मंडी या बाजार से सब्जियां लाते वक्त अक्सर लोग केवल उनकी बाहरी चमक और साफ-सुथरे रूप को देखकर थैले भर लेते हैं। कई दफा बाहर से बेहद चमकदार नजर आने वाली सब्जियां अंदर से पूरी तरह सड़ी या बेस्वाद निकलती हैं, जबकि कुछ सब्जियों पर बने सूक्ष्म निशान उनकी खराब गुणवत्ता की ओर इशारा करते हैं जिन्हें ग्राहक अनदेखा कर देते हैं। इस विषय पर सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस स्पेशलिस्ट लीमा महाजन ने ग्राहकों को आगाह करते हुए समझाया है कि सही, ताजा और सेहतमंद सब्जियों का चुनाव करने के लिए किन खास संकेतों को परखना बेहद आवश्यक होता है।
भिंडी की लचक और टूटने की आवाज से परखें उसकी उम्र
बाजार में भिंडी चुनते समय उसकी ताजगी की पुष्टि करना सबसे जरूरी कदम है। जब भी भिंडी खरीदें, उसके निचले सिरे को हल्का सा दबाकर या मोड़कर देखें। यदि भिंडी बीच में से मुड़ जाती है और टूटती नहीं है, तो समझ लें कि वह बासी हो चुकी है और उसमें रेशे बढ़ चुके हैं, इसलिए ऐसी भिंडी को खरीदने से बचना चाहिए। इसके विपरीत, पूरी तरह से ताजी भिंडी को हल्का सा मोड़ते ही वह एक झटके में चट की साफ आवाज के साथ आसानी से टूट जाती है, जो उसके कच्चेपन और ताजगी का पक्का सबूत है।
नींबू के छिलके का लचीलापन बताता है रस की मात्रा
सब्जियों के साथ अक्सर खरीदा जाने वाला नींबू भी कई बार ग्राहकों को निराश कर देता है। यदि नींबू हाथ से दबाने पर बिल्कुल भी नहीं दबता और पत्थर की तरह बहुत सख्त या कड़ा महसूस होता है, तो उसे कतई न लें, क्योंकि ऐसे नींबू में रस की मात्रा न के बराबर होती है। दूसरी तरफ, जो नींबू उंगलियों से छूने पर बहुत ज्यादा मुलायम, ढीले या पिचके हुए प्रतीत होते हैं, उनके भीतर से सड़ने या फफूंद लगे होने का पूरा अंदेशा रहता है। इसलिए हमेशा सामान्य दबाव पर हल्का दबने वाला नींबू ही चुनें।
ब्रोकली का पीलापन और डंठल की मजबूती पर दें ध्यान
ब्रोकली को स्वास्थ्यवर्धक मानकर खरीदा जाता है, परंतु उसकी ताजगी पर नजर रखना अनिवार्य है। ब्रोकली की टोकरी देखते समय ध्यान दें कि उसके फूल या ऊपरी गुच्छे पर किसी भी हिस्से में पीलापन या भूरा रंग न दिख रहा हो। यदि फूल पर पीला या भूरा रंग दिखाई दे, तो उसे न खरीदें। इसके साथ ही ब्रोकली का डंठल पूरी तरह सख्त, हरा और तरोताजा होना चाहिए। यदि डंठल छूने में अत्यधिक नरम, चिपचिपा या सूखा हुआ महसूस हो, तो यह उसके खराब होने और पोषक तत्व खोने का स्पष्ट संकेत होता है।
हरे दाग वाले आलू और फीकी शकरकंदी के नुकसान से बचें
दैनिक भोजन का अहम हिस्सा माने जाने वाले आलू खरीदते समय रंग की जांच बेहद जरूरी है। यदि आलू की सतह पर कहीं भी हरे रंग के चकत्ते या पैचेस नजर आएं, तो उस आलू को बिल्कुल न खरीदें, क्योंकि ऐसे हरे रंग वाले आलू का स्वाद बिगड़ा हुआ और खराब होता है। वहीं शकरकंदी की बात करें तो कई बार पकाने के बाद वह बिल्कुल फीकी और बेस्वाद साबित होती है। इस समस्या से बचने के लिए शकरकंदी के छिलके का रंग देखना चाहिए। हमेशा गहरा लाल छिलका रखने वाली शकरकंदी का ही चयन करना बेहतर होता है, क्योंकि गहरे लाल रंग की शकरकंदी आमतौर पर स्वाद में कहीं अधिक मीठी निकलती है।



















