केरल के पत्तनमथिट्टा जिले में पुलिस हिरासत के दौरान एक यूट्यूबर के साथ हुई कथित मारपीट का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जुलाई महीने में अडूर पुलिस थाने के भीतर घटी इस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग शनिवार को टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित हुई, जिसमें युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एक दल हिरासत में रखे गए यूट्यूबर राजन जोसेफ को कथित तौर पर पीटते हुए दिख रहा है। इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मामले में शामिल कांग्रेस और युवा कांग्रेस से जुड़े लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
हिरासत के दौरान थाने में हमले का आरोप
प्रसारित दृश्य में दिख रहा है कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अडूर थाने के अंदर घुसकर जोसेफ के साथ कथित तौर पर हाथापाई कर रहे हैं। इसी दौरान कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य श्रीना देवी कुंजम्मा भी थाने के परिसर में दाखिल होती दिखती हैं और कथित तौर पर जोसेफ को चुनौती देती नजर आती हैं। गौरतलब है कि जोसेफ की गिरफ्तारी कुंजम्मा की शिकायत के आधार पर ही की गई थी। कुंजम्मा ने शिकायत में आरोप लगाया था कि जोसेफ ने सोशल मीडिया मंचों पर उनके संदर्भ में आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री साझा की थी।
11 जुलाई को कोच्चि से हुई थी गिरफ्तारी
यह पूरा मामला 11 जुलाई का है, जब अडूर पुलिस ने जोसेफ को कोच्चि से गिरफ्तार करने के बाद अडूर थाने पहुंचाया था। जब जोसेफ को थाने लाया जा रहा था, उस वक्त भी उन पर हमला करने की कथित कोशिश हुई थी, जिसके सिलसिले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित करीब 20 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। अब इस पूरे प्रकरण का नया वीडियो सामने आने के बाद माकपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। माकपा का कहना है कि यह वीडियो रिकॉर्डिंग सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के जरिए थाने से हासिल की गई है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि जोसेफ को डराया-धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। माकपा नेताओं ने इस आधार पर कुंजम्मा और युवा कांग्रेस नेता फेनी नैनन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग रखी है।
युवा कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। युवा कांग्रेस नेता फेनी नैनन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वे लोग केवल जोसेफ की गिरफ्तारी की खबर मिलने पर अपना विरोध दर्ज कराने के मकसद से थाने गए थे। नैनन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने या उनके साथियों ने जोसेफ के साथ कोई मारपीट अथवा हाथापाई नहीं की थी।
फेसबुक पोस्ट में कुंजम्मा का पक्ष
जुलाई महीने में हुई गिरफ्तारी के तत्काल बाद कुंजम्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया था कि हिरासत में लिए जाने से पूर्व यूट्यूबर बार-बार पुलिस को खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती दे रहा था। कुंजम्मा के अनुसार, जोसेफ को रात लगभग साढ़े दस बजे अडूर थाने लाया गया था, जहां उन्होंने उसे हवालात की कोठरी के फर्श पर बैठे देखा था। उन्होंने पोस्ट में लिखा था, “मैंने उनसे थोड़ी देर बात की, अपना परिचय दिया और फिर वहां से चली गई।”



















