कम जगह वाली अलमारी को खोलते ही कपड़ों का बिखरा हुआ ढेर सामने आना और अपनी पसंद की पोशाक तलाशने में वक्त बर्बाद होना एक बेहद आम समस्या है। ज्यादातर घरों में परेशानी अलमारी के छोटे आकार की उतनी नहीं होती, जितनी कि सामान को बेतरतीब ढंग से रखने की होती है। सही योजना और सलीके के बिना रखी गई छोटी या बड़ी अलमारी हमेशा अस्त-व्यस्त ही दिखती है। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर जिस तरह अपने फैशन और स्टाइल के लिए पहचानी जाती हैं, उनके पहनावे से अलमारी को सलीके से संभालने की समझ भी हासिल की जा सकती है। इसके लिए किसी महंगे रैक या भारी-भरकम स्टोरेज सिस्टम की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि थोड़ी सी सूझबूझ से सीमित जगह को भी व्यवस्थित किया जा सकता है।
सबसे पहले गैर-जरूरी कपड़ों की छंटाई करना है जरूरी
अलमारी को नए सिरे से संवारने की शुरुआत कपड़े जमाने से नहीं, बल्कि गैर-जरूरी चीजों को अलग करने से होनी चाहिए। अक्सर लोग ऐसी पोशाकों को भी महीनों या सालों तक संभालकर रखे रहते हैं, जिन्हें वे कभी नहीं पहनते। जब तक इन अनुपयोगी कपड़ों को बाहर नहीं निकाला जाएगा, तब तक अलमारी में खाली जगह बना पाना मुमकिन नहीं होगा।
कपड़ों को तीन मुख्य हिस्सों में छांटकर रखना सबसे व्यावहारिक तरीका माना जाता है। पहला हिस्सा रोजमर्रा में काम आने वाले कपड़ों का हो, दूसरा हिस्सा कभी-कभार पहने जाने वाले कपड़ों का और तीसरा हिस्सा शादी-ब्याह या खास आयोजनों के भारी परिधानों का होना चाहिए। इस वर्गीकरण का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि रोज के कपड़े निकालते वक्त पूरी अलमारी का संतुलन नहीं बिगड़ता। इसके अलावा, जो कपड़े चालू मौसम के अनुकूल नहीं हैं, उन्हें अलमारी की मुख्य शेल्फ से हटाकर किसी अलग बैग या स्टोरेज डिब्बे में पैक करके रखना बेहतर रहता है।
कपड़ों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रखें
छोटी अलमारी में अव्यवस्था तब सबसे तेजी से बढ़ती है जब कुर्ते, टी-शर्ट, टॉप, जींस और दुपट्टे बिना किसी क्रम के एक ही जगह ठूंस दिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में न सिर्फ जगह कम पड़ती है बल्कि कोई एक कपड़ा खींचते ही बाकी सारे कपड़े भी उलझ जाते हैं। इसलिए हर परिधान की एक निश्चित जगह तय करना बेहद जरूरी है।
अलमारी के एक हिस्से में सिर्फ कुर्ते रखें, दूसरे हिस्से में पैंट और जींस को करीने से लगाएं और दुपट्टों व स्टोल के लिए एक अलग कोना मुकर्रर करें। जब हर तरह के कपड़े के लिए एक निश्चित खांचा या शेल्फ तय हो जाती है, तो अलमारी भरी होने के बावजूद बिल्कुल साफ और व्यवस्थित दिखाई देती है।
तह लगाने का तरीका बदलकर बचाएं अलमारी की जगह
कपड़ों को एक के ऊपर एक ऊंचा ढेर बनाकर रखने का पारंपरिक तरीका छोटी जगह के लिए नुकसानदेह साबित होता है। नीचे दबे कपड़े अक्सर नजरों से ओझल हो जाते हैं और बीच में से कोई एक कपड़ा खींचते ही पूरा का पूरा ढेर बिखर जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए तह लगाने की तकनीक में बदलाव लाना चाहिए।
टी-शर्ट, हल्के टॉप और इनरवियर को छोटे आकार में मोड़कर सीधे खड़े रूप में फाइल की तरह कतार में सजाया जा सकता है। खड़े तरीके से रखे जाने पर अलमारी खोलते ही सारे कपड़े एक नजर में साफ दिखाई देते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि किसी एक कपड़े को बाहर निकालने पर उसके आस-पास रखे बाकी कपड़े अपनी जगह से नहीं हिलते।
मोटे और बेमौसम कपड़ों को मुख्य रैक से हटाएं
सर्दियों के स्वेटर, भारी जैकेट, गर्म शॉल और मोटे ऊनी कपड़े अलमारी में सबसे ज्यादा जगह घेरते हैं। अगर इन्हें पूरे साल रोजमर्रा के कपड़ों के साथ रखा जाए, तो सामान्य पोशाकों के लिए जगह ही नहीं बचती। जैसे ही मौसम में बदलाव आए, इन भारी कपड़ों को अलग बक्सों या स्टोरेज बैग में भरकर सुरक्षित रख देना चाहिए।
इन स्टोरेज बैग्स को अलमारी के सबसे ऊपरी शेल्फ पर या निचले हिस्से में रखा जा सकता है। यदि घर में बेड बॉक्स या दीवान के नीचे खाली जगह उपलब्ध है, तो बेमौसम के कपड़ों को वहां भी रखा जा सकता है। ऐसा करने से अलमारी के मुख्य हिस्से में रोज काम आने वाले कपड़ों को रखने के लिए पर्याप्त खाली जगह अपने आप निकल आती है।
हैंगर का सही और संतुलित इस्तेमाल करें
अक्सर लोग हर छोटे-बड़े कपड़े को हैंगर पर टांगने लगते हैं, जिससे हैंगिंग रॉड पर बहुत तेजी से जगह खत्म हो जाती है। हर परिधान को हैंगर पर लटकाना समझदारी नहीं है, क्योंकि इससे अलमारी जल्दी भर जाती है। हैंगर का इस्तेमाल केवल उन चुनिंदा कपड़ों के लिए होना चाहिए जिन्हें मोड़ने पर सिलवटें पड़ने का डर रहता है, जैसे फॉर्मल शर्ट, ब्लेजर और जैकेट।
हैंगर का चुनाव करते समय भी यह ध्यान रखें कि सभी हैंगर एक समान और पतले आकार के हों। अलग-अलग और मोटे प्लास्टिक या लकड़ी के हैंगर बेवजह ज्यादा खाली जगह घेरते हैं, जबकि पतले हैंगर से कम जगह में ज्यादा कपड़े सलीके से लटक जाते हैं। इससे अलमारी देखने में भी सुंदर लगती है और कपड़े चुनना बेहद आसान हो जाता है।
सोनम कपूर के स्टाइल से सीखें बहुमुखी पहनावे का हुनर
फैशन की दुनिया में सोनम कपूर की पहचान अलग-अलग रंगों, अनोखे टेक्सचर और लेयरिंग के शानदार प्रयोग के लिए है। उनके स्टाइल से वार्डरोब को लेकर यह सबसे बड़ा सबक मिलता है कि अलमारी में बेहिसाब कपड़े ठूंसने के बजाय सीमित कपड़ों को कई तरीकों से दोहराने की कला सीखनी चाहिए।
एक ही सादे कुर्ते को अलग-अलग रंगों के दुपट्टों, एथनिक जैकेट या अलग एक्सेसरीज के साथ पहनकर बिल्कुल नया रूप दिया जा सकता है। इसी तरह किसी एक पसंदीदा जींस को कुर्ती, फॉर्मल शर्ट या कैजुअल टॉप के साथ मिलाकर कई मौकों पर पहना जा सकता है। जब आप कपड़ों को री-स्टाइल और मिक्स-एंड-मैच करना सीख जाते हैं, तो बहुत कम कपड़ों में भी हर दिन एक नया और आकर्षक लुक तैयार हो जाता है और अलमारी कभी भारी नहीं लगती।



















