गाजियाबाद हादसे के बाद अस्पताल के बिल ने तोड़ी कमर, बेटे को बचाने के लिए पिता को गिरवी रखनी पड़ी जमीनपश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत मैती गिरफ्तार, 10 साल पुराने रंगदारी मामले में पुलिस ने की कार्रवाईकम उम्र में ही दर्द से जूझ रहे बच्चे, आखिर क्यों बढ़ रही स्कूली छात्रों में रीढ़ और पीठ की गंभीर समस्याएं?शुक्र गोचर से 11 दिन तक चमकेगी इन राशियों की किस्मत, धन लाभ और तरक्की के बन रहे योगरूणिचा में आस्था का महासंगम, लोकदेवता बाबा रामदेवजी के समाधि स्थल पर हर साल क्यों उमड़ते हैं एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुसर्वोच्च न्यायालय में हिंदी को आधिकारिक कामकाजी जुबान बनाने की मांग खारिज, सीजेआई बोले यह बदलाव धीरे-धीरे होगाशरद ऋतु में घर के आंगन और गमलों में उगाएं ताजी हरी सब्जियां, देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ ने साझा किए आसान तरीकेखाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए बनेंगे 5 सहायता केंद्र, सफाई और यातायात पर रहेगी सीधी नजरउत्तराखंड की पहाड़ियों में स्कूटी से डिलीवरी कर महिलाएं कमा रहीं ₹20,000 महीनाबैंक हड़ताल के चलते केंद्रीय कर्मचारियों को समय से पहले वेतन और पेंशन, 25 सितंबर को खाते में आएगी रकम
रांची में छाई फिल्म ‘द ववन’, दर्शकों ने कहा कि स्क्रीन पर छठ पूजा देखना एक अद्भुत अनुभवझारखंड
25 सित॰ 2026, 4:25 pm (14 मिनट पहले)· 0

रांची में छाई फिल्म ‘द ववन’, दर्शकों ने कहा कि स्क्रीन पर छठ पूजा देखना एक अद्भुत अनुभव

रांची में फिल्म ‘द ववन’ को देखने के बाद दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों का कहना है कि यह एक बेहतरीन पारिवारिक फिल्म है जिसमें संस्कृति और परंपराओं को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है।

रांची में पिछले कुछ दिनों से फिल्म ‘द ववन’ को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई थी और रिलीज के बाद सिनेमाघरों में भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्साह है क्योंकि इसमें पहली बार बड़े पर्दे पर छठ महापर्व की भव्यता और उसकी सांस्कृतिक गहराई को बहुत ही शानदार तरीके से उकेरा गया है। सिनेमाघरों से बाहर आ रहे दर्शक इस फिल्म की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इसे एक अलग ही अनुभव बता रहे हैं।

संस्कृति का अनूठा संगम और पारिवारिक सराहना

फिल्म देखकर बाहर आए संदीप ने बताया कि हर किसी को एक बार यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। यह सिनेमा हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति को बहुत ही करीने से बड़े पर्दे पर जीवंत करता है। फिल्म देखने का अनुभव बेहद सुखद रहा और इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें एक भी ऐसा दृश्य नहीं है जिसे परिवार के साथ बैठकर न देखा जा सके। लंबे अर्से बाद सिनेमा जगत में ऐसी मुकम्मल पारिवारिक फिल्म आई है जिसे घर के बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चे तक एक साथ बैठकर पूरी तल्लीनता के साथ आनंद ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें

छठ गीतों और भावनाओं का अनूठा मेल

अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अदिति ने कहा कि फिल्म में कई ऐसे मार्मिक दृश्य आते हैं जिन्हें देखकर आंखें नम हो जाती हैं लेकिन दिल को एक अजीब सा सुकून मिलता है। खासकर जब सिनेमाघर में छठ का पारंपरिक गीत गूंजता है तो ऐसा महसूस होता है जैसे हम अपने घर और अपने त्योहार के बीच पहुंच गए हों। विशाल मिश्रा ने इस गाने को बेहद खूबसूरती से गाया है जो सीधे दिल को छू जाता है। दर्शकों की भावनाओं का इसमें पूरा ख्याल रखा गया है और इसके लिए वे इस फिल्म को पूरे 10 में से 10 अंक देंगी।

पूरे परिवार के साथ सिनेमाघर पहुंचे लोग

सुनील ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे इस फिल्म को देखने के लिए काफी लंबे समय से उत्सुक थे और इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उनकी पत्नी ने मजाक में कहा था कि सिनेमाहॉल में पॉपकॉर्न की जगह इस बार ठेकुआ लेकर चलना चाहिए। वे अपने बच्चे, दादी, मामी और पूरे परिवार को साथ लेकर आए थे। उनके मुताबिक यह फिल्म किसी उत्सव से कम नहीं है और ऐसा बहुत कम होता है जब पूरा परिवार एकजुट होकर एक साथ कोई फिल्म देखने जाता है।

भविष्य के लिए एक बेहतरीन सिनेमाई प्रयास

कृतिका का मानना है कि आज के समय में ऐसी ही सार्थक फिल्में बनने की जरूरत है जो हमारी संस्कृति को बड़े पर्दे पर और अधिक बारीकी से प्रस्तुत करें। देश की संस्कृति में ऐसी अनगिनत कहानियां मौजूद हैं जिन पर काम किए जाने की सख्त जरूरत है क्योंकि दर्शक इस तरह के आयोजनों और विषयवस्तु को खूब पसंद कर रहे हैं। फिल्म ने पूरी तरह से मनोरंजन किया और यह पूरी तरह से पैसा वसूल साबित हुई, जिसके चलते वे इसे 10 में से 10 नंबर देंगी।

सवाल-जवाब

फिल्म ‘द ववन’ में किस प्रमुख त्योहार को दिखाया गया है?
इस फिल्म में पहली बार बड़े पर्दे पर छठ महापर्व को बहुत खूबसूरती के साथ दर्शाया गया है।
रांची के दर्शकों ने फिल्म के बारे में क्या प्रतिक्रिया दी?
दर्शकों ने इसे एक शानदार और पूरी तरह से पारिवारिक फिल्म बताया है जिसे परिवार के साथ देखा जा सकता है।
फिल्म का कौन सा पहलू दर्शकों को सबसे ज्यादा भावनात्मक लगा?
सिनेमाघर में जब छठ का पारंपरिक गीत बजा तो दर्शकों की आंखें भर आईं और उन्हें अपने त्योहार की याद आ गई।
छठ का यह गीत किसने गाया है?
इस गीत को विशाल मिश्रा ने बहुत खूबसूरती के साथ गाया है।
दर्शकों ने फिल्म को कितने नंबर दिए हैं?
कई दर्शकों ने इस फिल्म को 10 में से 10 अंक दिए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp