बेहतरीन स्वास्थ्य और मजबूत शरीर के लिए हमेशा ही दैनिक खानपान में सूखे मेवों को शामिल करने की पुरजोर सिफारिश की जाती है। आम तौर पर काजू, बादाम और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स जरूरी पोषक तत्वों का एक बड़ा भंडार माने जाते हैं, लेकिन इनकी कीमतें इतनी ज्यादा होती हैं कि हर आम परिवार के लिए इन्हें रोजाना खरीद पाना मुमकिन नहीं हो पाता है। ऐसे में मूंगफली एक ऐसा बेहतरीन और किफायती जरिया है जो बेहद कम पैसों में भरपूर पोषण दे सकता है। यही कारण है कि देश के तमाम ग्रामीण अंचलों में लोग प्यार से इसे गरीबों का पिस्ता भी कहकर पुकारते हैं।
पोषण से भरपूर एक सस्ता सुपरफूड
इस साधारण सी चीज में शरीर के लिए जरूरी कई तत्व जैसे कि प्रोटीन, डायटरी फाइबर, कई तरह के विटामिन्स, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे बाजार से बहुत ही आसानी से खरीदा जा सकता है और इसे खाने के तरीके भी काफी अलग-अलग और आसान हैं। यही वजह है कि जो लोग अपने सीमित बजट के भीतर ही रहकर बेहतरीन पोषण पाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहद उपयोगी और टिकाऊ विकल्प साबित हो सकता है।
चिकित्सक की राय और इसके फायदे
रायबरेली के सीएचसी शिवगढ़ में तैनात आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, जो लोग कम लागत में ड्राई फ्रूट्स का विकल्प तलाशने में जुटे हैं, वे बिना किसी संकोच के अपनी थाली में मूंगफली को जगह दे सकते हैं। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर, कैल्शियम, जरूरी विटामिन्स और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। हालांकि, डॉक्टर यह भी स्पष्ट करती हैं कि इसे किसी भी तरह की बीमारी की दवा या इलाज के रूप में बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए। इसे हमेशा एक संतुलित और सेहतमंद आहार के हिस्से के तौर पर ही खाना सबसे सही रहता है।
डाइट में शामिल करने के अलग-अलग तरीके
सर्दियों के दिनों में लोगों को भूनकर गर्मागर्म मूंगफली खाना बहुत भाता है, लेकिन इसे साल के बाकी मौसमों में भी एक सीमित मात्रा के साथ खाया जा सकता है। विशेषज्ञों के सुझाव के मुताबिक, इसे रातभर पानी में भिगोकर अगले दिन सुबह के वक्त खाना काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा इससे घरों में स्वादिष्ट लड्डू, तीखी चटनी और कई प्रकार के लजीज व्यंजन भी आसानी से तैयार किए जाते हैं। इस तरह से इसे रोजमर्रा के खानपान में तमाम विविध रूपों में शामिल किया जा सकता है, बशर्ते इसकी मात्रा का खास खयाल रखा जाए।
सावधानियां और एलर्जी से जुड़ी बातें
भले ही यह खाने में बहुत पौष्टिक और गुणकारी होती है, लेकिन यह हर एक इंसान के लिए एक जैसी मुफीद साबित हो ऐसा जरूरी नहीं है। जिन लोगों को मूंगफली से किसी भी प्रकार की एलर्जी या फूड सेंसिटिविटी है, उन्हें इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। एलर्जी की चपेट में आने पर त्वचा पर तेज खुजली, शरीर में सूजन या फिर सांस लेने में भारी दिक्कत जैसी गंभीर परेशानियां भी पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा, जो लोग पहले से किसी गंभीर बीमारी की चपेट में हैं या नियमित तौर पर डॉक्टर की अंग्रेजी दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें अपने रोज के खाने में इसकी मात्रा बढ़ाने से पहले किसी विशेषज्ञ या डाइटीशियन से परामर्श जरूर कर लेना चाहिए।
संतुलित खानपान का महत्व
काजू, बादाम और पिस्ता जैसे महंगे मेवों की तुलना में यह बहुत कम दाम में आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जिस वजह से कम आय वाले परिवारों के लिए यह पोषण हासिल करने का सबसे सुलभ जरिया बन जाती है। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर इसे एक पूर्ण आहार का दर्जा दिलाते हैं, और इसी खूबी के चलते ग्रामीण इलाकों में इसे गरीबों का पिस्ता नाम मिला है। हालांकि, बेहतर और लंबी सेहत के लिए केवल एक ही तरह की चीज पर पूरी तरह निर्भर हो जाने के बजाय, विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को एक निश्चित संतुलन के साथ अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।



















