त्योहारों का मौसम शुरू होते ही भारतीय बाजारों में गुड़ की मांग काफी बढ़ जाती है। दुकानों और मंडियों में कई तरह के गुड़ बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाते हैं, जिनमें गहरे रंग के पारंपरिक गुड़ से लेकर बेहद साफ और हल्के पीले रंग के चमकदार गुड़ शामिल होते हैं। अक्सर ग्राहक किसी खाद्य सामग्री को खरीदते समय उसकी बाहरी चमक-दमक देखकर प्रभावित हो जाते हैं और चमकदार गुड़ को ही सबसे शुद्ध मान लेते हैं। हालांकि, सिर्फ रंग देखकर गुड़ चुनना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि इसे आकर्षक बनाने के लिए कई बार रसायनों और हानिकारक पदार्थों की मिलावट की जाती है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों के अनुसार गुड़ के रंग और बनावट पर उसकी निर्माण प्रक्रिया का सीधा असर पड़ता है, इसलिए खरीदारी करते समय सही बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
चमकदार और हल्के रंग के गुड़ का सच समझें
बाजार में मिलने वाले हल्के पीले, बेहद साफ या लगभग सफेद जैसे दिखने वाले गुड़ को ज्यादातर लोग प्रीमियम और शुद्ध गुणवत्ता वाला समझ बैठते हैं। लेकिन असलियत यह है कि पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया गुड़ गन्ने के रस को उबालकर बनाया जाता है, जिसमें प्राकृतिक शीरा मौजूद रहने के कारण उसका रंग गहरा भूरा या गहरा बादामी होता है। गुड़ को ज्यादा चमकदार और आकर्षक बनाने के लिए कुछ निर्माता उसमें कृत्रिम रंग या रसायन मिला देते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय सिर्फ गुड़ की बाहरी चमक पर जाने के बजाय उसकी प्राकृतिक रंगत और बनावट को देखना बहुत जरूरी है। कम प्रोसेस्ड गुड़ थोड़ा सा सांवला या गहरा दिख सकता है, लेकिन वह सेहत के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित होता है।
शुद्धता जांचने के घरेलू और प्रयोगशाला परीक्षण
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि गुड़ में किसी तरह की मिलावट की गई है या नहीं, तो इसके लिए कुछ खास परीक्षण किए जा सकते हैं। व्यावसायिक या लैब स्तर पर जांच के लिए पिसे हुए गुड़ के नमूने में तनु हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाया जाता है। अगर इस मिश्रण में तुरंत झाग या बुलबुले उठने लगें, तो यह बेकिंग सोडा या अन्य रसायनों की मिलावट को दर्शाता है। ध्यान रहे कि हाइड्रोक्लोरिक एसिड एक खतरनाक केमिकल है, इसलिए इस टेस्ट को घर पर खुद करने के बजाय किसी विशेषज्ञ या मान्यता प्राप्त लैब से ही करवाना चाहिए।
आम उपभोक्ता घर पर गुड़ की शुद्धता का अंदाजा लगाने के लिए पानी का एक आसान टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास साफ पानी लें और उसमें गुड़ का एक छोटा टुकड़ा डालकर ध्यान से देखें। असली गुड़ पानी में धीरे-धीरे घुलता है और पानी के नीचे कोई भारी अशुद्धि या अप्राकृतिक रंग की परत नहीं छोड़ता। अगर गुड़ घुलने के बाद पानी का रंग बहुत ज्यादा बदल जाए, उसमें तेज रंग तैरने लगे या नीचे अघुलनशील तलछट जमा हो जाए, तो समझ लें कि उसमें मिलावट की संभावना है। इस तरीके से बिना किसी केमिकल के गुड़ की शुरुआती गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है।
प्राकृतिक खुशबू और असली स्वाद से करें पहचान
गुड़ की गुणवत्ता को परखने का एक और बेहतरीन तरीका उसकी गंध और स्वाद की जांच करना है। शुद्ध देसी गुड़ में गन्ने के ताजे रस और शीरे की हल्की व सोंधी प्राकृतिक खुशबू आती है। इसका स्वाद सिर्फ तीखी मिठास वाला नहीं होता, बल्कि उसमें पारंपरिक गुड़ का एक अलग और समृद्ध स्वाद महसूस होता है।
इसके विपरीत, मिलावटी या अत्यधिक प्रोसेस्ड गुड़ में यह प्राकृतिक सोंधापन और गन्ने की महक गायब रहती है। ऐसे गुड़ को चखने पर वह बहुत ज्यादा मीठा लग सकता है या फिर उसमें से किसी अजीब तरह के केमिकल या रसायन जैसी गंध आ सकती है। अगर गुड़ में गन्ने की प्राकृतिक महक न हो या उसकी मिठास अस्वाभाविक लगे, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए।
पैकिंग की जांच, FSSAI लाइसेंस और रखरखाव पर दें ध्यान
गुड़ खरीदते समय केवल उसके भौतिक गुणों को देखना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके रखरखाव और पैकिंग पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। पैकेट बंद गुड़ लेते समय उसके लेबल पर दी गई जानकारियों को ध्यान से पढ़ें। पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माता का पूरा नाम और पता, पैकिंग की तारीख तथा एक्सपायरी की जानकारी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, बहुत सस्ते दाम पर बिकने वाले गुड़ को देखकर तुरंत न खरीदें, हालांकि कम कीमत ही हमेशा मिलावट का इकलौता सबूत नहीं होती। भरोसेमंद दुकानों या स्थापित ब्रांड्स से खरीदारी करना हमेशा बेहतर विकल्प होता है।
रखरखाव की स्थिति भी गुड़ की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। खुले में रखा गुड़ जो धूल, धुएं या नमी के संपर्क में आ रहा हो, उसे कभी न खरीदें। नमी के कारण गुड़ चिपचिपा हो जाता है और उसमें सूक्ष्मजीव पनपने का खतरा बढ़ जाता है। पैकेट वाला गुड़ खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि पैकेट फूला हुआ, कटा-फटा या सील टूटा हुआ न हो। हमेशा साफ-सुथरी जगह पर रखे हुए और सही तरीके से पैक किए गए गुड़ को ही प्राथमिकता दें।



















