जापान में आशिमा अहलावत ने साधा सटीक निशाना, एशियाई खेलों में भारत की झोली में डाला रजत पदककिचन में तैयार करें मलाईदार अफगानी मोमोज, तीखे और क्रीमी स्वाद की आसान तरकीबवृषभ राशिफल 1 अक्टूबर 2026: कामकाज और घर में बनाएं तालमेल, मंगल बढ़ाएगा प्रभावसस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में अनंत अंबानी को न्यूकैसल यूनिवर्सिटी ने दी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की जिम्मेदारीफ्रांस के वित्तीय संकट और वैश्विक आंकड़ों के बीच यूरो संभला, सोना 4200 डॉलर के पारयूरो और पाउंड में सीमित हलचल के आसार, वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो में दिखा दबावसंतान की दीर्घायु का महापर्व जीवित्पुत्रिका: पहली बार उपवास रख रही माताओं के लिए संपूर्ण विधि और नियमअक्टूबर 2026 में त्योहारों और विशेष दिनों की पूरी सूची: नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ से लेकर संयुक्त राष्ट्र दिवस तकमिथुन राशिफल 1 अक्टूबर 2026: बजट संभालें और बातचीत में बरतें स्पष्टता, मानसिक शांति बनाए रखने पर दें जोरसस्ते कबाड़ के झांसे में 9 लाख की डकैती, 12 जिलों में 1300 किमी पीछा कर दबोचे गए 7 बदमाश
खेतों से सीधा अनाज और ताजी सब्जियां, जमशेदपुर के पास मिर्जाडीह हाट की रौनक आज भी बरकरारझारखंड
30 सित॰ 2026, 10:04 pm (1 घंटे पहले)· 0

खेतों से सीधा अनाज और ताजी सब्जियां, जमशेदपुर के पास मिर्जाडीह हाट की रौनक आज भी बरकरार

जमशेदपुर से 14 किलोमीटर दूर मिर्जाडीह में हर हफ्ते दो दिन सजने वाले ग्रामीण हाट में बिना पॉलिश वाले दाल-चावल और ताजी उपज खरीदने शहरवासी भी पहुंच रहे हैं।

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में आधुनिक दुकानों और बड़े बाजारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन शहर की चकाचौंध से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मिर्जाडीह का पारंपरिक साप्ताहिक हाट आज भी अपनी अनोखी पहचान कायम रखे हुए है। सुपरमार्केट्स और आधुनिक मॉल्स के इस युग में भी यह हाट अपनी पुरानी ग्रामीण संस्कृति और सादगी को संजोए हुए है। सप्ताह में दो बार लगने वाले इस बाजार में न केवल नजदीकी देहाती इलाकों के लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आते हैं, बल्कि ताजी उपज और देशी खान-पान के शौकीन शहरवासी भी अच्छी खासी तादाद में खरीदारी करने पहुंचते हैं।

सप्ताह में दो दिन सजता है पारंपरिक बाजार

मिर्जाडीह के इस खुले मैदान में साप्ताहिक हाट हर मंगलवार और शुक्रवार को लगाया जाता है। दोपहर ढलने के बाद शाम करीब 4 बजे से ग्रामीण दुकानदार और किसान अपनी दुकानें सजाना शुरू कर देते हैं। जैसे-जैसे शाम गहराती है, पूरा परिसर खरीदारों की चहल-पहल से भर जाता है। स्थानीय निवासियों के लिए यह हाट घरेलू सामान जुटाने का सबसे सुलभ जरिया है, तो वहीं आसपास के तमाम देहाती इलाकों के ग्रामीणों के लिए यह अपनी स्थानीय उपज को सीधे बेचने और आमदनी कमाने का सबसे भरोसेमंद केंद्र भी है।

ये भी पढ़ें

सीधे किसानों से बिना पॉलिश वाले अनाज की मांग

इस बाजार का सबसे प्रमुख आकर्षण यहां मिलने वाला ग्रामीण अनाज और दलहन है। कई शहरी परिवार विशेष तौर पर बिना पॉलिश वाली दाल और चावल खरीदने के लिए मिर्जाडीह का रुख करते हैं। क्षेत्र के किसान अपने खेतों और खलिहानों में तैयार की गई उपज को बिना किसी बिचौलिए के सीधे इस हाट में लेकर आते हैं। रासायनिक पॉलिश और मिलावट से दूर, शुद्ध और प्राकृतिक अनाज मिलने के कारण शहरी ग्राहकों के बीच इसकी मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को भी अपनी मेहनत का सीधा फायदा मिलता है।

खेती के औजारों से लेकर रोजमर्रा का हर जरूरी सामान

मिर्जाडीह के इस हाट में जीवनयापन से जुड़ी लगभग हर बुनियादी वस्तु आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यहां लगने वाली दुकानों पर कपड़े, घरेलू राशन, मनिहारी और सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं, पारंपरिक खेती-किसानी में काम आने वाले औजार और कई अन्य आवश्यक उत्पाद बेचे जाते हैं। ग्रामीण परिवेश की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यह बाजार कारीगरों और छोटे विक्रेताओं को अपना सामान खपाने का बेहतर मंच देता है।

ताजी हरी सब्जियां और शाम का लजीज जायका

अनाज और राशन के अतिरिक्त इस हाट में ताजी सब्जियों की भी कतारबद्ध दुकानें लगती हैं। ग्रामीण किसान अपने खेतों से तोड़ी गई हरी-भरी सब्जियां टोकरियों में भरकर लाते हैं, जो ताजगी और स्वाद के मामले में शहरी मंडियों से कहीं बेहतर होती हैं। सूरज ढलते ही हाट का माहौल और जीवंत हो उठता है, जब यहां मिष्ठान, चाट-पकौड़ी और पारंपरिक खान-पान के छोटे स्टॉल पूरी तरह सज जाते हैं। खरीदारी के साथ गरमा-गरम नाश्ते का लुत्फ उठाना इस बाजार की जीवंतता को और बढ़ा देता है, जिसके कारण आधुनिक दौर में भी मिर्जाडीह हाट की लोकप्रियता जस की तस बनी हुई है।

सवाल-जवाब

मिर्जाडीह साप्ताहिक हाट जमशेदपुर से कितनी दूरी पर लगता है?
यह साप्ताहिक हाट जमशेदपुर शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर मिर्जाडीह में लगता है।
मिर्जाडीह का यह बाजार हफ्ते में किन दिनों आयोजित होता है?
यह बाजार सप्ताह में दो दिन, प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित होता है।
हाट में दुकानें किस समय से खुलना शुरू होती हैं?
बाजार में दुकानें शाम करीब 4 बजे से सजनी शुरू हो जाती हैं और शाम ढलते ही भीड़ बढ़ जाती है।
शहरी लोग विशेष रूप से यहां क्या खरीदने आते हैं?
शहर से आने वाले लोग मुख्य रूप से बिना पॉलिश वाली दाल, चावल, ताजी खेत की सब्जियां और ग्रामीण उत्पाद खरीदने आते हैं।
इस हाट में खाने-पीने और खेती से जुड़ा क्या सामान मिलता है?
यहां खेती-किसानी के पारंपरिक औजार, राशन, मनिहारी का सामान मिलने के साथ-साथ शाम को मिष्ठान और चाट-पकौड़ी की दुकानें भी लगती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp