यूरोपीय यील्ड में उछाल और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच डॉलर के मुकाबले यूरो 1.15 के नीचे फिसलाडॉजकॉइन में फिर लौटी मजबूती, व्हेल्स की भारी खरीदारी और ईटीएफ इनफ्लो से मिले तेजी के संकेतराजस्थान निकाय चुनाव: तिजारा में 18 पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने के बाद बवाल, बाजार बंद और चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनातक्रिकेटर विप्रज निगम के घर पहुंची दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती, तीन घंटे कार में किया इंतजारकिचन से कॉकरोच और लाल चींटियां भगाने के लिए ट्विंकल खन्ना ने साझा किया घरेलू नुस्खा, जानें बनाने का तरीकाबिना तीखी धूप में सुखाए घर पर बनाएं नींबू और हरी मिर्च का चटपटा अचार, जानें सौंफ राई की आसान रेसिपीरिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूतफिल्म 'वाइब' के बाद कुणाल खेमू का भावुक संदेश, दर्शकों के समर्थन पर जताया आभारकच्चे तेल में नरमी के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर फिसला, 1.4020 के पार बना तेजी का रुखत्योहारी सीजन से पहले टीवीएस ने उतारे अपाचे के दो नए ब्लैक डायमंड मॉडल, जानिए पूरी खासियत
केरल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का कहर, छह जिलों में ऑरेंज अलर्टकेरल
21 सित॰ 2026, 1:07 pm (21 मिनट पहले)· 0

केरल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का कहर, छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट

केरल के विभिन्न इलाकों में तेज बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने कई क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है।

केरल के अलग-अलग हिस्सों में कुदरत का प्रकोप देखने को मिल रहा है, जहां तेज आंधी और लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए पत्तनमथिट्ठा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम और त्रिशूर में सुबह सात बजे तीन घंटे की अवधि के लिए विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की गई। इस चेतावनी के दायरे में आने वाले इलाकों में चौबीस घंटे के दौरान 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही वायुमंडल में तेज हलचल के चलते चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट की पूरी संभावना जताई गई है।

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बहने से मौतें

रविवार की शाम हुई मूसलाधार बरसात ने राज्य के पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। इडुक्की और कोट्टायम के पहाड़ी हिस्सों में जमीन खिसकने की अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, जिनमें चार नागरिकों की जान चली गई। वहीं मलप्पुरम के नीलांबुर क्षेत्र से गुजरने वाली कोट्टापुझा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से आई बाढ़ में छह लोग तेज बहाव के साथ बह गए। इस भयावह स्थिति के बीच कोल्लम, पलक्कड़ तथा कन्नूर जैसे अन्य जनपदों में भी हल्की फुहारें और छिटपुट वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

ये भी पढ़ें

प्रशासनिक मुस्तैदी और फोन पर चेतावनी

प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने प्रशासनिक अमले को प्रत्येक साठ मिनट में वर्षा की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने का कड़ा आदेश दिया है। रविवार की रात मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, आपदा प्रबंधन आयुक्त विग्नेश्वरी ने जमीनी हालात परखने के लिए इडुक्की और कोट्टायम के जिलाधिकारियों के साथ आपात बैठक की। संवेदनशील बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को सीधे उनके मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर सतर्क किया जा रहा है। संबंधित जिलाधिकारियों को मैदान में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था जांचने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सवाल-जवाब

केरल के किन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है?
मौसम विभाग ने पत्तनमथिट्ठा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम और त्रिशूर जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की है।
ऑरेंज अलर्ट का क्या पैमाना निर्धारित है?
इसका तात्पर्य है कि चौबीस घंटे के भीतर 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज हो सकती है।
बारिश के साथ हवा की गति कितनी रहने की संभावना है?
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक प्रभावित इलाकों में चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
भूस्खलन की घटनाओं में कितने लोगों की मौत हुई है?
इडुक्की और कोट्टायम जिलों में जमीन खिसकने की अलग-अलग घटनाओं में कुल चार लोगों की जान गई है।
नीलांबुर में नदी की बाढ़ से क्या नुकसान हुआ?
मलप्पुरम के नीलांबुर में कोट्टापुझा नदी में अचानक आई बाढ़ में छह लोग बह गए हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए क्या कदम उठाया है?
इडुक्की और कोट्टायम जिलों में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे संदेश भेजकर मौसम संबंधी चेतावनी दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp