सुबह की ताजगी के लिए पी जाने वाली कॉफी त्वचा की नियमित देखभाल में भी एक प्रभावी और असरदार विकल्प मानी जाती है। ब्यूटी रूटीन में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आ रहा है, क्योंकि यह बेजान और खुरदरी त्वचा को हटाकर चेहरे को कोमल अहसास देती है। कॉफी की दानेदार बनावट एक बेहतरीन प्राकृतिक एक्सफोलिएटर का काम करती है। यह त्वचा की सबसे ऊपरी परत पर जमी धूल-मिट्टी, अतिरिक्त तेल और मृत कोशिकाओं को धीरे-धीरे बाहर निकालने में काफी मददगार साबित होती है। इसी खूबी के चलते कई लोग बाजार के महंगे उत्पादों की जगह इसे स्क्रब के रूप में अपनाना पसंद करते हैं।
त्वचा की चमक और रक्त संचार में सुधार
इस प्राकृतिक नुस्खे का एक प्रमुख लाभ यह भी देखा गया है कि यह त्वचा की ऊपरी सतह पर रक्त संचार की गति को बेहतर बनाने में सहायता करता है। जब चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज की जाती है, तो रक्त प्रवाह तेज होने से त्वचा अधिक खिली-खिली, तरोताजा और चमकदार दिखाई देने लगती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि यह मुंहासों की समस्या का कोई स्थायी इलाज नहीं है और न ही यह खुले रोमछिद्रों को हमेशा के लिए छोटा कर सकता है। इसके बावजूद, नियमित रूप से सही मात्रा में किया गया एक्सफोलिएशन त्वचा को स्वस्थ और साफ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
स्क्रब बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर ही शुद्ध और रासायनिक तत्वों से मुक्त कॉफी स्क्रब तैयार करने के लिए बहुत कम चीजों की जरूरत होती है। रसोई में आसानी से मिलने वाली इन तीन सामग्रियों से एक गाढ़ा और असरदार पेस्ट तैयार किया जा सकता है
- दो बड़े चम्मच कॉफी पाउडर या फिर कॉफी ग्राउंड्स
- एक बड़ा चम्मच नारियल का तेल या जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल)
- एक बड़ा चम्मच सामान्य चीनी
इन तीनों सामग्रियों को किसी साफ कटोरी में डालकर अच्छी तरह मिला लें, जब तक कि यह एक समान और गाढ़ा लेप न बन जाए।
लगाने का सही तरीका और नियम
तैयार पेस्ट का इस्तेमाल करने से पहले चेहरे या शरीर के जिस हिस्से पर इसे लगाना हो, उसे पानी से हल्का गीला कर लें। इसके बाद स्क्रब को लेकर लगभग पांच मिनट तक बेहद हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें। मसाज पूरी होने पर इस मिश्रण को करीब पांच मिनट तक त्वचा पर यूं ही लगा रहने दें, ताकि तेल की नमी अंदर तक पहुंच सके। तय समय के बाद चेहरे को गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें। त्वचा को सुखाने के तुरंत बाद कोई अच्छा मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें, जिससे त्वचा में नमी का संतुलन बना रहे और सूखापन न आए।
जरूरी सावधानियां और सीमाएं
किसी भी स्क्रब का अत्यधिक इस्तेमाल त्वचा को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। कॉफी स्क्रब का प्रयोग पूरे सप्ताह में केवल एक या दो बार ही किया जाना चाहिए। बहुत बार-बार एक्सफोलिएट करने से त्वचा की स्वाभाविक सुरक्षात्मक परत प्रभावित हो सकती है, जिससे रूखापन या जलन की शिकायत हो सकती है। स्क्रबिंग के दौरान चेहरे को जोर से रगड़ने से बचें और केवल उंगलियों के पोरों से हल्का दबाव डालें। इसके अलावा, यदि चेहरे पर सक्रिय मुंहासे, किसी तरह की सूजन या एलर्जी जैसी कोई समस्या हो, तो इस घरेलू उपाय को आजमाने से पहले किसी त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करना ही सुरक्षित रहेगा।



















