झारखंड के बोकारो जिले में स्थित फुसरो का मां जगदंबा चाट सेंटर इन दिनों स्ट्रीट फूड प्रेमियों के बीच खास चर्चा में है। यहां परोसी जाने वाली बाहुबली चाट अपने विशाल आकार और अनोखे स्वाद के कारण लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। इस चाट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगभग 75 तरह की सामग्रियां मिलाई जाती हैं। दूर-दराज के इलाकों से लोग केवल इस चाट का लुत्फ उठाने फुसरो पहुंच रहे हैं, जहां परोसने का अंदाज और स्वाद दोनों ही पारंपरिक चाट से काफी अलग हैं।
पंद्रह वर्षों का अनुभव और पचास रुपये की थाली
चाट स्टॉल के संचालक विक्की गुप्ता पिछले 15 वर्षों से यह दुकान चला रहे हैं। उनके मेन्यू में कई तरह के व्यंजन मौजूद हैं, मगर ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा मांग बाहुबली चाट की ही रहती है। संचालक ने बताया कि इस पूरी चाट की कीमत मात्र 50 रुपये प्रति प्लेट रखी गई है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति बिना सोचे इसका स्वाद ले सके। किफायती दाम और भारी मात्रा की वजह से यह चाट युवाओं और परिवारों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुकी है।
तैयारी की पूरी प्रक्रिया और खास सामग्रियां
बाहुबली चाट बनाने की विधि भी काफी दिलचस्प है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले एक बड़े आकार की विशेष पूरी ली जाती है। इसके बाद उस पूरी में हाथ से बड़ा छेद किया जाता है, ताकि अंदर भरपूर सामग्री भरी जा सके। स्वाद के आधार को मजबूत करने के लिए इसमें 5 तरह के खास मसाले डाले जाते हैं। इसके बाद कुरकुरी आलू टिकिया, खस्ता पापड़ी, मिक्सचर, भुने हुए बादाम दाने और बारीक सेव मिलाए जाते हैं। चाट में खट्टा-मीठा और तीखा संतुलन बनाने के लिए 5 अलग-अलग किस्मों की चटनियां डाली जाती हैं। अंत में इसे आकर्षक और पौष्टिक रूप देने के लिए ऊपर से काजू, किशमिश और रंग-बिरंगी टूटी-फ्रूटी से सजाया जाता है।
नवाचार की सोच और रोजाना की भारी बिक्री
संचालक विक्की गुप्ता के अनुसार वह काफी समय से सामान्य चाट बेच रहे थे, लेकिन हमेशा कुछ नया करने का विचार उनके मन में रहता था। वह ऐसी चाट बनाना चाहते थे जिसे खाने के बाद ग्राहक का पेट भी भर जाए और स्वाद भी याद रहे। इसी सोच ने बाहुबली चाट को जन्म दिया। वर्तमान में यहां रोजाना 50 से 100 प्लेट बाहुबली चाट की बिक्री आसानी से हो जाती है। यह स्टॉल दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है, जहां कई बार ग्राहकों की लंबी कतारें लग जाती हैं। चाट चखने पहुंचे जलाल हाशमी नामक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने पहली बार इसका स्वाद चखा और यह उन्हें इतना पसंद आया कि वे दोबारा जरूर आएंगे।





















