसक विवाद कनक ज्वेलर्स नामक एक आभूषण की दुकान के स्वामित्व से जुड़ा हुआ है। पीड़ित पक्ष की ओर से बलविंदर कौर ने संबंधित आयोग को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें कई बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बलविंदर कौर के पत्र के अनुसार, दुकान के मौजूदा संचालक जितेंद्र कुमार ने कथित तौर पर जाली और पूरी तरह से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा जमाने की एक सोची-समझी साजिश रची थी। मकान मालिक सरदार जसवीर सिंह और कनक ज्वेलर्स के संचालक जितेंद्र कुमार के बीच यह तीखी कानूनी लड़ाई काफी लंबे समय से चल रही थी। सबसे अहम बात यह है कि स्थानीय अदालत ने जितेंद्र कुमार के फर्जी दावों को पहले ही पूरी तरह से खारिज कर दिया था और मकान मालिक के पक्ष में अपना फैसला सुनाया था। अदालत के इतने स्पष्ट आदेश के बावजूद, आरोपी पक्ष ने दुकान खाली करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता चला गया। अंततः यही तनाव एक बहुत बड़ी हिंसक घटना में तब्दील हो गया।
पच्चीस अप्रैल की हिंसक घटना और खौफनाक तेजाब हमला
संपत्ति को लेकर बना हुआ यह तनाव पच्चीस अप्रैल को अपने सबसे चरम बिंदु पर पहुंच गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि उस दिन कनक ज्वेलर्स के संचालक जितेंद्र कुमार ने एक पूर्व नियोजित और सोची-समझी साजिश के तहत उनके परिवार पर हमला किया। तीखी बहस और विवाद के दौरान अचानक मकान मालिक के दो नाबालिग बच्चों, जिनमें एक बच्ची और उसका छोटा भाई शामिल है, पर एक खतरनाक रसायन यानी तेजाब फेंक दिया गया। यह हमला इतना अचानक और घातक था कि बच्चों को वहां से भागने या खुद को बचाने का कोई मौका ही नहीं मिला। तेजाब के सीधे संपर्क में आने के कारण दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तुरंत असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ा। पीड़ित परिवार का यह भी गंभीर आरोप है कि घटना के दौरान हमलावरों द्वारा नाबालिग बच्ची के साथ कुछ अश्लील हरकतें भी की गईं, जिसने इस अपराध की अमानवीयता को और अधिक बढ़ा दिया है। इस भयानक कृत्य ने पूरे गरीब अल्पसंख्यक परिवार को गहरे सदमे और भय में डाल दिया है।
पुलिस की संदिग्ध भूमिका और मेडिकल रिपोर्ट पर उठते सवाल
इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली पूरी तरह से संदेह के घेरे में आ गई है। राज्य मंत्री ज्योति सिंह मथारू ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार से उनके घर जाकर लंबी मुलाकात की और पूरी स्थिति का जमीनी जायजा लिया। घटना की विस्तृत जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी आलोचना की। उनका सीधा आरोप है कि स्थानीय स्तर पर हुए शुरुआती प्राथमिक उपचार के दौरान इस जघन्य मामले की गंभीरता को कम करके आंकने और तथ्यों को पूरी तरह छिपाने का एक सुनियोजित प्रयास किया गया। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट को जानबूझकर बहुत ही सामान्य बताया गया, ताकि रसूखदार आरोपियों को कानूनी फंदे से आसानी से बचाया जा सके। हालांकि, जब झुलसी हुई मासूम बच्ची की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी और उसकी जान पर बन आई, तो उसे मजबूरी में तुरंत धनबाद के बड़े अस्पताल एसएनएमएमसीएच में रेफर किया गया। वहां हुई विस्तृत और गहन मेडिकल जांच रिपोर्ट में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई कि बच्चों के शरीर पर जो घाव हैं, वे तेजाब से झुलसने के ही हैं। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस ने अदालत को गुमराह करने और महत्वपूर्ण सबूतों को छिपाने का ऐसा काम किया है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों को सख्त निर्देश और मुख्यमंत्री से होगी शिकायत
पीड़ित परिवार से इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान राज्य मंत्री ज्योति सिंह मथारू के साथ झरिया अंचल अधिकारी, सिंदरी एसडीपीओ और झरिया थाना प्रभारी भी वहां उपस्थित थे। मंत्री ने मौके पर ही इन सभी पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और बहुत ही कड़े लहजे में निर्देश जारी किए। उन्होंने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि अदालत के पूर्व आदेश का सख्ती से पालन करते हुए विवादित दुकान को तत्काल प्रभाव से खाली कराया जाए। इसके साथ ही, मंत्री ने तेजाब हमले और नाबालिग बच्ची के साथ हुई कथित अश्लील हरकतों की एक पूरी तरह से स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि डरे हुए पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके। ज्योति सिंह मथारू ने इस पूरी घटना को एक असहाय और गरीब अल्पसंख्यक परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा अन्याय करार दिया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि वह इस पूरे घटनाक्रम की एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य के मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से सौंपेंगे और दोषियों के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए किसी भी पीड़ित को न्याय से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।




















