अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बियुराम वाहगे ने शनिवार को ईटानगर राजधानी क्षेत्र में डेंगू नियंत्रण की रणनीतियों और समग्र चिकित्सा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक तोमो रीबा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी और आसपास के इलाकों में संभावित संक्रमण से पहले ही प्रशासनिक तंत्र को सतर्क करना था।
इस बैठक में ईटानगर नगर निगम की मेयर लिका नारी तदार, निगम के सभी पार्षद और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। संवाद के दौरान शहरी स्वच्छता, दवाओं के छिड़काव और क्लिनिकल संसाधनों की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर कार्ययोजना को तुरंत अमल में लाया जा सके।
प्रशासनिक समन्वय और मच्छरों के प्रजनन पर प्रहार
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि डेंगू जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम केवल एक विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, ईटानगर नगर निगम और जिला प्रशासन के बीच कड़े तालमेल को अनिवार्य बताया ताकि किसी भी इलाके में जलजमाव या गंदगी से लार्वा पनपने न पाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें तेजी से नष्ट करने के लिए व्यापक सफाई अभियान चलाएं। इसके अलावा निगरानी तंत्र को मजबूत करने और जनसहभागिता बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी विशेष बल दिया गया।
जांच, जल्द पहचान और त्वरित चिकित्सा सहायता
शनिवार की बैठक से पहले बुधवार को भी स्वास्थ्य मंत्री ने एक प्राथमिक समीक्षा सत्र आयोजित किया था। उस दौरान उन्होंने निगरानी प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने, परीक्षण सुविधाओं का विस्तार करने और शुरुआती स्तर पर ही मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए थे। मंत्री ने दोहराया कि समय पर चिकित्सकीय दखल मिलने से न केवल बीमारी की गंभीरता को रोका जा सकता है, बल्कि प्रभावित मोहल्लों में संक्रमण के चक्र को भी आसानी से तोड़ा जा सकता है। इसके लिए नगर निगम और अन्य संबंधित निकायों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फील्ड एक्टिविटी जारी रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग का परामर्श और डेंगू के प्रमुख लक्षण
राजधानी क्षेत्र में अचानक होने वाले अल्पकालिक बुखार के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने आम जनता के लिए एक औपचारिक परामर्श जारी किया है। ईटानगर राजधानी क्षेत्र के जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी लोवांग मालो के कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में नागरिकों से एहतियाती उपाय अपनाने और लक्षण दिखने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है, जिसके कारण आमतौर पर दो से सात दिनों तक तेज बुखार रहता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, शरीर में तेज दर्द, जोड़ों में अकड़न, त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज और आंखों के पिछले हिस्से में गंभीर दर्द शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे ऐसे लक्षणों को सामान्य मौसमी बुखार समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।


















