झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने वाले रेल यात्रियों के लिए स्थानीय परिवहन का सबसे सुलभ और मुख्य साधन ऑटो रिक्शा है। स्टेशन परिसर से बाहर निकलते ही बड़ी तादाद में ऑटो खड़े नजर आते हैं, जहां से शहर के किसी भी कोने में आसानी से पहुंचा जा सकता है। अक्सर बाहर से आने वाले मुसाफिरों को स्थानीय किराए का सही अंदाजा नहीं होता, जिसके चलते कई बार असमंजस की स्थिति बन जाती है। स्थानीय ऑटो चालकों के अनुसार शहर के अधिकांश चिन्हित मार्गों पर दिन हो या देर रात, सामान्य तौर पर किराया एक समान ही रहता है और रात के वक्त कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं की जाती है।
साकची और बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों के लिए किराया
व्यापारिक केंद्र साकची जाने वाले यात्रियों के पास शेयरिंग और रिजर्व दोनों विकल्प मौजूद रहते हैं। अगर कोई मुसाफिर शेयरिंग ऑटो में अकेले सफर करता है, तो साकची तक का किराया करीब 25 रुपये निर्धारित है। वहीं अगर कोई यात्री अपने पूरे परिवार या भारी सामान के साथ पूरा ऑटो रिजर्व करता है, तो इसके लिए लगभग 180 रुपये तक भुगतान करना पड़ता है। दूसरी ओर, शहर के मुख्य बस स्टैंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए शेयरिंग आधार पर सिंगल सवारी का खर्च करीब 35 रुपये आता है, जबकि पूरा ऑटो बुक करने पर यह रकम करीब 180 से 200 रुपये के दायरे में रहती है।
एमजीएम अस्पताल, एनआईटी और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का खर्च
स्टेशन से स्वास्थ्य सेवाओं या प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों की तरफ रुख करने वाले मुसाफिरों के लिए भी रिजर्वेशन दरें स्पष्ट हैं। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमजीएम अस्पताल) जाने के लिए पूरा ऑटो बुक कराने पर यात्रियों को करीब 180 से 220 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। वहीं शहर के प्रमुख तकनीकी संस्थान एनआईटी जमशेदपुर की दूरी अधिक होने के कारण वहां तक पूरा ऑटो बुक करने का खर्च लगभग 300 रुपये तक पहुंच जाता है। इसके अलावा देश के जाने-माने बिजनेस स्कूल एक्सएलआरआई जाने के इच्छुक मुसाफिरों को निजी बुकिंग के लिए लगभग 250 से 300 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
बिष्टुपुर का किराया और बातचीत के नियम
शहर के प्रमुख आवासीय और कमर्शियल हब बिष्टुपुर के लिए भी टाटानगर रेलवे स्टेशन से लगातार गाड़ियां उपलब्ध रहती हैं। बिष्टुपुर जाने के लिए पूरा वाहन बुक करने की स्थिति में किराया आमतौर पर 220 से 250 रुपये के बीच रहता है। हालांकि यह किराया समय, ऑटो की स्थिति, यात्रियों की संख्या और मौके पर बातचीत के आधार पर थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है। शहर के ऑटो चालकों का कहना है कि यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही चालक के साथ किराया स्पष्ट रूप से तय कर लेना चाहिए, ताकि गंतव्य पर पहुंचने के बाद किसी तरह की असहमति या विवाद की गुंजाइश न रहे।




















