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जहानाबाद में 35 साल पुरानी दुकान पर 20 रुपये का नाश्ता बना लोगों की पहली पसंद, रोजाना बिकते हैं 800 काला जामुनजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 10:35 pm (39 दिन पहले)· 0

जहानाबाद में 35 साल पुरानी दुकान पर 20 रुपये का नाश्ता बना लोगों की पहली पसंद, रोजाना बिकते हैं 800 काला जामुन

जहानाबाद के बस स्टैंड के पास स्थित साढ़े तीन दशक पुरानी मिठाई की दुकान पर किफायती नाश्ता करने के लिए हर शाम युवाओं और बुजुर्गों का तांता लग रहा है।

बिहार के जहानाबाद में बस स्टैंड के पास स्थित एक पारंपरिक मिष्ठान भंडार का नाश्ता पिछले कई दशकों से स्थानीय बाशिंदों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बना हुआ है। शाम ढलते ही इस दुकान पर गरम-गरम नाश्ते का लुत्फ उठाने के लिए नौजवानों से लेकर बुजुर्गों तक का तांता लग जाता है। महज 20 रुपये प्रति प्लेट मिलने वाला यह खास नाश्ता स्वाद और किफायत दोनों मामलों में लोगों का चहेता बन चुका है। कई खरीदार ऐसे हैं जो वर्षों से लगातार यहां अपना मनपसंद स्वाद चखने पहुंच रहे हैं।

महंगाई के दौर में भी बजट के अनुकूल नाश्ता

बदलते वक्त और बढ़ती महंगाई के असर से यह प्रतिष्ठान भी अछूता नहीं रहा है। पहले जहां 15 रुपये में दो पीस मिठाई और नमकीन सेव की पूरी प्लेट परोसी जाती थी, वहीं हाल के दिनों में लागत बढ़ने के कारण इसकी दर संशोधित कर 20 रुपये प्रति प्लेट कर दी गई है। इसके बावजूद मौजूदा बाजार भाव की तुलना में यह बेहद किफायती है। दुकान पर दो पीस काला जामुन अलग से खरीदने पर सिर्फ 12 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जो कि आज के समय में हर वर्ग के बजट में आसानी से समा जाता है।

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साढ़े तीन दशक का लंबा सफर और रोजाना की जबरदस्त मांग

प्रतिष्ठान के संचालक धनंजय कुमार ने दुकान के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि यह दुकान पिछले 35 वर्षों से जहानाबाद बस स्टैंड के समीप संचालित हो रही है। दुकान की सबसे लोकप्रिय पेशकश काला जामुन और नमकीन सेव का अनोखा मेल है, जिसे हर उम्र के लोग चाव से खाते हैं। धनंजय कुमार के अनुसार, उनके पास ऐसे कई नियमित ग्राहक हैं जो पिछले 20 वर्षों से लगातार आ रहे हैं। सामान्य दिनों में यहां हर रोज करीब 700 से 800 पीस काला जामुन की बिक्री हो जाती है, जबकि विशेष अवसरों और त्योहारों पर यह आंकड़ा काफी ऊपर चला जाता है।

सामने तैयार होता ताजा सामान और 10 किलोमीटर दूर से आते कद्रदान

दुकान पर पिछले 20 सालों से नाश्ता करने आ रहे नियमित ग्राहक राम विष्णु शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि दूसरी जगहों के मुकाबले यहां कम खर्च में उम्दा स्वाद मिलता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के भारी विश्वास की मुख्य वजह यह है कि मिठाई से लेकर तमाम नमकीन व्यंजन खरीदारों की आंखों के सामने ही ताजे तैयार किए जाते हैं, जिससे स्वच्छता और गुणवत्ता बनी रहती है।

वहीं, इस दुकान में पिछले 14 वर्षों से कारीगरी का काम संभाल रहे महेश कुमार ने बताया कि वर्षों से यहां आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वाद की शोहरत के चलते कई कद्रदान 10 किलोमीटर दूर के इलाकों से भी सफर तय करके यहां पहुंचते हैं। त्योहारी सीजन में तो मांग इतनी बढ़ जाती है कि सामान पलक झपकते ही समाप्त हो जाता है और रोज की 700 से 800 पीस की औसत खपत आसानी से पूरी हो जाती है।

सवाल-जवाब

जहानाबाद में यह प्रसिद्ध दुकान कहां पर स्थित है?
यह 35 साल पुरानी दुकान जहानाबाद में बस स्टैंड के पास स्थित है।
दुकान पर नाश्ते की प्लेट की मौजूदा कीमत क्या है?
वर्तमान में दो पीस मिठाई और नमकीन सेव की प्लेट 20 रुपये में मिलती है, जो पहले 15 रुपये में मिलती थी।
दुकान पर अलग से दो पीस काला जामुन कितने रुपये में मिलता है?
अलग से लेने पर दो पीस काला जामुन की कीमत केवल 12 रुपये है।
दुकान पर प्रतिदिन औसतन कितने काला जामुन बिकते हैं?
दुकानदार के अनुसार सामान्य दिनों में रोजाना 700 से 800 पीस काला जामुन की बिक्री हो जाती है।
इस दुकान के मुख्य कारीगर कौन हैं और वे कब से काम कर रहे हैं?
दुकान में कारीगर महेश कुमार हैं, जो पिछले 14 वर्षों से यहां काम कर रहे हैं।
ग्राहक इस दुकान के खाने पर इतना भरोसा क्यों करते हैं?
ग्राहकों के अनुसार यहां मिठाइयों से लेकर नमकीन तक सारा सामान खरीदारों की आंखों के सामने ताजा तैयार किया जाता है।
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