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रांची के धुर्वा स्थित एचईसी कॉलोनी में बुजुर्गों और रिटायर्ड लोगों के लिए शांतिपूर्ण जीवन का नया ठिकानाझारखंड
2 सित॰ 2026, 7:09 am (1 घंटे पहले)· 1

रांची के धुर्वा स्थित एचईसी कॉलोनी में बुजुर्गों और रिटायर्ड लोगों के लिए शांतिपूर्ण जीवन का नया ठिकाना

रांची के धुर्वा में स्थित 80 साल पुरानी एचईसी कॉलोनी अपनी घनी हरियाली और सन्नाटे के कारण सेवानिवृत्त लोगों के लिए पहली पसंद बनी हुई है।

झारखंड की राजधानी रांची में भागदौड़ और शोरगुल से दूर एक ऐसा इलाका मौजूद है, जहां का शांत और हरा-भरा माहौल हर किसी का मन मोह लेता है। धुर्वा क्षेत्र में स्थित एचईसी कॉलोनी उन लोगों के लिए एक आदर्श जगह बनकर उभरी है, जो अपनी जीवनशैली में सुकून और ताजगी की तलाश कर रहे हैं। विशेष रूप से नौकरी से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ नागरिक इस क्षेत्र को अपने आशियाने के तौर पर पहली पसंद मान रहे हैं। यहां गाड़ियों की आवाजाही का शोर नहीं है और न ही पड़ोस की गहमागहमी का सामना करना पड़ता है।

अस्सी साल पुरानी सुनियोजित योजना और भौगोलिक स्थिति

यह आवासीय क्षेत्र रांची के प्रसिद्ध बिरसा चौक से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर धुर्वा गोलचक्कर के मार्ग में स्थित है। मुख्य सड़क से कॉलोनी के भीतर प्रवेश करते ही चारों तरफ घने पेड़ों और हरियाली का मनोरम दृश्य दिखाई देने लगता है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो एचईसी कॉलोनी का निर्माण करीब 80 वर्ष पहले बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से किया गया था। इस टाउनशिप को तैयार करते समय पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया था, जिसकी वजह से निर्माण के दौरान किसी भी पेड़ को काटा नहीं गया। चौड़ी सड़कें, पैदल चलने के लिए बने ट्रैक और व्यवस्थित पार्क इस क्षेत्र को एक प्राकृतिक जंगल के बीच बसे गांव जैसा रूप प्रदान करते हैं।

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विविध निर्माण शैली और आधुनिक सुविधाओं का संगम

कॉलोनी के परिसर में सरकारी आवासों और भारी इंजीनियरिंग निगम के पुराने क्वार्टरों के अलावा कई नए स्वतंत्र मकान और बंगले भी बने हुए हैं। वर्तमान में भी यहां विभिन्न प्रकार के खूबसूरत बंगले और आधुनिक फ्लैट स्टाइल के मकानों का निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। निवासी अपनी पसंद के अनुसार यहां भूमि लेकर अपने सपनों का घर बना रहे हैं। कॉलोनी के भीतर पर्याप्त खुले स्थान और सामुदायिक पार्क मौजूद हैं। शाम के समय बच्चे सुरक्षित माहौल में साइकिल चलाते दिखते हैं, जबकि बुजुर्ग पैदल मार्ग पर टहलते हुए गुणवत्तापूर्ण समय बिताते हैं। शाम ढलते ही जब स्ट्रीट लाइटें जलती हैं, तो इस इलाके का सौंदर्य बड़े मेट्रो शहरों के दृश्य को भी पीछे छोड़ देता है। मानसून के दिनों में प्राकृतिक वातावरण और अधिक आकर्षक हो जाता है।

वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव और डिप्रेशन से मुक्ति का आधार

शहर के मुख्य मार्गों के ट्रैफिक का शोर इस कॉलोनी तक बिल्कुल नहीं पहुंच पाता, जिससे यहां का माहौल बेहद शांत बना रहता है। इस आवासीय क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक अपने दैनिक जीवन में काफी संतुष्टि महसूस करते हैं। संस्थान से सेवानिवृत्त होकर यहीं अपना मकान बनाकर रहने वाले निवासी किशोर बताते हैं कि इस इलाके में रहना बेहद आरामदायक है। उन्होंने साझा किया कि यहां किसी तरह की शोर-शराबे की समस्या नहीं है और चारों तरफ हरियाली फैली हुई है। जब भी फुर्सत मिलती है, वे अपने निजी बगीचे या पास के पार्क में बैठकर समय बिताते हैं। उनका मानना है कि प्राकृतिक वातावरण इतना स्वच्छ और शांत है कि यहां रहने वाले लोगों को तनाव या मानसिक डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।

सवाल-जवाब

एचईसी कॉलोनी रांची में कहां स्थित है?
यह कॉलोनी रांची के बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर के मार्ग पर लगभग 1 किलोमीटर सीधे जाने पर स्थित है।
एचईसी कॉलोनी कितनी पुरानी है?
यह कॉलोनी लगभग 80 वर्ष पुरानी है और इसे बहुत ही नियोजित तरीके से बसाया गया है।
इस कॉलोनी में किस तरह के मकान उपलब्ध हैं?
यहां सरकारी और एचईसी क्वार्टर के अलावा खूबसूरत बंगले और आधुनिक फ्लैट स्टाइल के मकान मौजूद हैं।
इस आवासीय क्षेत्र को बुजुर्गों के लिए अनुकूल क्यों माना जाता है?
यहां गाड़ियों का शोर नहीं है, चारों तरफ हरियाली है, और पार्क व वॉकिंग ट्रैक की सुविधा मिलने से माहौल बेहद शांत रहता है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·44 मिनट पहले

यह रिपोर्ट रांची के धुर्वा स्थित एचईसी कॉलोनी की पुरानी और सुनियोजित टाउनशिप के शहरी नियोजन मॉडल को प्रभावी ढंग से उजागर करती है। यह इस बात का एक मजबूत प्रमाण है कि आज के कंक्रीट के जंगलों के दौर में भी, आठ दशक पुरानी पर्यावरण-अनुकूल योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त लोगों को प्रदूषण और शोर-शराबे से दूर एक स्वस्थ, तनावमुक्त जीवन शैली प्रदान कर सकती हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

अपराध और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से इस तरह की सुनियोजित और शांत कॉलोनियों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में बाहरी आवाजाही कम होने और मजबूत सामुदायिक संरचना के कारण वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों, जैसे टप्पेबाजी या संपत्ति विवाद, की दर कम रहती है। हालांकि, पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुनसान रास्तों और पार्कों में गश्त बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकी जा सके और बढ़ती आबादी के बीच सार्वजनिक सुरक्षा पूरी तरह बनी रहे।

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