ढाबों और बड़े होटलों में मिलने वाली रूमाली रोटी अपने हल्के वजन, कोमलता और बेहद बारीक बनावट की वजह से खाने के शौकीनों की पहली पसंद मानी जाती है. हलवाई और शेफ इसे एक विशालकाय उल्टे तवे पर हवा में उछालकर इतना महीन बेलते हैं कि यह कपड़े के रूमाल जैसी झीनी नजर आने लगती है. इसी पारंपरिक तकनीक को देखकर अधिकतर लोगों को लगता है कि इसे घर की साधारण रसोई में तैयार करना लगभग असंभव काम है. असलियत यह है कि यदि सही सामग्री, गूंथने के सटीक नियम और थोड़ी सी चतुराई अपनाई जाए, तो रोजमर्रा के आम तवे पर भी बिल्कुल वैसी ही लजीज और लचीली रोटी पकाई जा सकती है.
परफेक्ट लचीलेपन का राज है आटे की तैयारी
रूमाली रोटी की मुख्य विशेषता उसका लचीलापन और मुंह में घुल जाने वाला टेक्सचर होता है. इस खास खिंचाव को पाने के लिए आटे को केवल मिलाना काफी नहीं होता, बल्कि उसे सही समय तक मसलना और पर्याप्त विश्राम देना सबसे बुनियादी शर्त है. सही ढंग से तैयार किया गया मैदा तेज आंच पर पहुंचते ही कुछ ही पलों में फूलकर पक जाता है. कुछ बुनियादी नियमों का पालन करके घर की रसोई में भी ढाबे जैसा प्रामाणिक स्वाद और कोमलता हासिल की जा सकती है.
आटा गूंथने और सेट करने का सही अनुपात
इस व्यंजन को शुरू करने के लिए एक गहरे बर्तन में 2 कप मैदा निकालें और उसमें स्वादानुसार नमक अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए एकदम नरम आटा तैयार करना शुरू करें. इस मिश्रण को लगातार 8 से 10 मिनट तक हथेलियों के पिछले हिस्से से अच्छी तरह गूंथें, जिससे उसमें चिकनापन और लोच पैदा हो जाए. जब आटा पूरी तरह एकसार हो जाए, तब उस पर 1 चम्मच तेल लगाएं और एक बार फिर हल्के हाथों से गूंथ लें. इसके बाद एक गीले सूती कपड़े को निचोड़कर आटे को ढकें और कम से कम 30 मिनट के लिए एक तरफ रख दें. यह ठहराव मैदे के खिंचाव को स्थिर करता है, जिससे बाद में रोटी बेलना बेहद सुगम हो जाता है.
बारीक बेलने और लोई संभालने की तरकीब
पर्याप्त समय तक आराम कर चुके आटे से एक समान आकार की छोटी-छोटी लोइयां काट लें. इन सभी लोइयों को भी किसी हल्के गीले कपड़े से ढककर रखना जरूरी है ताकि पंखे या हवा से उनकी बाहरी परत सूखने न पाए. अब चकले पर बेहद हल्का सूखा आटा छिड़कें और लोई को जितना पतला संभव हो सके बेलना शुरू करें. यहां सावधानी बरतें कि सूखा आटा जरूरत से ज्यादा न लगे, क्योंकि अतिरिक्त सूखा आटा तवे पर जाते ही रोटी को कड़ा और सूखा बना देता है. बेलते समय रोटी किनारे से फटने न पाए. यदि बेलते वक्त मैदा बार-बार खिंचकर वापस सिकुड़ने लगे, तो समझें कि लोई को और आराम चाहिए; ऐसी स्थिति में उसे 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर दोबारा बेलें.
उल्टे तवे पर सेंकने की त्वरित तकनीक
घर में मौजूद सामान्य तवे को चूल्हे पर मध्यम से तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म कर लें और फिर उसे सावधानीपूर्वक गैस बर्नर पर उल्टा रख दें. अब पतली बेली गई रोटी को दोनों हाथों से संभालते हुए तवे की गर्म उठी हुई बाहरी सतह पर फैलाएं. तेज आंच के असर से महज 20 से 30 सेकंड के भीतर सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले उभरने लगेंगे. बुलबुले दिखते ही रोटी को चिमटे से पलट दें और दूसरी तरफ भी सिर्फ कुछ सेकंड तक ही आंच लगने दें. जैसे ही दोनों तरफ हल्के भूरे चित्तीदार निशान दिखाई दें, रोटी को तुरंत तवे से हटा लें. ध्यान रखें कि तवे पर जरा सी भी अधिक देर रोटी को पापड़ की तरह सख्त बना सकती है.


















