बदलते मौसम की मार, बढ़ता प्रदूषण और असंतुलित खानपान आजकल बालों की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। हर कोई घने, चमकदार और मजबूत बाल चाहता है, लेकिन ज्यादातर लोग सिर्फ महंगे शैंपू, सीरम या पार्लर ट्रीटमेंट के भरोसे रह जाते हैं। सच यह है कि जब तक दिनभर की आदतों और स्कैल्प की बुनियादी देखभाल पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक बाहरी उत्पाद लंबे समय तक फायदा नहीं पहुंचा पाते। बालों पर लगातार ब्लो ड्रायर या स्ट्रेटनर चलाना, गीले बालों में जोर से कंघी फेरना और सिर की त्वचा को नजरअंदाज करना जड़ों को कमजोर बना देता है। अपनी दिनचर्या में संतुलित भोजन, भरपूर पानी, कोमल हाथों से कंघी करना और स्कैल्प की सफाई जैसी सामान्य आदतों को शामिल करके बालों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बनाया जा सकता है।
सप्ताह में तेल लगाने का सही तरीका
सिर में तेल लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और यह बालों को नमी देने का सबसे आजमाया हुआ तरीका है। लंबे और घने बालों की चाहत रखने वालों को हफ्ते में एक से दो बार बालों और स्कैल्प पर तेल जरूर लगाना चाहिए। ऑयलिंग करते समय ध्यान रखें कि उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से सिर की त्वचा पर मालिश की जाए। तेल को बहुत जोर से रगड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे बाल जड़ों से खिंचकर टूट सकते हैं। तेल लगाने के लगभग एक से दो घंटे बाद किसी सौम्य यानी माइल्ड शैंपू से सिर धो लेना पर्याप्त होता है। इस नियम से सिर का रूखापन खत्म होता है और बालों में लचीलापन बना रहता है, जिससे उनके बीच से टूटने की गुंजाइश काफी घट जाती है।
सोते समय बालों को खिंचाव और रगड़ से बचाएं
रात के समय तकिए के साथ बालों का लगातार घर्षण भी हेयरफॉल की एक बड़ी और अनदेखी वजह बनता है। सूती कवर पर बाल उलझते हैं और करवट बदलते समय टूटते रहते हैं। इससे बचने का सबसे आसान उपाय यह है कि सोने के लिए सिल्क या सैटिन फैब्रिक वाले पिलो कवर का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा कई लोग रात में बालों को बहुत कसकर रबर बैंड से बांध लेते हैं, जिससे जड़ों पर खिंचाव पड़ता है। रात को सोने से ठीक पहले बालों की एक ढीली चोटी गूंथ लें। ढीली चोटी बनाने से खिंचाव नहीं बनता और सोते समय बाल आपस में उलझने से बचे रहते हैं, जिससे सुबह कंघी करते वक्त बाल कम गिरते हैं।
रोजाना स्कैल्प की हल्की मसाज का महत्व
स्वस्थ बालों की नींव मजबूत स्कैल्प पर टिकी होती है, इसलिए सिर की त्वचा की सक्रिय देखभाल बेहद जरूरी है। इसके लिए दिन में 3 से 5 मिनट का समय निकालकर स्कैल्प की हल्की मालिश करने का नियम बनाएं। मालिश करते वक्त उंगलियों के पोरों को गोल-गोल घुमाते हुए बहुत धीरे-धीरे दबाव देना चाहिए। इस प्रक्रिया से सिर को आराम मिलता है और बालों की जड़ों की बेहतर देखभाल होती है। मालिश के दौरान स्कैल्प को तेजी से मसलने या नाखूनों का इस्तेमाल करने से पूरी तरह बचना चाहिए। नाखूनों से त्वचा छिल सकती है या उसमें जलन और संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। यह छोटी सी आदत हेयर केयर रूटीन को मजबूत बनाती है।
हीट स्टाइलिंग टूल्स के ज्यादा इस्तेमाल से दूरी
बालों को सुखाने या स्टाइल करने के लिए स्ट्रेटनर, कर्लर या अत्यधिक गर्म हवा वाले ड्रायर का बार-बार इस्तेमाल करना बालों की बाहरी सुरक्षा परत को जला देता है। तेज गर्मी से बाल बेजान, रूखे और दोमुंहे होने लगते हैं। इसलिए रोजाना के स्तर पर हीट स्टाइलिंग उपकरणों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। अगर किसी जरूरी मौके पर हेयर ड्रायर का उपयोग करना ही पड़े, तो उसकी सेटिंग को हमेशा लो या मीडियम हीट पर रखें और पहले हीट प्रोटेक्शन उत्पाद जरूर लगाएं। सबसे बेहतर यही रहता है कि बालों को धोने के बाद सामान्य हवा में प्राकृतिक रूप से सूखने दिया जाए। इससे बालों की प्राकृतिक नमी सुरक्षित रहती है और वे टूटने से बचते हैं।
भीतरी पोषण के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें
बालों की सुरक्षा सिर्फ तेल या शैंपू जैसे बाहरी साधनों से संभव नहीं है, क्योंकि बालों के रोम छिद्रों को बनने और टिके रहने के लिए शरीर के भीतर से खुराक चाहिए होती है। अपनी रोजाना की थाली में दाल, पनीर, दही, अंडा, चना और राजमा जैसी चीजें शामिल करें जो प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, तरह-तरह के बीज और मौसमी फल खाने की आदत डालें। प्रोटीन और आयरन ऐसे दो मुख्य पोषक तत्व हैं जो बालों के सामान्य स्वास्थ्य और विकास के लिए बुनियादी तौर पर जरूरी माने जाते हैं। संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन बालों को अंदरूनी तौर पर शक्ति देता है, इसलिए खानपान में कोई लापरवाही न बरतें।

















