सड़क पर रफ्तार से लेकर फैसलों तक, जानिए पुरुषों के अहं के पीछे क्या कहता है मनोविज्ञानशादी की खरीदारी में कुंदन के गहने चुनते समय असली और मिलावटी सेट की ऐसे करें पहचानबालों को घना बनाने में रोजमेरी या करी पत्ता, जानिए वैज्ञानिक रिसर्च का क्या है फैसलाछपवा के केला प्लांट संचालक ने बताया एसी और केमिकल से पके केले में अंतर, इस तरह करें असली पहचान72 गानों वाली भारतीय क्लासिक जिसका वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी अटूट हैरसोई में हरी मिर्च को सड़ने से बचाने और महीनों तक तरोताजा रखने के अचूक नुस्खेअभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में रचा इतिहास, 25 या उससे कम गेंदों में 12वीं बार पचास रन बनाकर स्थापित किया कीर्तिमानइंग्लैंड में एशेज 2027 खेलने पर स्टीव स्मिथ का संशय, ओलंपिक 2028 और टी20 लीग पर टिका ध्यानइटली में रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की सीक्रेट शादी के अनसुने किस्से आए सामने, सिर्फ 13 मेहमान थे मौजूदआकिब जावेद और वहाब रियाज पर गिर सकती है गाज, पीसीबी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी
घर पर लगा बेसिल नहीं हो रहा हरा-भरा और बुशी, अपनाएं ये आसान बागवानी तरीकेजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 11:16 pm (33 मिनट पहले)· 0

घर पर लगा बेसिल नहीं हो रहा हरा-भरा और बुशी, अपनाएं ये आसान बागवानी तरीके

बेसिल के पौधे में अधिक पत्तियां और शाखाएं पाने के लिए पिंचिंग, सही धूप, संतुलित पानी और खाद की उचित मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

घरों में खुशबूदार जड़ी-बूटी के तौर पर उगाया जाने वाला बेसिल अक्सर सही देखभाल न मिलने पर सिर्फ एक पतली डंडी के सहारे ऊपर की तरफ बढ़ता रहता है। कई बार गमले में लगा पौधा लंबा तो हो जाता है, लेकिन उसमें शाखाएं कम निकलती हैं और हरी पत्तियां भी गिनती की ही रह जाती हैं। इस तरह की स्थिति तब पैदा होती है जब पौधे की बुनियादी जरूरतों और कटाई-छंटाई की तकनीक पर ध्यान नहीं दिया जाता। थोड़ी सी व्यवस्थित देखभाल और बागवानी से जुड़े कुछ बुनियादी नियमों को अपनाकर आप अपने बेसिल को तेजी से नई शाखाओं और घनी पत्तियों से भर सकते हैं।

धूप और रोशनी का सही संतुलन बनाना है जरूरी

बेसिल की स्वस्थ बढ़वार के लिए पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी की आवश्यकता होती है। यदि गमला ऐसी जगह रखा है जहां रोशनी बहुत कम आती है, तो पौधा रोशनी की तलाश में लंबा और पतला होने लगता है, जिससे उसका तना कमजोर पड़ जाता है और नई शाखाएं नहीं फूटतीं। इसे घर के ऐसे हिस्से या बालकनी में रखना चाहिए जहां दिन के समय कुछ घंटे अच्छी धूप मिलती हो।

ये भी पढ़ें

धूप देते समय मौसम की तीव्रता का ख्याल रखना भी आवश्यक है। सुबह के समय मिलने वाली हल्की और मीठी धूप बेसिल के पत्तों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होती है। हालांकि, गर्मियों के मौसम में पड़ने वाली तेज और चिलचिलाती दोपहरी की धूप से पौधे को बचाना चाहिए, क्योंकि लगातार बहुत कड़ी धूप में रहने से पत्तियां झुलस सकती हैं और पौधे का विकास रुक सकता है।

पिंचिंग तकनीक से बढ़ाएं नई शाखाएं और पत्तियां

अगर आपका पौधा नीचे से खाली नजर आ रहा है और सिर्फ ऊपर की तरफ लंबाई पकड़ रहा है, तो पिंचिंग इसके लिए सबसे असरदार तरीका है। पिंचिंग का मतलब है पौधे के सबसे ऊपरी हिस्से पर निकल रही कोमल पत्तियों और नई शाखा की नोक को उंगलियों से हल्के हाथ से तोड़ देना। जब आप ऊपर की टिप को हटा देते हैं, तो पौधे की ऊर्जा ऊपर बढ़ने के बजाय निचली गांठों से नई शाखाएं निकालने में लगने लगती है।

कुछ ही दिनों में जहां से पिंचिंग की गई होती है, वहां से दो नई शाखाएं फूटने लगती हैं। इससे पौधा धीरे-धीरे चारों तरफ फैलता है और पहले से कहीं अधिक घना दिखाई देने लगता है। पिंचिंग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए कि एक साथ बहुत ज्यादा शाखाएं या पत्ते न काटें, केवल सबसे ऊपरी मुलायम सिरे को ही हटाएं।

फूल आने पर उन्हें तुरंत हटाना क्यों जरूरी है?

जब बेसिल का पौधा परिपक्व होने लगता है, तो उसकी शाखाओं के शीर्ष पर छोटे-छोटे फूल आने लगते हैं। यदि आपका मुख्य उद्देश्य रसोई के उपयोग के लिए ताजी हरी पत्तियां हासिल करना है, तो जैसे ही पौधे पर फूल दिखाई दें, उन्हें तुरंत काट कर अलग कर दें।

जब पौधे पर फूल टिके रहते हैं, तो उसकी पूरी जैविक ऊर्जा बीज तैयार करने में खर्च होने लगती है। इसका सीधा असर नई पत्तियों और शाखाओं के विकास पर पड़ता है और पत्तियां आना बंद या धीमी हो जाती हैं। समय रहते फूलों को हटाने से पौधा अपनी पूरी शक्ति केवल नए पत्तों और टहनियों को विकसित करने में लगाता है।

मिट्टी की उर्वरता और पोषक तत्वों का प्रबंधन

गमले में लगे पौधों के लिए मिट्टी का पोषण सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। काफी समय से एक ही गमले में लगे रहने के कारण बेसिल की मिट्टी सख्त हो जाती है और उसके पोषक तत्व खत्म होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में खुरपी की मदद से गमले की ऊपरी मिट्टी को हल्का सा ढीला कर देना चाहिए ताकि जड़ों तक हवा पहुंच सके।

मिट्टी की गुड़ाई करने के बाद उसमें थोड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद मिला देनी चाहिए। इससे मिट्टी को आवश्यक पोषण मिलता है और पौधा तेजी से बढ़ता है। खाद डालते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि गमले में आवश्यकता से अधिक खाद डालने से पौधे की जड़ें जल सकती हैं और पौधे को फायदे की जगह गंभीर नुकसान हो सकता है।

सिंचाई का सही नियम और जल निकासी की व्यवस्था

बेसिल को नमी पसंद होती है, लेकिन गमले में हर समय पानी भरा रहना उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यदि गमले में पानी लगातार रुका रहेगा, तो जड़ों में सड़न की समस्या पैदा हो जाएगी और पौधा धीरे-धीरे पीला पड़कर सूख जाएगा।

पौधे को पानी देने से पहले हमेशा उंगलियों से मिट्टी की ऊपरी परत को छूकर जांच लें। जब ऊपर की मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी उसमें जरूरत के मुताबिक पानी डालें। साथ ही, गमले के तल में ड्रेनेज होल यानी जल निकासी के छेद खुले होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके और जड़ों के पास जमा न हो।

कटिंग लगाकर एक ही पौधे से तैयार करें नए पौधे

यदि आपके पास बेसिल का एक स्वस्थ पौधा मौजूद है, तो आप उसकी कटिंग तैयार करके गमलों की संख्या बढ़ा सकते हैं। इसके लिए पौधे की किसी मजबूत और स्वस्थ शाखा को चुनें, जिस पर किसी प्रकार के कीड़े या बीमारी के लक्षण न हों। इस शाखा को किसी गांठ के ठीक नीचे से काट लें।

काटी गई इस कटिंग को साफ पानी से भरे बर्तन में रखें। कुछ दिनों के भीतर उस शाखा के निचले हिस्से से बारीक सफेद जड़ें निकलने लगेंगी। जब जड़ें पर्याप्त विकसित हो जाएं, तो उस कटिंग को अच्छी मिट्टी और खाद वाले नए गमले में रोप दें। इस तरह आप आसानी से एक ही पौधे से कई नए घने पौधे तैयार कर सकते हैं। समय-समय पर पौधे की सूखी और पीली पत्तियों को हटाते रहने और नियमित रूप से इन पांचों बातों का ध्यान रखने से आपका बेसिल हमेशा हरा-भरा और बुशी बना रहेगा।

सवाल-जवाब

बेसिल के पौधे को घना बनाने के लिए पिंचिंग कैसे की जाती है?
पौधे के सबसे ऊपरी सिरे पर निकल रही कोमल पत्तियों और नई शाखा की नोक को उंगलियों से हल्का सा तोड़ दें। इससे पौधे की ऊर्जा बगल की गांठों में जाएगी और वहां से दो नई शाखाएं निकलेंगी।
बेसिल पर फूल आने पर उन्हें हटाना क्यों जरूरी है?
फूल आने पर पौधे की सारी ऊर्जा बीज बनाने में लगने लगती है, जिससे नई पत्तियों का आना रुक जाता है। फूलों को समय रहते हटा देने से पौधा केवल घनी पत्तियां पैदा करने में ऊर्जा लगाता है।
बेसिल को दिन में कितनी और कैसी धूप मिलनी चाहिए?
बेसिल को दिन में कुछ घंटे अच्छी धूप की जरूरत होती है, जिसमें सुबह की हल्की धूप सबसे बेहतर मानी जाती है। हालांकि, गर्मियों की बहुत तेज और झुलसाने वाली धूप से पौधे को बचाना चाहिए।
कटिंग से बेसिल का नया पौधा कैसे तैयार करें?
एक स्वस्थ शाखा को गांठ के नीचे से काटकर पानी में रखें। कुछ दिनों बाद जब उसमें बारीक जड़ें निकल आएं, तो उसे अच्छी मिट्टी वाले गमले में लगा दें।
बेसिल के पौधे में पानी कब और कितना देना चाहिए?
गमले की मिट्टी की ऊपरी परत को छूकर देखें और जब वह सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। गमले में जल निकासी छेद होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी रुकने से जड़ें न सड़ें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Nyra Kaif@nyra-kaif·19 मिनट पहले

यह लेख एक दिलचस्प और व्यावहारिक नजरिया पेश करता है कि कैसे छोटे-छोटे तरीकों से पौधों की देखभाल की जा सकती है। जिस तरह से पिंचिंग और धूप के संतुलन की बात की गई है, वह न केवल बागवानी को आसान बनाती है बल्कि पौधों को स्वस्थ रखने के लिए मानसिक संतोष भी देती है। आधुनिक शहरी जीवनशैली में जब लोग अपने घरों को हरा-भरा रखने के लिए नए तरीके ढूंढ रहे हैं, ऐसे लेख ग्रीन-लिविंग और सस्टेनेबल आदतों को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होते हैं।

Neha Verma@neha-verma·18 मिनट पहले

बेसिल को बुशी बनाने की यह तकनीक केवल बागवानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक शहरी जीवनशैली में 'एस्थेटिक होम गार्डन' और 'किचन गार्डनिंग' के बढ़ते ट्रेंड से सीधे जुड़ी है। शहरी बालकनी गार्डनिंग में जहां जगह सीमित होती है, वहां पिंचिंग जैसी तकनीकों से कम स्पेस में घना पौधा उगाना एक बेहतरीन सस्टेनेबल अप्रोच है। यह न सिर्फ फ्रेश हर्ब्स की डेली डिमांड पूरी करता है, बल्कि घर की इंटीरियर डेकोरेटिव वैल्यू को भी बढ़ाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp