सुबह की भागदौड़ में हर किसी की यही चाहत होती है कि रसोई में कम से कम मेहनत लगे और नाश्ता बेहद स्वादिष्ट बनकर तैयार हो। आमतौर पर नाश्ते की मेज पर आलू से बने पारंपरिक पराठे, सैंडविच या पूरी सब्जी ही देखने को मिलती है। हालांकि, इन व्यंजनों में आटा गूंथने, लोई बेलने या फिर आलू का भरावन अलग से तैयार करने में काफी वक्त खर्च हो जाता है। अगर आप बिना किसी झंझट के कुछ नया और कुरकुरा बनाना चाहते हैं, तो उबले और कच्चे आलू का एक अनूठा संगम आपकी सुबह को आसान बना सकता है। इसमें उबले आलू का नरम अहसास और कच्चे आलू के लच्छों की बनावट एक साथ मिलकर एक लाजवाब पैनकेक का रूप ले लेती है। जब इसमें कद्दूकस की हुई ताजा गाजर, बारीक कटी हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाया जाता है, तो स्वाद के साथ-साथ इसका रंग भी बेहद निखरकर सामने आता है। मिश्रण को आपस में बांधने और पैन पर सेंकते वक्त सुनहरी परत तैयार करने के लिए चावल का आटा मुख्य भूमिका निभाता है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री और उसकी सही परख
इस आसान व्यंजन को तैयार करने के लिए किसी जटिल सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि घर में मौजूद रोजमर्रा की चीजें ही पर्याप्त होती हैं। इसके लिए आपको जरूरत के हिसाब से उबले हुए आलू चाहिए, जिन्हें पहले से अच्छी तरह ठंडा करके मैश किया गया हो। इसके अलावा एक कप कद्दूकस किया हुआ कच्चा आलू और आधा कप बारीक कद्दूकस की गई गाजर की आवश्यकता होती है। मिश्रण को बांधने के लिए आधा कप चावल का आटा ले लें। तीखेपन और खुशबू के लिए एक छोटा चम्मच बारीक कटी हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स और ताजी कटी हरी धनिया पत्ती रखें। स्वाद को संतुलित करने के लिए स्वादानुसार सादा नमक और तवे पर सेंकने के लिए थोड़ा सा कुकिंग तेल या शुद्ध घी निकाल लें। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस विधि में उबले आलू की कोई तय ग्राम मात्रा नहीं बांधी गई है, इसलिए उबले आलू को थोड़ा-थोड़ा करके ही मिलाएं ताकि मिश्रण का गाढ़ापन एकदम संतुलित रहे और वह पैन पर आसानी से टिक सके।
उबले आलू को पूरी तरह चिकना कैसे करें
नाश्ते की बेहतरीन बनावट के लिए सबसे पहला कदम उबले हुए आलू को ठीक से तैयार करना है। अगर आलू हाल ही में उबाले गए हैं और वे काफी गरम हैं, तो सबसे पहले उन्हें कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें। गरम आलू को सीधे मैश करने से उनमें भाप की अतिरिक्त नमी रह जाती है। आलू ठंडे हो जाने के बाद उनका छिलका सावधानी से उतारें और किसी बड़े फैले हुए बर्तन में रखें। अब पोटैटो मैशर या कांटे की मदद से उन्हें अच्छी तरह से मसल लें। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आलू में कोई भी बड़ा टुकड़ा या गांठ बाकी न रहे। अगर आलू के बड़े टुकड़े रह जाएंगे, तो पैन पर फैलाते समय सतह एक समान नहीं बनेगी और वह बीच से टूट सकती है। चिकने और एकसार मैश किए हुए आलू बाकी कटी सब्जियों और आटे को आपस में मजबूती से जोड़कर रखते हैं। आलू पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद उन्हें ढककर एक तरफ रख दें।
कच्चे आलू और गाजर को कद्दूकस करने का सही तरीका
अब कच्चे आलू और गाजर की तैयारी पर ध्यान देना जरूरी है। कच्चे आलू और गाजर को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर उनका छिलका उतार लें। इसके बाद कद्दूकस की मदद से दोनों को कसें। कच्चे आलू को हमेशा बारीक या मध्यम छेद वाले कद्दूकस से ही घिसें। अगर आलू के लच्छे बहुत मोटे होंगे, तो धीमी आंच पर भी उन्हें पकने में अधिक समय लगेगा और अंदर कच्चापन रहने का खतरा बना रहेगा। आलू कद्दूकस करते ही उनमें से प्राकृतिक पानी निकलने लगता है। यदि आलू में बहुत ज्यादा नमी नजर आ रही हो, तो अपनी हथेलियों के बीच हल्के हाथ से दबाकर उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें। इसके बाद एक कप कच्चा कसा हुआ आलू और आधा कप कद्दूकस की हुई गाजर को मैश किए हुए उबले आलू वाले बर्तन में डाल दें। कच्चे आलू को हवा के संपर्क में ज्यादा देर न छोड़ें, वरना उनका रंग गहरा पड़ सकता है, इसलिए कद्दूकस करते ही मिश्रण में मिला दें।
मसालों और धनिये का सही संतुलन
आलू और गाजर के इस ताजे मिश्रण में अब स्वाद और महक जोड़ने की बारी आती है। इस मिश्रण में बारीक कटी हुई हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स, कटा हुआ हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालें। किसी चम्मच या फिर साफ हाथों की मदद से इन सभी चीजों को अच्छी तरह से मिलाएं ताकि नमक और तीखापन मिश्रण के हर एक कोने में बराबर पहुंच सके। अगर यह नाश्ता छोटे बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा है, तो हरी मिर्च और चिली फ्लेक्स की मात्रा को अपनी पसंद के अनुसार घटाया जा सकता है। एक महत्वपूर्ण बात यह याद रखें कि नमक मिलने के तुरंत बाद सब्जियां पानी छोड़ने लगती हैं। इसलिए जैसे ही आप मसाले मिला लें, मिश्रण को लंबे समय तक रखने के बजाय आगे की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देनी चाहिए।
चावल का आटा मिलाने का अनुपात और बनावट
मिश्रण को पैन पर बिखरने से बचाने के लिए चावल का आटा धीरे-धीरे करके मिलाया जाता है। आधा कप चावल के आटे को एक साथ उड़ेलने के बजाय दो से तीन बार में थोड़ा-थोड़ा करके डालें और हल्के हाथों से मिलाते जाएं। मिश्रण की बनावट ऐसी होनी चाहिए कि वह हाथों में नरम महसूस हो, लेकिन इतना गीला भी न हो कि पैन में डालते ही बहने लगे। अगर सब्जियों से निकली नमी के कारण मिश्रण ज्यादा गीला लग रहा हो, तो बचा हुआ पूरा चावल का आटा उसमें मिला लें। दूसरी तरफ, यदि गलती से आटा ज्यादा डल जाए और मिश्रण सूखा होकर टूटने लगे, तो उसमें थोड़ा सा और मैश किया हुआ उबला आलू मिलाकर बनावट को दोबारा संतुलित किया जा सकता है। जरूरत से ज्यादा आटा डालने से नाश्ता अंदर से सख्त बन सकता है, इसलिए आटे का अनुपात सावधानी से तय करें।
पैन में मिश्रण को सही मोटाई में फैलाना
अब गैस चालू करें और एक नॉन-स्टिक पैन या भारी तले का तवा रखकर उस पर थोड़ा सा तेल या घी अच्छी तरह फैला दें। जब पैन हल्का गरम हो जाए, तो आंच को धीमा करें और मिश्रण का एक बड़ा हिस्सा चम्मच की मदद से पैन के बीच में रखें। अब एक चौड़े चम्मच या पलटे की सहायता से हल्के हाथ से दबाते हुए उसे गोल आकार में फैलाएं। इस पैनकेक को बहुत अधिक मोटा न रखें, क्योंकि ज्यादा मोटाई होने पर ऊपरी सतह तो जल्दी सुनहरी हो जाएगी, लेकिन अंदर मौजूद कच्चे आलू के लच्छे पूरी तरह नहीं पक पाएंगे। यदि आप यह नाश्ता पहली बार बना रहे हैं, तो बड़े आकार का पैनकेक बनाने के बजाय छोटे-छोटे आकार के पैनकेक बनाएं। छोटे पैनकेक को पलटना, संभालना और दोनों तरफ से एक समान सेंकना काफी आसान रहता है।
धीमी आंच पर ढककर पकाने का सटीक तरीका
नाश्ते को अंदर तक पकाने और बाहर से कुरकुरा बनाने के लिए आंच का नियंत्रण सबसे जरूरी पहलू है। पैन पर ढक्कन लगाएं और उसे धीमी से मध्यम आंच पर पकने दें। घड़ी देखकर केवल एक या दो मिनट में ही इसे पलटने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। जब तक निचली परत अच्छी तरह जम न जाए और किनारों से हल्की सुनहरी न दिखने लगे, तब तक इसे पकने दें। पकने का सटीक समय इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने पैनकेक कितना मोटा फैलाया है और आंच की तीव्रता क्या है। जब नीचे की परत मजबूत हो जाए, तब एक चौड़े स्पैचुला से इसे धीरे से पलटें। यदि जरूरत महसूस हो, तो किनारों पर कुछ बूंदें तेल या घी की डाल दें ताकि दूसरी तरफ भी बढ़िया रंग आए। अंत में पैन से ढक्कन हटाकर एक मिनट के लिए खुली आंच पर पकाएं, इससे बाहरी परत में बेहतरीन कुरकुरापन आ जाता है।
परखने का तरीका और गरमागरम परोसना
जब दोनों तरफ से सुंदर सुनहरा रंग आ जाए, तो बीच वाले हिस्से को चम्मच या कांटे से हल्का दबाकर देखें। अंदर के आलू के लच्छे पूरी तरह नरम होने चाहिए और उसमें किसी तरह का कच्चापन महसूस नहीं होना चाहिए। पूरी तरह पक जाने के बाद इसे सावधानी से प्लेट में निकाल लें। इस कुरकुरे नाश्ते को तीखी हरी पुदीना-धनिया चटनी या फिर बच्चों के पसंदीदा टोमेटो केचप के साथ गरमागरम परोसें। यदि आपने बड़ा पैनकेक बनाया है, तो उसे चाकू की मदद से तिकोने टुकड़ों में काटकर भी पेश किया जा सकता है। एक जरूरी सलाह यह है कि गरम पैनकेक को कभी भी एक के ऊपर एक सटाकर न रखें, क्योंकि भाप की वजह से उनकी कुरकुरी परत भाप से नरम पड़ सकती है। तवे से उतरते ही इसे ताजा खाना ही सबसे बेहतर अनुभव देता है।



















