मानसून के आगमन के साथ ही वातावरण में नमी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ जाता है। हवा में मौजूद यह अतिरिक्त ह्यूमिडिटी हमारी त्वचा के साथ-साथ बालों और स्कैल्प के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालती है। नमी के कारण सिर की त्वचा पर पसीना और प्राकृतिक तेल जमा होने लगते हैं, जिससे बाल हमेशा चिपचिपे नजर आते हैं। इस मौसम में सही देखभाल न मिलने पर डैंड्रफ, फंगल इंफेक्शन और बाल टूटने जैसी परेशानियां तेजी से पनपने लगती हैं। ऐसे में बालों को अतिरिक्त पोषण देने और उनकी जड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए सही हेयर ऑयल का चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है।
बारिश के मौसम में क्यों होती हैं बालों से जुड़ी समस्याएं
बरसात के दिनों में हवा में नमी का स्तर अत्यधिक बढ़ जाने से स्कैल्प की प्राकृतिक नमी का संतुलन बिगड़ जाता है। पसीने और चिपचिपाहट के कारण धूल-मिट्टी के कण सिर की त्वचा पर आसानी से चिपक जाते हैं। यही वजह है कि मानसून में लोगों को अक्सर सिर में लगातार खुजली, छोटे-छोटे दानों का उभरना, जिद्दी डैंड्रफ और बाल झड़ने की शिकायत रहती है। कमजोर पड़ चुकी जड़ों के कारण बाल मामूली खींचतान में भी टूटने लगते हैं। इन सभी परेशानियों से निजात पाने के लिए जरूरी है कि बालों को हल्का लेकिन गहराई से पोषण देने वाला तेल लगाया जाए, जो स्कैल्प को इंफेक्शन से सुरक्षित रख सके।
मानसून में बालों के लिए 4 बेहतरीन हेयर ऑयल
1. टी ट्री ऑयल के साथ नारियल का तेल: नारियल तेल अपनी हल्की बनावट के कारण बालों की जड़ों तक गहराई से समा जाता है। हालांकि, मानसून के दौरान सिर्फ सादा नारियल तेल लगाने के बजाय उसमें 2 से 3 बूंदें टी ट्री एसेंशियल ऑयल की मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए। टी ट्री ऑयल में शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। यह मिश्रण बारिश के मौसम में होने वाले डैंड्रफ को खत्म करता है और सिर की त्वचा को किसी भी तरह के इंफेक्शन से दूर रखता है।
2. नीम का तेल: यदि मानसून के मौसम में आपके सिर में लगातार खुजली महसूस होती है, छोटे दाने निकल आए हैं या जिद्दी डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है, तो नीम का तेल एक बेहद प्रभावी उपाय साबित होता है। नीम में मौजूद प्राकृतिक औषधीय गुण स्कैल्प को पूरी तरह साफ और रोगाणु मुक्त रखने में मदद करते हैं। नीम के तेल को हमेशा बादाम या नारियल के तेल में मिलाकर ही सिर पर लगाना चाहिए।
3. जोजोबा ऑयल: जोजोबा ऑयल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बनावट हमारे स्कैल्प से प्राकृतिक रूप से निकलने वाले तेल से काफी मिलती-जुलती है। यह तेल बहुत ही हल्का और नॉन-ग्रीसी होता है। यह बालों को बिना किसी चिपचिपाहट के अंदर तक नमी और पोषण प्रदान करता है। रूखे, फ्रिजी और आपस में उलझे हुए बालों को सुलझाने और उनमें नमी को लॉक करने के लिए जोजोबा ऑयल सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
4. बादाम का तेल: प्रचुर मात्रा में विटामिन ई से भरपूर बादाम का तेल भी काफी हल्का होता है और इसे लगाने से बाल बिल्कुल भी चिपचिपे नहीं लगते। यह तेल कमजोर और बेजान हो चुके बालों की संरचना को मजबूत बनाता है। बारिश के मौसम में बालों के टूटने और झड़ने की रफ्तार को धीमा करने में बादाम का तेल काफी मददगार साबित होता है।
मानसून में तेल लगाने का सही तरीका
बरसात के मौसम में सिर्फ सही तेल चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से लगाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गलत तरीके से तेल लगाने पर बालों को फायदे की जगह नुकसान पहुंच सकता है।
तेल को हल्का गुनगुना करें: सिर में तेल लगाने से पहले उसे थोड़ा सा गुनगुना कर लें। हल्का गर्म तेल लगाने से स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और तेल के पोषक तत्व जड़ों में आसानी से समा जाते हैं।
कम समय के लिए ही लगाएं: बारिश के दिनों में रात भर सिर में तेल लगाकर छोड़ने की गलती कभी न करें। बालों में शैम्पू करने से ठीक 1 से 2 घंटे पहले ही तेल लगाएं। रात भर तेल लगाए रखने से हवा की नमी और धूल सिर पर चिपक जाती है, जिससे डैंड्रफ और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
उंगलियों के पोरों से हल्की मालिश करें: सिर की मालिश करते समय ज्यादा जोर न लगाएं। उंगलियों के पोरों की मदद से बिल्कुल हल्के हाथों से मसाज करें। मानसून के मौसम में बालों की जड़ें पहले से ही कमजोर होती हैं, इसलिए तेज मालिश करने से बाल ज्यादा टूट सकते हैं।



















