घरों में बागवानी करने वाले लोगों के बीच अब गमलों के चयन को लेकर एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। लंबे समय से छतों, बरामदों और बालकनी में हरियाली सजाने के लिए मिट्टी और सीमेंट के गमलों का व्यापक इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, कंक्रीट और भारी मिट्टी से बने ये पात्र छत की सतह पर अत्यधिक भार डालते हैं, जिससे मकान की संरचना को नुकसान पहुंचने या दरारें पड़ने की आशंका बनी रहती है। इसी चिंता के समाधान के रूप में अब बाजार में फाइबर और प्लास्टिक के आधुनिक गमलों ने अपनी मजबूत जगह बना ली है। बागवानी प्रेमियों के बीच इन हल्के विकल्पों की खरीदारी में भारी इजाफा देखा जा रहा है।
पारंपरिक गमलों से आधुनिक विकल्पों की ओर रुझान
नर्सरी व्यवसाय से जुड़े नेक सिंह का कहना है कि पूर्व में ग्राहक केवल मिट्टी या सीमेंट से निर्मित पात्रों की ही मांग किया करते थे। वर्तमान दौर में लोगों की प्राथमिकताओं में उल्लेखनीय परिवर्तन दर्ज किया गया है। अब आवासीय भवनों की छतों, बालकनी और घरेलू बगीचों में पौधे रोपने के लिए प्लास्टिक और फाइबर के विभिन्न डिज़ाइनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन आधुनिक कंटेनरों की सबसे बड़ी खूबी इनका बेहद कम वजन होना है, जिसके चलते इन्हें बिना किसी मशक्कत के एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
टिकाऊ बनावट और पौधों के विकास में लाभ
नेक सिंह के अनुसार, प्लास्टिक और फाइबर से तैयार किए गए गमले काफी मजबूत और टिकाऊ साबित होते हैं। इन पर कड़ी धूप, बारिश या ठंड जैसे मौसमी बदलावों का असर बहुत धीमा होता है, जिसके कारण ये वर्षों तक बिना टूटे या खराब हुए अपनी उपयोगिता बनाए रखते हैं। इसके अतिरिक्त, इनमें रोपे गए पौधों की वृद्धि भी संतुलित और बेहतर तरीके से होती है। सफाई बनाए रखने और स्थान बदलने में सुगमता होने के कारण आम नागरिक भारी और नाजुक पारंपरिक बर्तनों के स्थान पर इन्हें ज्यादा मुफीद मान रहे हैं।
महानगरों से छोटे शहरों तक लगातार बढ़ती मांग
प्लास्टिक और फाइबर गमलों की लोकप्रियता केवल चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं है। कोलकाता और पुणे जैसे प्रमुख महानगरों में इनका चलन काफी तेजी से बढ़ा है, और अब मुरादाबाद के स्थानीय बाजारों में भी खरीदार इन विकल्पों को हाथों-हाथ ले रहे हैं। वर्ष 2024 के बाद से इस तरह के हल्के गमलों की व्यावसायिक मांग में तेज उछाल दर्ज किया गया है। आने वाले समय में जैसे-जैसे ऊंची इमारतों और अपार्टमेंट संस्कृति का विस्तार होगा, वैसे-वैसे बालकनी गार्डनिंग के लिए इन हल्के और सुरक्षित कंटेनरों की जरूरत में और अधिक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।



















