त्योहारों के मौसम में पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक व्यंजनों की महक घरों में घुलने लगती है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जितिया पर्व के मौके पर पारंपरिक पकवान ठेकुआ को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोक आस्था के पर्व जितिया और छठ पूजा दोनों में ही इस खास पकवान को विशेष रूप से देवी-देवताओं के भोग के लिए बनाया जाता है। शुद्ध देसी गुड़ और गेहूं के आटे के मेल से तैयार होने वाला यह पकवान अपने अनोखे स्वाद और सादगी के कारण हर किसी की पहली पसंद माना जाता है।
गुड़ की चाशनी तैयार करने से होती है शुरुआत
पारंपरिक विधि से ठेकुआ तैयार करने के पूरे क्रम को समझाते हुए सरगुजा के यश गुप्ता बताते हैं कि इसकी शुरुआत गुड़ की मीठी चाशनी पकाने से की जाती है। सबसे पहले गुड़ को धीमी आंच पर पकाकर उसकी एकसार चाशनी बनाई जाती है। चाशनी जब पूरी तरह पक जाए, तो उसे आंच से उतारकर सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है। इस चाशनी का पूरी तरह ठंडा होना बेहद जरूरी होता है, ताकि आगे आटा गूंथते समय मिश्रण का संतुलन बिल्कुल सही बना रहे।
आटा गूंथने और सही आकार देने का तरीका
यश गुप्ता के अनुसार, जब गुड़ की चाशनी ठंडी हो जाती है, तब उसमें धीरे-धीरे आटा मिलाया जाता है। आटे और गुड़ की चाशनी को एक साथ मिलाकर बहुत अच्छी तरह से गूंथ लिया जाता है। आटा गूंथने के बाद उसे तुरंत इस्तेमाल करने के बजाय कुछ समय के लिए सेट होने छोड़ दिया जाता है, जिससे ठेकुआ खस्ता और कुरकुरा बनता है। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ी जाती हैं और उन्हें पारंपरिक लकड़ी या पत्थर के सांचों में रखकर दबाया जाता है। सांचे में दबाते ही इन पर पारंपरिक नक्काशीदार डिजाइन और मनचाहा आकार उभर आता है।
धीमी आंच पर तलने से बढ़ता है स्वाद
सांचों से मनचाहा आकार देने के बाद इन टुकड़ों को गर्म तेल में धीमी आंच पर तला जाता है। तेल में सुनहरा होने तक तलने के बाद इन्हें बाहर निकाला जाता है और थोड़ी देर ठंडा होने दिया जाता है। यश गुप्ता का कहना है कि गर्म ठेकुआ की तुलना में जब यह हल्का ठंडा हो जाता है, तो इसका असली स्वाद निखर कर सामने आता है और यह अधिक कुरकुरा लगता है।
पर्व-त्योहारों में ठेकुआ का महत्व
यश गुप्ता बताते हैं कि ठेकुआ का स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है। छठ पूजा के दौरान तो इसे मुख्य प्रसाद के रूप में पूरे सम्मान के साथ परोसा और खाया जाता है, लेकिन अब जितिया पर्व के दौरान भी लोग घरों में इसे प्रसाद के तौर पर श्रद्धापूर्वक तैयार कर रहे हैं। इसकी मुख्य सामग्री केवल आटा और गुड़ की चाशनी ही होती है। कुछ लोग इसके स्वाद को और बेहतर करने के लिए बेहतरीन गुणवत्ता वाले आटे का चयन करते हैं। यदि आप भी जितिया या छठ पर्व पर घर पर शुद्ध ठेकुआ बनाना चाहते हैं, तो गुड़ की चाशनी ठंडी करके आटे के साथ इस पारंपरिक विधि को आसानी से अपना सकते हैं।



















