त्योहारों की दावत हो या रविवार का नाश्ता, भारतीय घरों में पूड़ी हमेशा से खास पसंद रही है। गरमा-गरम फूली हुई पूड़ी हर किसी को लुभाती है, मगर तलने के दौरान पूड़ी का ज्यादा तेल सोख लेना अक्सर चिंता का सबब बन जाता है। बहुत अधिक तेल वाली पूड़ी खाने से जहां सेहत पर असर पड़ता है, वहीं रसोई में तेल की खपत भी काफी बढ़ जाती है। बहुत से लोग पूड़ी खाने से पहले उसका तेल पोंछने के लिए अलग-अलग जतन करते हैं, जबकि सही तकनीकों को अपनाकर कम तेल वाली और खस्ता पूड़ी तैयार की जा सकती है।
आटा गूंथते समय रखें पानी की मात्रा सीमित
कम तेल वाली पूड़ी बनाने का सबसे पहला और बुनियादी नियम आटे की बनावट से जुड़ा है। पूड़ी का आटा कभी भी रोटी की तरह नरम नहीं गूंथा जाना चाहिए। आटा तैयार करते समय पानी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें और उसे थोड़ा कड़ा या सख्त रखें। जब आटा सख्त गूंथा जाता है, तो तलते वक्त वह गर्म तेल को अपने भीतर ज्यादा नहीं खींचता। कड़े आटे से बेली गई पूड़ी न सिर्फ तेल कम सोखती है, बल्कि कड़ाही में डालते ही बहुत अच्छी तरह फूलती भी है और लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है।
गूंथे हुए आटे को फ्रिज में ठंडा करने का तरीका
अक्सर लोग आटा तैयार होते ही तुरंत पूड़ियां बेलना और तलना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा करने के बजाय आटे को कुछ देर के लिए रख देना अधिक फायदेमंद साबित होता है। आटा तैयार करने के बाद उसे लगभग 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख देना चाहिए। ठंडा आटा तलते समय तेल का अवशोषण काफी हद तक कम कर देता है। इस प्रक्रिया से पूड़ी की बाहरी बनावट बहुत अच्छी रहती है और उसमें चिकनाई का स्तर अपेक्षाकृत कम रहता है। जब त्योहारों या दावतों के समय पहले से तैयारी करनी हो, तब यह तरीका समय बचाने और रसोई का काम आसान करने में भी मददगार साबित होता है।
कड़ाही के गर्म तेल में चुटकी भर नमक का प्रयोग
तलने की प्रक्रिया के दौरान भी एक छोटा सा नुस्खा बहुत कारगर साबित हो सकता है। पूड़ियां तलने के लिए जब कड़ाही में तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें बहुत थोड़ी मात्रा में नमक डाला जा सकता है। ऐसा करने से तेल की सतह पर एक सूक्ष्म परत बनने में मदद मिलती है, जो पूड़ी के भीतर अत्यधिक तेल को समाने से रोकती है। हालांकि इस उपाय को आजमाते समय सावधानी बरतनी जरूरी है। कड़ाही में नमक की मात्रा बहुत अधिक नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा नमक डालने से गर्म तेल छिटक या उछल सकता है।



















