प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में मुख की स्वच्छता और दांतों की हिफाजत के लिए अनेक प्राकृतिक घटकों का उल्लेख मिलता है। इसी पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की दिशा में झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले शिव कुमार पांडे ने एक नई पहल की है। उन्होंने लौंग, शुद्ध शहद और शंख के अर्क का एक विशेष संयोजन तैयार कर एक अनोखा हर्बल टूथपेस्ट विकसित किया है। उनका मानना है कि सदियों पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथों में बताए गए नुस्खे आज भी दांतों और मसूड़ों से जुड़ी रोजमर्रा की दिक्कतों को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।
लौंग और प्राकृतिक शहद के औषधीय गुणों का समागम
इस टूथपेस्ट के मुख्य अवयवों में लौंग और शहद को शामिल किया गया है। भारतीय घरों में लौंग का उपयोग प्राचीन समय से ही मुख शुद्धि, मसूड़ों की तकलीफ और दांत दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है। शिव कुमार पांडे के अनुसार, शहद और लौंग का यह अनूठा मिश्रण मसूड़ों की सूजन कम करने, दांतों की टीस शांत करने तथा मुंह की बदबू को खत्म करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, इस हर्बल मिश्रण के उपयोग के बाद लंबे समय तक मुंह में ताजगी और स्वच्छ अहसास बना रहता है।
शंख के सत्व से दांतों को मजबूती देने का दावा
इस पेस्ट की सबसे विशिष्ट बात इसमें मिलाया गया शंख का सत्व है। आयुर्वेद में शंख भस्म और इसके सत्व को कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, जो कमजोर मसूड़ों की पकड़ मजबूत करने और हिलते हुए दांतों को सहारा देने में उपयोगी माना गया है। शिव कुमार पांडे ने बताया कि शंख का अर्क दांतों की बाहरी परत को मजबूती देने में सहायता करता है। बाजार मूल्य के संदर्भ में, 100 ग्राम वजन वाले इस खास टूथपेस्ट की कीमत 800 रुपये निर्धारित की गई है।
इस्तेमाल की विधि और नियमित दिनचर्या
इस उत्पाद को सामान्य दंतमंजन या पेस्ट की तरह ही दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। इसे सुबह के समय सामान्य टूथपेस्ट की तरह आवश्यक मात्रा में ब्रश पर लगाकर इस्तेमाल किया जाता है। बेहतर परिणामों के लिए सलाह दी गई है कि ब्रश करने के कुछ समय बाद तक किसी भी प्रकार के खान-पान से परहेज करें, ताकि इसके प्राकृतिक तत्व मुंह में असर दिखा सकें। इसके साथ ही, रात को सोने से पहले उंगली की मदद से दांतों और मसूड़ों पर इसकी थोड़ी सी मात्रा लगाकर छोड़ देने से सुबह तक ताजगी महसूस होती है।
पारंपरिक ज्ञान का अनुप्रयोग और चिकित्सकीय सावधानी
शिव कुमार पांडे का मुख्य लक्ष्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को दैनिक मुख स्वच्छता से जोड़ना है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य राय के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को पायरिया, मसूड़ों से लगातार खून बहने, असहनीय दांत दर्द या गंभीर रूप से दांत हिलने जैसी जटिल समस्याएं हों, तो केवल देसी या वैकल्पिक उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय योग्य दंत चिकित्सक से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। किसी भी नए उत्पाद को दैनिक उपयोग में लाने से पूर्व उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच भी आवश्यक मानी जाती है। इस हर्बल टूथपेस्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए 8789101495 पर संपर्क किया जा सकता है।





















